हरियाणा में मजदूरों के लिए अच्छी खबर, ठंड से बचाव के लिए मिलेगी हीटर की सुविधा; रसोई का भी होगा इंतजाम
Haryana News हरियाणा में ठंड से बचाव के लिए निर्माण स्थलों पर श्रमिकों के लिए सामुदायिक रसोई और हीटर की व्यवस्था की जाएगी। बिल्डरों और परियोजना संचालकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि श्रमिकों को प्रदूषण मुक्त ईंधन मिले। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों के लिए भी सामुदायिक स्थलों पर हीटर और अन्य सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे।
राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। Haryana News: हरियाणा में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में निर्माण स्थलों, स्टोन क्रशर व खनन कार्यों में लगे श्रमिकों के लिए बिल्डरों और परियोजना संचालकों को सामुदायिक रसोई बनानी होंगी।
इसके साथ ही उन्हें सर्दी से बचाने के लिए हीटर और गर्म पानी सहित अन्य जरूरी सुविधाएं भी उपलब्ध करानी होंगी। इसी तरह सभी रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन को भी सुरक्षा गार्डों, सफाई कर्मचारियों, मालियों और अन्य कर्मचारियों के लिए हीटर का प्रबंध करना होगा।
डायरेक्टर अमित खन्नी ने जारी किए आदेश
निर्माण कार्य में लगे श्रमिकों को प्रदूषण नहीं फैलाने वाले ईंधन के इस्तेमाल की भी अनुमति दी गई है। सामाजिक और गैर सरकारी संगठनों की मदद से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों, झुग्गी-झोपड़ियों और बस्तियों के निकट सामुदायिक स्थलों पर हीटर सहित अन्य सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जा सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट पहले ही इस संबंध में आदेश जारी कर चुका है।
वहीं, एनसीआर में ग्रैप-4 के चलते निर्माण कार्य बंद होने से प्रभावित पंजीकृत श्रमिकों आर्थिक सहायता के लिए 20 दिसंबर तक आवेदन कर सकते हैं।
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प्रदेश सरकार प्रदूषण से प्रभावित श्रमिकों को हर सप्ताह 2539 रुपये देगी। एनसीआर के 14 जिलों में वर्तमान में पौने दो लाख श्रमिकों को निर्वाह भत्ता दिया जा रहा है। यह सहायता राशि सीधे प्रभावित श्रमिकों के बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) के माध्यम से प्रदान की जा रही है।
नगर एवं आयोजना विभाग के कार्यालयों में खुलेंगे क्रेच
नगर एवं आयोजना विभाग के कार्यालयों में क्रेच खोले जाएंगे। इनमें महिला कर्मचारियों के बच्चों को डे-केयर और चाइल्ड केयर सहित अन्य सुविधाएं भी मिलेंगी।
क्रेच में बच्चों के लिए शिक्षक और सहायक नियुक्त किए जाएंगे। न्यूनतम तीन साल के कार्य अनुभव वाली एजेंसी को ही क्रेच संचालन की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। विभाग की ओर से इच्छुक एजेंसियों से आवेदन मांगे गए हैं।
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