केलंग, जागरण संवाददाता। Lahaul Cloud Burst, हिमाचल प्रदेश में आफत की बारिश ने कहर मचा दिया है। जनजातीय जिला लाहुल-स्पीति की लाहुल घाटी में बादल फटने से नालों में आई बाढ़ में दस लोग बह गए। इनकी तलाश में हिमाचल पुलिस और आइटीबीपी जवानों ने सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। बुधवार सुबह तोजिंग नाले में दो लोगों के शव बरामद कर लिए गए हैं। आपदा प्रबंधन निदेशक सुदेश मोख्‍टा ने बताया मजदूरों के दो टेंट और एक जेसीबी मशीन व एक गाड़ी भी बाढ़ की चपेट में आई है। इसके अलावा एक 19 वर्षीय एक युवक घायल हुआ है, जिसे प्रशासन ने अस्‍पताल पहुंचा दिया है। 19 वर्षीय मोहम्‍मद अलताफ जम्‍मू कश्‍मीर का रहने वाला है। बचाव दल ने 38 वर्षीय  सेना के जवान मोहन सिंह पुत्र लाल चंद निवासी उदयपुर को भी रेस्‍क्‍यू किया है।

चार शव बरामद

बचाव दल ने मलबे से चार लोगों के शव निकाल लिए हैं। इनमें 62 वर्षीय शेर सिंह पुत्र गोला राम निवासी धमसोई, पंचायत टकोली जिला मंडी, 41 वर्षीय रूम सिंह पुत्र कृष्‍ण कुमार निवासी धमसोई पंचायत टकाेली जिला मंडी, 50  वर्षीय मेहर चंद पुत्र लुहारू राम व 42 वर्षीय नीर्थ राम पुत्र तुआरसू राम निवासी टकोली मंडी शामिल हैं।

जिला मुख्यालय केलंग से 10 किलोमीटर दूर ठोलंग गांव के समीप तोजिंग नाले में आई बाढ़ से यह नुकसान हुआ है। बीआरओ 94 आरसीसी के चार लोग, एयरटेल वीटीएल के दो मजदूर, गाड़ी में पांगी किलाड़ की ओर जा रहे सात लोग, जिनमें तीन को बचा लिया है तथा एक को कुल्लू रेफर कर दिया गया है। मोहन सिंह (38) पुत्र लाल चंद ग्राम छटिंग, उपमंडल उदयपुर गंभीर रूप से घायल हो गया है, जिसका केलंग में उपचार चल रहा है। मोहन के परिवार के सदस्यों को बचा लिया गया है और जाहलमा भेज दिया गया है। मोबाइल कनेक्टिविटी उदयपुर तक पूरे खंड में बाधित है। हालांकि एयरटेल नेटवर्क अभी उदयपुर में काम कर रहा है।

पार्वती नदी में चार बहे

जिला कुल्‍लू की पार्वती नदी में अचानक जलस्‍तर बढ़ने से किनारे से गुजर रहे मां और बेटा सहित व एक स्‍थानीय व्‍यक्ति सहित गाजियाबाद की महिला बह गए। 25 पूनम अपने चार साल के बेटे निकुंज के साथ किनारे से गुजर रही थी, तभी अचानक पानी बढ़ने से वह बहाव की चपेट में आ गए।

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शिमला के गुम्‍मा गांव में पुल और गाडि़यां बहीं

शिमला की चिड़गांव तहसील के गुम्‍मा गांव में भी बादल फटा है। यहां बादल फटने से गांव को जोड़ने वाला पुल बह गया है, जबकि चार वाहन भी बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। इसके अलावा शिमला में शहर में भूस्‍खलन के कारण दो बहुमंजिला भवनों पर खतरा मंडराने लगा है।

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डीसी लाहुल स्पीति द्वारा एनडीआरएफ यूनिट की मांग की है। वे भी घटना स्थल की ओर रवाना हो गए हैं। एसपी मानव वर्मा ने बताया कि डीएसपी के नेतृत्व में बचाव दल डीडीएमए, आईटीबीपी और बीआरओ के कर्मियों के साथ मौके पर डटे हुए हैं।

जाहलमा में पुल बह गया

जाहलमा पुल बह गया है। उदयपुर का केलंग से संपर्क कट गया है। जाहलमा नाले में बाढ़ से जाहलमा, गोहरमा, फुडा, कोठी व रपडिंग गांवों में दहशत फैल गई है। बादल फटने से केलंग के साकस नाले सहित, बिलिंग, लौट, शांशा, जाहलमा, कमरिंग व थिरोट नाले में बाढ़ आ गई। जाहलमा व साकस नाले में पानी अधिक आने से बीआरओ सहित किसानों बागवानों को भारी नुकसान हुआ है। नाले में बाढ़ से मनाली-लेह मार्ग अवरुद्ध हो गया। प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए केलंग व जिस्पा में पर्यटकों को रोक दिया।

काजा जा रहे वाहन छतड़ू में फंसे

वहीं, काजा मार्ग पर छोटा दड़ा नाले में बाढ़ से काजा से आ रहे वाहन बातल व मनाली-ग्राम्फू से काजा जा रहे वाहन छतड़ू में फंस गए हैं। बीआरओ कमांडर कर्नल उमा शंकर ने बताया कि नालों में आई बाढ़ से बीआरओ को भारी नुकसान हुआ है। लेह मार्ग जल्द बहाल हो जाएगा, जबकि उदयपुर व काजा मार्ग बहाली में समय लग सकता है।

एसपी लाहुल स्पीति मानव वर्मा ने बताया कि पर्यटकों को सुरक्षित स्थान पर ठहरा दिया है। पटन घाटी में जाहलमा पुल बह गया है जिससे केलंग उदयपुर के बीच वाहनों की आवाजाही अवरुद्ध हो गई है। परिस्थितियों पर नजर रखी जा रही है।

मंडी-मनाली हाईवे बंद, प्रशासन और मंत्री भी फंसे

मंडी कमांद कटौला मार्ग काढ़ी के पास भूस्खलन से बंद हो गया है। कुल्लू-मनाली का पूरी तरह से संपर्क कट गया है। लाहुल स्पीति के जिला मुख्यालय केलंग से सिर्फ कुल्लू के लिए मार्ग बहाल है, अन्य सभी मार्ग बंद हो गए हैं। डीसी लाहुल नीरज कुमार व अन्य अधिकारी काजा में फंसे हुए हैं। मंगलवार को काजा में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का कार्यक्रम होने के कारण सभी अधिकारी काजा गए हुए थे। तकनीकी शिक्षा मंत्री डाक्‍टर रामलाल मार्कंडेय बातल में फंस गए हैं, वह उदयपुर वापस जा रहे थे। ब्‍यास नदी में पानी की आवक 30000 क्यूसिक तक पहुंच गई है। बीबीएमबी के पंडोह बांध से 22 हजार क्‍यूसिक पानी छोड़ा गया है।

Edited By: Rajesh Kumar Sharma