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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 02, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

School Reopen Update: गुरुग्राम, फरीदाबाद और रेवाड़ी-सोनीपत समेत एनसीआर के शहरों के स्कूल बंद, शिक्षकों के लिए गाइडलाइन जारी

By Jp YadavEdited By:
Published: Fri, 02 Jul 2021 07:23 AM (IST)Updated: Fri, 02 Jul 2021 11:44 AM (IST)

School Reopen Update 2021 News विद्यार्थियों के लिए स्कूल 15 जुलाई तक बंद रहेंगे लेकिन शिक्षकों के साथ शिक्षणेत्तेर कर्मचारियों ...और पढ़ें

School Reopen Update: जानें- कब तक बंद रहेंगे रेवाड़ी-सोनीपत समेत एनसीआर के शहरों के सभी स्कूल, शिक्षकों को ये निर्देश
School Reopen Update: जानें- कब तक बंद रहेंगे रेवाड़ी-सोनीपत समेत एनसीआर के शहरों के सभी स्कूल, शिक्षकों को ये निर्देश

सोनीपत/गुरुग्राम/फरीदाबाद, ऑनलाइन डेस्क। कोरोना वायरस (COVID19) महामारी के संभावित खतरे और संभावित तीसरी लहर के मद्देनजर दिल्ली से सटे हरियाणा के जिलों के स्कूलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश (summer vacation) 15 जुलाई तक बढ़ाने का फैसला किया है। गर्मी की छुट्टियां खत्म होने के बाद स्कूलों में ऑनलाइन क्लासेज जारी रहेंगीं। बता दें कि कुछ समय पहले 1 जुलाई से फिर से स्कूल खोलने (School Reopen) पर विचार किया जा रहा था, लेकिन कोरोना के चलते फिलहाल इसे टाल दिया गया है। वहीं, शिक्षकों को ऑनलाइन क्लासेज जारी रखनी होंगी और पूर्व की तरह ही पढ़ाई जारी रहेगी।

15 जुलाई तक बंद रहेंगे स्कूल, पर जारी रहेगी ऑनलाइन क्लासेज

ताजा जानकारी के मुताबिक, कोविड-19 महामारी के कारण गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, पलवल, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़ में सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में 15 जुलाई तक गर्मी की छुट्टियां घोषित की गई  है। बताया जारहा हैकि कोरोना के मौजूदा हालात और संभावित खतरे को देखते हुए स्थिति समीक्षा के बाद गर्मी की छुट्टियों को और 15 दिन के लिए बढ़ा दिया गया है।

जारी रहेंगी ऑनलाइन क्लासेज

विद्यार्थियों के लिए स्कूल 15 जुलाई तक बंद रहेंगे, लेकिन शिक्षकों के साथ शिक्षणेत्तेर कर्मचारियों को स्कूल में रिपोर्ट करना होगा। स्कूल स्टाफ स्कूल जाएगा। इस दौरान छात्र-छात्राओं की ऑनलाइन क्लासेज जारी रहेंगी।

ऐसा बताया जा रहा है कि 1 जुलाई से दिल्ली से सटे हरियाणा के सभी जिलों में स्कूलों को फिर से खोलने का प्लान बनाया गया था। जिसमें कक्षा 9वीं से 12वीं तक के छात्रों को ऑफलाइन क्लासेस के लिए स्कूल बुलाया जाना था, लेकिन कोविड -19 की मौजूदा स्थिति के कारण छात्रों की सुरक्षा के लिए स्कूलों को फिर से बंद रखने का फैसला किया गया है। कुलमिलाकर स्कूलों को खोलने अथवा बंद करने का निर्णय 15 जुलाई को लिया जा सकता है।

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बता दें कि कोरोना वायरस संक्रमण को देखते हुए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के साथ तमाम राज्य सरकारों ने अपने राज्यों में 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं रद कर दी हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि जब कोरोना छात्र-छात्राओं पर संभावित खतरे के मद्देनजर जब 10वीं और 120वीं की परीक्षाएं रद की जा सकती हैं तो स्कूल खोलने का कोई आधार नहीं है। बता दें कि हरियाणा से सटे उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्धनगर और सोनीपत में भी बच्चों के लिए स्कूल बंद हैं, लेकिन शिक्षक ऑनलाइन क्लासेज के लिए 1 जुलाई से स्कूल आ रहे हैं। 

वैश्विक स्तर पर तेजी से आगे बढ़ेगी ऑनलाइन शिक्षा

सोनीपत जिल के गोहाना क्षेत्र के गांव खानपुर कलां स्थित बीपीएस महिला विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजेंद्र अनायत ने कहा कि कोरोना महामारी के चलते बने हालात से स्पष्ट हो गया है कि आने वाले समय में ऑनलाइन शिक्षा वैश्विक स्तर पर तेजी से आगे बढ़ेगी। चुनौतियों का सामना करते हुए हमें इसके लिए समय रहते तैयारियां करनी होंगी। उन्होंने यह बात आनलाइन शिक्षा के नवीनतम रुझानों और आनलाइन शिक्षा के भविष्य विषय पर विचार व्यक्त करते हुए कही। बीपीएस महिला विश्वविद्यालय, यूजीसी एवं मानव संसाधन विकास केंद्र द्वारा ट्रिनिटी महिला कालेज तमिलनाडु के सहयोग से बृहस्पतिवार को आनलाइन 14 दिवसीय-संकाय विकास कार्यक्रम शुरू किया गया।

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शिक्षकों के लिए सबसे बड़ी चुनौती ऑनलाइन शिक्षा के लिए भविष्य के एजेंडे को जगाना

कुलपति प्रो. राजेंद्र अनायत ने ऑनलाइन शिक्षा में नवीनतम रुझानों और ऑनलाइन शिक्षा का भविष्य पर विचार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने तथ्यों और आंकड़ों को साझा करते हुए कहा कि कैसे ऑनलाइन शिक्षा वैश्विक स्तर पर तेजी से आगे बढ़ने वाली है। उन्होंने शिक्षा नीति 2020 पर भी प्रकाश डालते हुए बताया कैसे यह नीति ऑनलाइन शिक्षा को बढ़ावा देती है। उन्होंने पारंपरिक भारतीय शिक्षा के ²ष्टिकोण को आनलाइन तकनीकों के साथ एकीकृत किया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के लिए सबसे बड़ी चुनौती आनलाइन शिक्षा के लिए भविष्य के एजेंडे को जगाना, बनाना और स्थापित करना है। शिक्षकों का कार्य बहुत चुनौतीपूर्ण होगा। आनलाइन कार्यक्रम में देशभर से विभिन्न शिक्षण संस्थानों के 150 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। विश्वविद्यालय में मानव संसाधन विकास केंद्र की निदेशक डॉ. शेफाली नागपाल ने उच्च शिक्षा में शिक्षकों के लिए चुनौतियां और भविष्य की संभावनाओं के बारे में बताया।

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