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Himachal News: पंचायत प्रधान का ऑडियो वायरल, ...मुझे 500 रुपये प्रति टिपर चाहिए; तुम भी कमाओ और मुझे भी कमाने दो

Published: Mon, 29 Sep 2025 11:58 AM (IST)Updated: Mon, 29 Sep 2025 12:00 PM (IST)

Himachal Pradesh Panchayat News मंडी जिले के सरकाघाट में एक पंचायत प्रधान का ऑडियो वायरल हुआ है जिसमें रेत-बजरी सप्लाई ...और पढ़ें

जिला मंडी की एक पंचायत प्रधान का ऑडियो वायरल हुआ है। प्रतीकात्मक फोटो
जिला मंडी की एक पंचायत प्रधान का ऑडियो वायरल हुआ है। प्रतीकात्मक फोटो

जागरण संवाददाता, मंडी। हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज चुनाव से पहले एक पंचायत प्रधान का वायरल ऑडियो सामने आया है। जिला मंडी जिले के सरकाघाट उपमंडल की एक पंचायत में रेत-बजरी की सप्लाई के नाम पर कथित कमीशन मांगने का मामला है।

इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हुए एक आडियो ने पंचायत व्यवस्था की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि महिला प्रधान ने सप्लायर से 500 रुपये प्रति टिपर देने की मांग की अन्यथा बिल पास न करने की चेतावनी दी है।

एक स्कूटी तक नहीं खरीद पाई, तुम भी कमाओ और मुझे भी कमाने दो

इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो रहे इस ऑडियो क्लिप में महिला प्रधान कह रही हैं कि वह तीन साल में एक स्कूटी तक नहीं खरीद पाईं। सप्लायर से कह रही हैं कि तुम भी कमाओ व मुझे भी कमाने दो। इसलिए यह काम तुम्हें दिया है। टीए (तकनीकी सहायक) से बिल मैं खुद पास करवा लूंगी, आप चिंता मत करो।

प्रधान ने अन्य प्रधानों की तुलना में कम कमीशन मांगने की भी बात कही। आडियो वायरल होने के बाद क्षेत्र में कई तरह की चर्चाओं का बाजार गर्म है। 

प्रति टिपर 500 रुपये कमीशन की मांग

दलीप नामक एक व्यक्ति ने सरकाघाट की एक पंचायत में रेत बजरी की सप्लाई का टेंडर लिया था। पंचायत प्रधान रेट अधिक होने तथा प्रति टिपर 500 रुपये कमीशन मांगती हुई आडियो में साफ सुनाई दे रही हैं। टीए यानी तकनीकी सहायक का तबादला करवाने की बात भी आडियो में सामने आई है। यह आडियो खुद ठेकेदार दलीप ने बनाई है।

कमीशन न देने पर रोके चार लाख रुपये के बिल

उसका कहना है कि कमीशन न देने पर प्रधान ने करीब चार लाख रुपये के बिल रोक रखे हैं। अब रेत-बजरी के प्रति टिपर पर 500 रुपये की कमीशन मांग रही है। वहीं, पंचायत प्रधान ने कई बार काल करने के बाद भी फोन उठाना उचित नहीं समझा।

लोग उठा रहे सवाल

इंटरनेट मीडिया पर लोग पंचायत प्रतिनिधियों पर सवाल उठा रहे हैं कि सरकारी योजनाओं और कामकाज में जनता के पैसे का किस तरह गोलमाल हो रहा है। स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन से इस पूरे प्रकरण की जांच की मांग की है।

विभाग ने तैयार की रिपोर्ट

पंचायती राज विभाग के सूत्रों ने बताया कि मामले को संज्ञान में लिया गया है और आवश्यक कार्रवाई के लिए रिपोर्ट तैयार की जा रही है। 

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