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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 31, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Radha Ashtami: राधा अष्टमी पर नड्डी डल में उमड़े श्रद्धालु, मणिमहेश झील में स्नान जितना पुण्य होता है प्राप्त

Published: Sun, 31 Aug 2025 01:41 PM (IST)

Naddi Dal Lake हिमाचल प्रदेश में मणिमहेश यात्रा पर रोक के कारण राधा अष्टमी पर धर्मशाला के नड्डी डल झील ...और पढ़ें

नड्डी डल लेक में सुबह चार बजे पूजा करते लोग व झील में स्नान के लिए प्रबंध। जागरण
नड्डी डल लेक में सुबह चार बजे पूजा करते लोग व झील में स्नान के लिए प्रबंध। जागरण

संवाद सहयोगी, धर्मशाला। Naddi Dal Lake, हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के कारण हुई तबाही के बाद इस बार मणिमहेश यात्रा पर रोक लगा दी गई। इस कारण धर्मशाला के नड्डी में स्थित डल झील में राधा अष्टमी पर लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। दोपहर बाद तक सैकड़ों लोगों ने नड्डी डल झील में आस्था की डुबकी लगाई। 

बताया जाता है कि नड्डी डल झील में स्नान का मणिमहेश झील में स्नान जितना पुण्य मिलता है। इस बार मणिमहेश न पहुंच पाने वाले श्रद्धालु नड्डी डल का रुख कर रहे हैं।

रविवार को राधाष्टमी पर दोपहर तक करीब सात लोग आस्था की डुबकी लगा पुण्य फल अर्जित कर चुके हैं। सुबह चार बजे ब्रह्ममुहूर्त पर वूल फेडरेशन के अध्यक्ष मनोज ठाकुर ने श्रीदुर्वेश्वर महादेव मंदिर डल लेक में पूजा की और उसके बाद पवित्र स्नान भी किया। वहीं दोपहर को उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने पूजा की है।

श्री दुर्वेश्वर महादेव मंदिर डल लेक के पं. सुभाष ने बताया कि हालांकि राधाष्टमी स्नान बीते शनिवार की रात 11 बजे से शुरू हो गया था। लेकिन डल झील स्थित मंदिर में ब्रह्ममुहूर्त के साथ पूजा की गई है। जिसमें वूल फेडेरेशन के अध्यक्ष मनोज ठाकुर भी शामिल रहे। मनोज ठाकुर ने पूजा करने के साथ पवित्र स्नान भी किया।

सुबह चार बजे ब्रह्ममुहूर्त में शुरू हुआ स्नान

वहीं, मंदिर ट्रस्टी सूरज ने बताया कि पवित्र स्नान सुबह चार बजे ब्रह्ममुहूर्त के साथ शुरू हो गया था और दोपहर 12 बजे तक करीब सात सौ श्रद्धालु पवित्र स्नान कर चुके हैं। सुबह के समय वर्षा के कारण भी कम संख्या में श्रद्धालु पहुंचे हैं, लेकिन अब मौसम थोड़ा खुला है और श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने की उम्मीद है।

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एसडीआरएफ व पुलिस कर्मी तैनात

प्रशासन की ओर से भी एसडीआरएफ और गोतखोर की टीमें और पुलिस कर्मी व होमगार्ड भी सेवाएं दे रहे हैं, ताकि किसी श्रद्धालु को कोई असुविधा का सामना न करना पड़े।

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