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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 28, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Himachal News: 66 लोगों के विरुद्ध तिरंगे के अपमान का केस, जयराम ठाकुर बोले, आपदा में फौरी राहत के बजाय फौरी FIR

Published: Mon, 28 Jul 2025 02:28 PM (GMT+05:30)

Himachal Pradesh News नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश सरकार पर आपदा पीड़ितों पर FIR दर्ज करने पर हमला ...और पढ़ें

थुनाग में मंत्री का विरोध व पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर।
थुनाग में मंत्री का विरोध व पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर।

HighLights

  1. आपदा पीड़ितों पर केस दर्ज करने पर भड़के जयराम ठाकुर
  2. बोले, फौरी राहत नहीं, फौरी एफआइआर कर रही सरकार
  3. थुनाग में मंत्री की गाड़ी पर फेंके थे काले कपड़े व जूते।

जागरण संवाददाता, मंडी। Himachal Pradesh News, हिमाचल प्रदेश में प्राकृतिक आपदा से त्रस्त लोगों को राहत पहुंचाने के बजाय प्रदेश सरकार की ओर से उन पर एफआइआर दर्ज करने को लेकर नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि सरकार ने फौरी राहत देने के बजाय फौरी एफआइआर का रास्ता चुन लिया है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

66 लोगाें के विरुद्ध जोड़ी धाराएं

सराज के थुनाग क्षेत्र में प्रदर्शन कर रहे 66 आपदा प्रभावितों पर पुलिस ने तीन मामले दर्ज किए हैं। इन मामलों में राष्ट्रीय ध्वज के अपमान जैसी गंभीर धाराएं भी जोड़ी गई हैं। उन्होंने कहा कि आहत व पीड़ित लोगों की आवाज को दबाने के लिए उन पर गंभीर धारा लगाना सरकार की तानाशाही सोच को दर्शाता है।

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राहत न मिलने पर राजस्व मंत्री का किया था विरोध

तीन दिन पहले जब राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने थुनाग पहुंचे थे, तो आक्रोशित लोगों ने उन्हें काले झंडे दिखाए, उनकी गाड़ी पर जूते फेंके थे व घेराव भी किया था। स्थानीय लोगों का आरोप था कि सरकार ने अब तक न तो मुआवजा दिया, न पुनर्वास की ठोस योजना बनाई है। बागबानी एवं वानिकी कालेज थुनाग को शिफ्ट करने को लेकर लोग रोष जता रहे थे।

राहत पहुंचाने पर ध्यान केंद्रित करे सरकार न कि डराने पर

पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने प्रश्न किया कि जिन लोगों के घर बह गए, खेत उजड़ गए व जो सड़क से कटे हुए हैं, अगर वे अपना दुख प्रकट कर रहे हैं तो क्या वह अपराध है? उन्होंने मांग की कि सभी एफआइआर तुरंत रद् की जाएं व सरकार लोगों को राहत पहुंचाने पर ध्यान केंद्रित करे, न कि उन्हें डराने पर। 

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नया विवाद बनकर उबरा यह मामला

प्रदेश की राजनीति में यह मामला नया विवाद बनकर उबरा है। विपक्ष सरकार की संवेदनहीनता को लेकर हमलावर हो गया है। वहीं, सत्ता पक्ष की ओर से भी इस मामले में कड़े तेवर दिखाए जा रहे हैं। शिमला में सोमवार सुबह भी मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई करने की बात कही है।

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