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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 01, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Himachal: भारी बारिश में शिक्षा विभाग और प्रशासन ने किया भ्रमित, शिक्षक स्कूल पहुंचे तो जारी हो गया छुट्टी व ऑनलाइन पढ़ाई का आदेश

Published: Mon, 01 Sep 2025 12:16 PM (IST)

Himachal Pradesh School Closure मंडी जिला प्रशासन के भारी वर्षा के बीच उलझन भरे आदेशों ने शिक्षकों और विद्यार्थियों को ...और पढ़ें

शिक्षा विभाग की ओर से सुबह जारी आदेश।
शिक्षा विभाग की ओर से सुबह जारी आदेश।

जागरण संवाददाता, मंडी। Himachal Pradesh School Closure, हिमाचल प्रदेश में भारी वर्षा के बीच मंडी जिला प्रशासन के उलझन भरे आदेशों ने सोमवार को शिक्षकों और विद्यार्थियों दोनों को असमंजस में डाल दिया। यह स्थिति जिला मंडी ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश में रही, क्योंकि लगभग हर जिले में शिक्षक स्कूल पहुंच गए थे।

रविवार देर रात जिला प्रशासन ने अति वर्षा के रेड अलर्ट को देखते हुए आदेश जारी कर दिए कि सोमवार को जिलेभर के सभी स्कूल बंद रहेंगे। आदेश सुनकर बच्चों और अभिभावकों ने राहत की सांस ली।

लेकिन, प्रशासन ने छुट्टी की घोषणा के साथ ही शिक्षा सचिव का दो जुलाई का पुराना आदेश भी जोड़ दिया, जिसमें कहा गया था कि शिक्षक विद्यालय में उपस्थित रहकर अपनी ड्यूटी निभाएंगे।

जान जोखिम में डालकर स्कूल पहुंच गए शिक्षक

परिणामस्वरूप, सोमवार सुबह जैसे-तैसे शिक्षक भारी वर्षा और खराब मौसम के बावजूद जान जोखिम में डालकर स्कूल पहुंच गए। कई जगह सड़कों पर भूस्खलन और नालों में उफान की स्थिति रही, लेकिन फिर भी शिक्षक आदेशों का पालन करने में पीछे नहीं हटे। 

सुबह नौ बजे आ गया शिक्षकों को छुट्टी व ऑनलाइन कक्षा का आदेश

इसी बीच, सोमवार सुबह करीब नौ बजे प्रशासन की “नींद” खुली और एक नया फरमान जारी किया गया कि शिक्षकों को स्कूल न आकर अपने घर से ही ऑनलाइन कक्षाएं लगाने का निर्देश दिया जाता है। अब सवाल यह उठता है कि जब शिक्षक पहले ही कठिनाइयों का सामना करते हुए विद्यालय पहुंच गए थे, तब इस तरह के आदेश की ज़रूरत किसे थी?

पहले हो जाते आदेश तो न होती उलझन

अध्यापकों का कहना है कि प्रशासनिक उलझन ने उन्हें न केवल परेशान किया, बल्कि अनावश्यक खतरे में भी डाला। "यदि पहले ही साफ आदेश जारी कर दिए जाते तो हमें इस स्थिति से नहीं गुजरना पड़ता।

अभिभावक बोले, भ्रमितकारी स्थिति ठीक नहीं

अभिभावकों का भी कहना है कि इस तरह की भ्रमितकारी स्थिति का सीधा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ता है। छुट्टी की घोषणा करने के बावजूद ऑनलाइन कक्षाओं का अचानक आदेश जारी करना अपने आप में प्रशासन की तैयारी और समन्वय पर सवाल खड़े करता है।

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लोग बोले, प्रशासन भी मौसम की तरह भ्रमित

जनता का कहना है कि प्राकृतिक आपदा की घड़ी में प्रशासन से अपेक्षा होती है कि वह स्पष्ट और ठोस निर्णय ले, ताकि जनता, विशेषकर विद्यार्थी और शिक्षक, अनावश्यक कठिनाइयों से बच सकें। लेकिन मंडी में जारी आदेशों ने यह साबित कर दिया कि जिला प्रशासन भी मौसम की तरह ही भ्रमित दिखाई दे रहा है।

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