Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    हरियाणा में भ्रष्ट पटवारियों की अब खैर नहीं! 370 की लिस्ट जारी, तहसीलों में मचा हड़कंप

    Updated: Sat, 18 Jan 2025 09:56 AM (IST)

    हरियाणा सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए राजस्व विभाग के 370 पटवारियों की सूची जारी की है। इन पटवारियों पर जमीन की पैमाइश इंतकाल दर्ज कराने जमीन का सरकारी रिकॉर्ड ठीक करने तथा नक्शे पास कराने के एवज में धनराशि वसूलने का आरोप है। सरकार ने इनमें से 170 पटवारियों की पहचान की है जिन्होंने भ्रष्टाचार के लिए अपने सहायक रखे हैं।

    Hero Image
    हरियाणा सरकार ने जारी की 370 भ्रष्ट पटवारियों की सूची (फाइल फोटो)

    राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने राजस्व विभाग के अंतर्गत काम करने वाले राज्य के 370 ऐसे पटवारियों की सूची जारी की है, जो सरकार की नजर में भ्रष्ट हैं। यह पटवारी गांवों में जमीन की पैमाइश करने, इंतकाल दर्ज कराने, जमीन का सरकारी रिकॉर्ड ठीक करने तथा नक्शे पास कराने की एवज में संबंधित लोगों से धनराशि वसूल करते हैं। राज्य सरकार ने इन 370 पटवारियों में 170 पटवारी ऐसे भी चिह्नित किए हैं, जिन्होंने इन कार्यों और भ्रष्टाचार की राशि वसूल करने के लिए अपने आगे सहायक रखे हुए हैं।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    तहसीलों में हड़कंप की स्थिति

    प्रदेश सरकार द्वारा इतने बड़े पैमाने पर भ्रष्ट कर्मचारियों की लिस्ट पहली बार जारी की गई है। इससे राज्य की सभी तहसीलों में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है।

    तहसीलों में काम करने वाले बाकी कर्मचारियों को इस बात का डर है कि जब राज्य सरकार भ्रष्ट पटवारियों की सूची जारी कर सकती है तो देर-सबेर उनका नंबर भी आ सकता है।

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और राजस्व एवं आपदा मंत्री विपुल गोयल की इस पहल को भ्रष्टाचार वाले सरकारी विभागों के सर्जिकल स्ट्राइक के रूप में देखा जा रहा है।

    भ्रष्ट कर्मचारियों का जवाब 15 दिन में सरकार को भेजने का आदेश

    राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की ओर से सभी जिला उपायुक्तों को इन भ्रष्ट पटवारियों व उनके सहायकों की नाम के साथ सूची भेजी गई है। इस सूची में पटवारियों व उनके सहायकों के नाम के साथ उनका काम करने का एरिया, जाति और गांव भी लिखा है।

    साथ ही, अलग कालम में यह उल्लेख है कि संबंधित पटवारी तथा उसका सहायक भ्रष्टाचार की गतिविधियों को किस तरह से अंजाम देता है। सभी जिला उपायुक्तों को कहा गया है कि इन भ्रष्ट कर्मचारियों से जवाब मांगकर कार्रवाई की 15 दिनों में रिपोर्ट सरकार को भेजें।

    किस जिले में कितने पटवारी व उनके सहायक भ्रष्ट

    जिला पटवारी सहायक
    अंबाला 05 03
    भिवानी 10 04
    दादरी 06 01
    फरीदाबाद 19 03
    फतेहाबाद 25 04
    गुरुग्राम 27 26
    हिसार 13 06
    झज्जर 20 07
    जींद 12 06

    कैथल

    46 07

    करनाल

    07 06

    कुरुक्षेत्र

    23 04

    महेंद्रगढ़

    36 20

    नूंह

    06 03

    पलवल

    17 15

    पंचकूला

    00 00

    पानीपत

    09 03

    रेवाड़ी

    16 15

    रोहतक

    05 01

    सिरसा

    13 07

    सोनीपत

    41 15

    यमुनानगर

    14 14

    कुल

    370 170

    जिन भ्रष्ट पटवारियों की लिस्ट जारी की गई है, उन सभी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के आदेश भी जिला उपायुक्तों व मंडलायुक्तों को दे दिए गए हैं। तहसीलों से भी रिपोर्ट ली जा रही है। पिछले दिनों ही सरकार ने तीन तहसीलदारों को सस्पेंड किया गया था। यह मुहिम आगे भी जारी रहेगी।

    विपुल गोयल, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री, हरियाणा सरकार

    हरियाणा सरकार की यह कार्रवाई पूरी तरह से गलत है और हम इसका विरोध करते हैं। नाम इस तरह से सार्वजनिक नहीं किया जा सकता। किस एजेंसी की रिपोर्ट पर यह लिस्ट तैयार की गई है और क्या सबूत हैं बताना चाहिए। अगर इक्का-दुक्का भ्रष्ट भी होंगे तो बाकी को लपेटना उचित नहीं है। जल्द बड़ा फैसला लेंगे।

    जयवीर सिंह चहल, अध्यक्ष, पटवारी एसोसिएशन हरियाणा

    यह भी पढ़ें- 'मेरा नाम तो नहीं', एक दूसरे से पूछते दिखे पटवारी; नायब सरकार ने जारी की भ्रष्ट पटवारियों की सूची, मचा हड़कंप

    कैथल-सोनीपत में सबसे अधिक भ्रष्टाचारी पटवारी

    हरियाणा सरकार द्वारा तैयार लिस्ट के हिसाब से सबसे अधिक भ्रष्टाचार कैथल और सोनीपत जिलों में है। कैथल के 46 पटवारियों और उनके सात सहयोगियों के नाम लिस्ट में हैं। सोनीपत में 41 पटवारियों और 15 सहयोगियों के नाम हैं।

    भ्रष्ट पटवारियों की पूरी कुंडली लिस्ट में शामिल

    सीआईडी द्वारा फील्ड में लंबा समय लगाने के बाद भ्रष्ट पटवारियों के नाम जारी किए गए हैं। पटवारियों द्वारा रुटीन के कार्यों के लिए मांगी जाने वाली राशि का भी उल्लेख है। सहयोगियों के नाम के साथ उनकी पूरी कुंडली का जिक्र इस लिस्ट में है। कार्रवाई से स्पष्ट है कि इन पटवारियों पर कार्रवाई की गाज गिरनी तय है।

    जानें अब विभाग की ओर से क्या होगी इन पर कार्रवाई

    भ्रष्टाचार में संलिप्त होने की पुष्टि होती है तो उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के तहत कार्रवाई संभव है। आरोप सिद्ध होने पर नौकरी जाने के साथ चार से 20 साल की सजा का प्रविधान है। कानूनविदों के अनुसार, भ्रष्टाचार साबित होने से पहले ऐसे लिस्ट जारी नहीं कर सकते, लेकिन विभाग पुख्ता प्रमाण का दावा कर रहा है।

    अगला निशाना: रजिस्ट्री क्लर्क से लेकर तहसीलदार तक

    राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री विपुल गोयल ने संकेत दिया है कि राज्य की तहसीलों में भी सीएम सैनी की ओर से सर्जिकल स्ट्राइक कराया जा सकता है। कोई तहसील और सब तहसील ऐसी होगी, जहां भ्रष्टाचार नहीं होता। अगली बड़ी कार्रवाई रजिस्ट्री क्लर्कों उसके बाद बाकी स्टाफ और फिर तहसीलदारों व नायब तहसीलदारों का नंबर लगेगा।

    यह भी पढ़ें- नायब सरकार ने अब गेस्ट प्रोफेसरों की नौकरी कर दी पक्की, फ्री उपचार समेत मिलेंगी ये सुविधाएं; कितनी हो जाएगी सैलरी?