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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 04, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

कांगड़ा में एंबुलेंस कर्मचारी सड़कों पर उतरे, उचित वेतन और सुविधाओं की मांग

Published: Sat, 04 Oct 2025 05:28 AM (IST)Updated: Sat, 04 Oct 2025 06:29 AM (IST)

कांगड़ा में 108 और 102 एंबुलेंस कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर धर्मशाला में प्रदर्शन किया। उन्होंने उचित वेतन ओवरटाइम ...और पढ़ें

धर्मशाला में सड़क पर उतरे 108 व 102 एंबुलेंस कर्मी। फोटो जागरण
धर्मशाला में सड़क पर उतरे 108 व 102 एंबुलेंस कर्मी। फोटो जागरण

HighLights

  1. एंबुलेंस कर्मियों का धर्मशाला में प्रदर्शन |
  2. उचित वेतन और सुविधाओं की मांग |
  3. मांगें पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी |

संवाद सहयोगी, धर्मशाला। अपनी मांगों के समर्थन में 108 और 102 एंबुलेंस कर्मी शुक्रवार को सड़क पर उतर आए। हिमाचल प्रदेश 108/102 कर्मचारी यूनियन (संबंधित सीटू) के आह्वान पर जिला कांगड़ा के कर्मचारियों ने धर्मशाला में प्रदर्शन किया।

उन्होंने कहा कि 12 वर्ष से स्वास्थ्य विभाग में आपातकालीन एंबुलेंस सेवाएं देने के बावजूद उन्हें न उचित वेतन मिल रहा है और न मूलभूत सुविधाएं। 2021 में ठेका जीवीके-ईएमआरआई से बदलकर मेड्सवैन फाउंडेशन को दिया गया, तब से हालात और गंभीर हो गए हैं।

हर दिन 12 घंटे ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों को न ओवरटाइम दिया जाता है और न छुट्टियों व ईएसआई-ईपीएफ जैसी सुविधाओं का लाभ। पूर्व कंपनी ने भी न ग्रेच्युटी दी और न छंटनी भत्ता, जबकि नई कंपनी भी वैसा ही कर रही है।

इस दौरान कर्मचारियों ने 12 सूत्रीय मांगें सरकार के समक्ष रखी। इनमें न्यूनतम वेतन का भुगतान, 12 घंटे ड्यूटी पर डबल ओवरटाइम, नियमानुसार छुट्टियां, बीमार होने पर पूर्ण वेतन, गाड़ियों की सही मेंटेनेंस व इंश्योरेंस, श्रम न्यायालयों के आदेश लागू करना, यूनियन नेताओं की प्रताड़ना बंद करना, ईपीएफ व ईएसआई की त्रुटियां दूर करना, वेतन में हर वर्ष 10 प्रतिशत वृद्धि और सेवा निरंतरता और बकाया ग्रेच्युटी व छटनी भत्ता दिलाना शामिल है।

कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं की तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उधर विभाग ने हड़ताल को देख चालकों की वैकल्पिक व्यवस्था कर रखी थी। विभागीय चालकों सहित राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य मिशन के चालकों की सेवाएं भी ली गईं।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी कांगड़ा डा. विवेक करोल ने बताया कि चालकों की वैकल्पिक व्यवस्था की गई थी। उन्होंने दावा किया कि हड़ताल के बावजूद अतिरिक्त चालकों की बनाई व्यवस्था से कहीं पर भी सेवाएं प्रभावित नहीं हुईं।

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