डेरा सच्चा सौदा की थी अपनी इंटरकॉम एक्सचेंज, बिजली निगम का सब स्टेशन भी था
डेरा सच्चा सौदा में अपनी इंटरकाम एक्सचेंज थी। डेरे में प्रमुख सेवादारों और बिजनेस दफ्तरों में चार डिजिट के नंबर से बातचीत होती थी। ...और पढ़ें
जेएनएन, सिरसा। डेरा सच्चा सौदा में प्रशासनिक स्तर पर सुविधाओं की कभी कोई कमी नहीं रही। बिजली निगम जहां पूरा सब स्टेशन डेरे के नाम कर चुका था, वहीं दूरसंचार विभाग की ओर से भी डेरे में पीआर लाइन दी हुई थी। इससे डेरे के भीतर अपना इंटरकॉम सिस्टम चलता था।
प्रमुख सेवादारों और बिजनेस कार्यालयों में चार डिजिट के नंबर दिए हुए थे, जिनकी आपस में बातचीत मुफ्त रहती थी। डेरे में इन नंबरों की पूरी सीरीज दी हुई है, जिसको भी एक-दूसरी विंग में बातचीत करनी होती थी तो निर्धारित चार नंबरों के जरिये ही बात होती थी।
133 फोन चलते थे डेरे में
सूत्रों के अनुसार डेरे के भीतर 133 फोन चलते थे। जो एडमिनिस्ट्रेटिव विंग, ग्रीन एस वेलफेयर फोर्स विंग, मीडिया विंग सहित अलग-अलग विंग के अलावा डेरे के समाचार-पत्र, मुख्य सेवादारों के कार्यालयों, बिजनेस कंपनियों के कार्यालयों, अस्पताल व अन्य चुनिंदा स्थानों पर लगाए हुए थे। हालांकि बीएसएनएल को पीआर लाइन के लिए निर्धारित चार्ज भी दिया जाता था।
पांच से पचास हजार तक होता है खर्च
बीएसएनएल अधिकारियों के मुताबिक पीआर लाइन किसी बड़ी फर्म को ही दी जाती है। इसके लिए कुछ नियम व शर्तें लागू होती हैं। पीआर लाइन पर पांच से 50 हजार रुपये तक खर्च आता है।
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