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हिमाचल: विधायक हंसराज पर शोषण के आरोप लगाने वाली युवती और BJP पदाधिकारी का क्या संबंध? Viral Video के बाद गरमाई सियासत

By Suresh Thakur Edited By: Rajesh Sharma
Published: Tue, 09 Dec 2025 04:51 PM (IST)

चंबा जिले के चुराह में भाजपा की अंदरूनी कलह खुलकर सामने आ गई है। वायरल वीडियो में भाजपा एससी मोर्चा ...और पढ़ें

चुराह से विधायक हंसराज और भाजपा पदाधिकारी नरेश रावत। जागरण आर्काइव

चुराह से विधायक हंसराज और भाजपा पदाधिकारी नरेश रावत। जागरण आर्काइव

HighLights

  1. चुराह भाजपा में गुटबाजी खुलकर सामने आई

  2. वायरल वीडियो में भाजपा नेता पर आरोप

  3. आरोप लगाने वाली युवती का मामला गरमाया

सुरेश ठाकुर, चंबा। हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में सियासत गरमा गई है। चंबा के चुराह विधानसभा क्षेत्र में भाजपा की लंबे समय से सुलगती अंदरूनी लड़ाई अब पूरी तरह सड़क पर आ चुकी है। जिस तनाव को पार्टी नेतृत्व वर्षों से स्थानीय मतभेद कहकर नजरंदाज करता रहा, वह अब एक वायरल वीडियो के बाद इंटरनेट मीडिया पर जगजाहिर हो गया है।

भाजपा विधायक डा. हंस राज पर लगे आरोपों के बीच अचानक सामने आया वह वीडियो, जिसमें भाजपा एससी मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष नरेश रावत आरोप लगाने वाली युवती को रात दो बजे चंबा के एक होटल में छोड़ते हुए दिखाई देते हैं।

सिर्फ एक व्यक्तिगत घटना का प्रमाण नहीं, यह भाजपा के भीतर गहराती गुटबाजी, सत्ता संघर्ष और आपसी अविश्वास का खुला दस्तावेज बन चुका है। इस प्रकरण ने साफ कर दिया है कि चुराह में भाजपा दो समानांतर पटरियों पर चल रही है। 

जिस समय युवती ने महिला थाना में शिकायत दर्ज करवाई, उसी रात उसे पार्टी के प्रदेश स्तरीय पदाधिकारी की ओर से होटल ले जाना महज संयोग भर नहीं लगता। यह घटना चुराह भाजपा के भीतर चल रही उस खामोश जद्दोजहद की पुष्टि करती है, जिसमें व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाएं अब संगठनात्मक प्राथमिकताओं से कहीं आगे निकल चुकी हैं।

...समस्या अब स्थानीय नहीं रही

हाईकमान से लेकर जिला संगठन तक सबको यह संदेश मिल गया है कि समस्या अब स्थानीय नहीं रही। यह संगठनात्मक असंतुलन का बड़ा संकेत बन चुकी है। विपक्ष के लिए यह मामला भाजपा की खामियों को उजागर करने का बड़ा हथियार बन गया है, पर असल चुनौती भाजपा के अंदर ही है।

एक विधायक, दो गुट और कई सवाल

चुराह भाजपा लंबे समय से दो गुटों में बंटी मानी जाती रही है। एक खेमा विधायक के साथ खड़ा है, दूसरा भीतर ही भीतर असंतोष पाले बैठा है। वीडियो के बाद यह विभाजन अब छिपा नहीं रहा। सवाल यह है कि संगठन ने समय रहते इन दरारों को क्यों नहीं भरा?

क्या कहते हैं नरेश रावत

भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष नरेश रावत का कहना है कि उस रात मैं आपातकालीन सेवा एंबुलेंस के साथ चंबा मेडिकल कॉलेज में उपस्थित था, जहां पीड़ित युवती का चिकित्सकीय परीक्षण चल रहा था। इसी दौरान युवती ने अपने पिता को फोन कर सूचित किया कि नरेश रावत भी यहां मौजूद हैं। तत्पश्चात, उसके पिता ने उसी फोन से मुझसे बात करते हुए आग्रह किया कि उनकी बेटी अकेली है। इसलिए कृपया उसे सुरक्षित रूप से होटल तक पहुंचाने में सहायता करें।

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मेडिकल परीक्षण पूर्ण होते ही मैं, महिला पुलिस कांस्टेबल के साथ, पीड़िता को होटल तक छोड़ आया। ऐसे में निराधार आरोप प्रतिपादित कर मेरे नाम को कानूनी कार्रवाई से जोड़ना न केवल अनुचित है, बल्कि भ्रामक भी है। मैं हंस राज के कृत्यों के सख्त खिलाफ हूं। एक समाजसेवी होने के नाते और क्योंकि पीड़िता का पिता भाजपा का कार्यकर्ता है, उसका साथ देना मेरा नैतिक कर्तव्य भी है।

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