अब राम रहीम से पूछ रहा है जेल प्रशासन, अापके बारे में सूचनाएं सार्वजनिक की जाएं या नहीं
पानीपत के आरटीआइ एक्टिविस्ट ने जेल प्रशासन से गुरमीत राम रहीम की दिनचर्या पर जानकारी मांगी है। इस पर प्रशासन ने राम रहीम से पूछा है कि क्या उसके बारे ...और पढ़ें
जेएनएन, चंडीगढ़। साध्वियों के यौन शोषण के दोषी गुरमीत राम रहीम को जेल में खाने को क्या दिया जा रहा है? उसकी दिनचर्या किस तरह की है? इसके साथ ही कुछ अन्य जानकारियां पानीपत के समालखा निवासी आरटीआइ एक्टिविस्ट पीपी कपूर ने रोहतक के सुनारिया जेल अधीक्षक से आरटीआइ के जरिये मांगी, तो डेरा प्रमुख से ही पूछ लिया गया कि इन सूचनाओं की जानकारी दी जाए अथवा नहीं।
डेरा प्रमुख ने अभी सहमति या असहमति नहीं जताई है, लेकिन जेल अधीक्षक ने उससे कहा है कि वह एक सप्ताह में अपनी राय से अवगत करा दे। यह अपने आप में एक अलग ही तरह का मामला है, जब दोषी से पूछा जा रहा कि उसके बारे में सूचनाएं दी जानी चाहिए या नहीं। अमूमन ऐसी सूचनाएं आरटीआई के जवाब में नहीं दी जाती, जिनसे देश की सुरक्षा को खतरा हो।
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आरटीआइ एक्टिविस्ट ने पूछा था कि कैदी गुरमीत को किस श्रेणी की सुविधाएं प्राप्त हैं? उसके खाने का में क्या दिया जाता है? खाने पर खर्च राशि कितनी है? जेल में उसे क्या काम दिया गया है? जेल प्रशासन ने उसे कितने बर्तन, कपड़े, बिस्तर, ड्रेस, कुर्सी, बेड या फर्नीचर दिया है? किस जुर्म में सजा हुई तथा जेल रिकार्ड के अनुसार गुरमीत सिंह का पूरा नाम, पिता का नाम, पता, उम्र, शैक्षिक योग्यता कितनी है?
डेरा प्रमुख 28 अगस्त को जेल गया था और कपूर ने 31 अगस्त को सुनारिया के जेल अधीक्षक से यह सूचनाएं मांगी थी। कपूर के अनुसार जेल अधीक्षक ने इस आवेदन को तृतीय पक्ष का बताते हुए कैदी गुरमीत को आवेदन पत्र की प्रति सौंपकर उससे सात दिन में सहमति या असहमति मांगी है। कपूर ने कहा कि गुरमीत कैदी है और जनता को उसके बारे में जानने का हक है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी और जेल प्रशासन के संरक्षण के चलते जेल अधीक्षक सूचना को सार्वजनिक करने में अडंगे लगा रहे हैं।

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