कांग्रेस में खलबली! पार्टी के विधायक CM सैनी के साथ साझा कर रहे मंच; गोकुल सेतिया के बाद शैली चौधरी भी आईं नजर
हरियाणा में कांग्रेस की आंतरिक कलह अब विधायकों के लिए परेशानी का सबब बन गई है। सत्तारूढ़ भाजपा इस मौके का फायदा उठा रही है और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी कांग्रेस विधायकों का भरोसा जीतने में सफल हो रहे हैं। कांग्रेस विधायक शैली चौधरी ने दूसरी बार मुख्यमंत्री के साथ मंच साझा किया है। इससे पहले सिरसा के कांग्रेस विधायक गोकुल सेतिया ने भी मुख्यमंत्री की तारीफ की थी।

अनुराग अग्रवाल, चंडीगढ़। हरियाणा में चल रही आंतरिक कलह से अब कांग्रेस विधायक भी तंग आ चुके हैं। सत्तारूढ़ भाजपा कांग्रेस नेताओं की आपसी गुटबाजी का फायदा उठाने का कोई मौका हाथ से नहीं जाने दे रही है।
वहीं, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी धीरे-धीरे कांग्रेस विधायकों का भरोसा जीतने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री की दरियादिली और विपक्ष के विधायकों को सम्मान देने की सोच के चलते कांग्रेस विधायक लगातार भाजपा का राजनीतिक मंच साझा कर रहे हैं।
कांग्रेस विधायक शैली चौधरी ने CM के साथ साझां किया मंच
पिछले करीब डेढ़ माह के भीतर यह दूसरा मौका है, जब नारायणगढ़ की कांग्रेस विधायक शैली चौधरी ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का राजनीतिक मंच साझा किया है। शैली चौधरी से पहले सिरसा के कांग्रेस विधायक गोकुल सेतिया ने मुख्यमंत्री का मंच साझा किया था।
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गोकुल सेतिया ने तो मुख्यमंत्री की उनके मंच से ही तारीफ भी की थी और यहां तक कह दिया था कि यदि कोई मुख्यमंत्री अच्छा काम कर रहा है, तो उन्हें पार्टी लाइन से हटकर उनकी तारीफ करने में कोई परहेज नहीं है। गोकुल सेतिया द्वारा मुख्यमंत्री का मंच साझा करने और उनकी सार्वजनिक तारीफ करने से कांग्रेस के राज्य स्तरीय नेता असहज महसूस करने लगे थे।
गोकुल सेतिया और गोपाल कांडा के राजनीतिक रिश्ते ठीक नहीं
कांग्रेस विधायक गोकुल सेतिया और पूर्व मंत्री गोपाल कांडा में राजनीतिक रूप से छत्तीस का आंकड़ा है। हरियाणा लोकहित पार्टी के अध्यक्ष गोपाल कांडा को केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल तथा मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का करीबी माना जाता है। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के साथ भी गोपाल कांडा के राजनीतिक रिश्ते काफी अच्छे हैं।
गोकुल सेतिया को यह समझ आ गया कि गोपाल कांडा की काट के लिए उन्हें सत्ता के करीब पहुंचना होगा, इसलिए उन्होंने मुख्यमंत्री का मंच साझा करने में ही अपनी भलाई समझी, लेकिन मनोहर लाल अथवा नायब सिंह सैनी ने गोकुल सेतिया का हाथ पकड़ते समय गोपाल कांडा को अपने गले से लगाए रखा, यह उनके राजनीतिक कौशल की तरफ इशारा कर रहा है।
कुमारी सैलजा की खेमे की मानी जाती हैं शैली चौधरी
नारायणगढ़ मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का पुराना विधानसभा क्षेत्र है। नायब सैनी इस बार कुरुक्षेत्र जिले की लाडवा विधानसभा सीट से चुनाव जीते हैं। उन्होंने नारायणगढ़ से लाडवा के पूर्व विधायक डॉ. पवन सैनी को चुनाव लड़वाया था, लेकिन पूर्व मुख्य संसदीय सचिव रामकिशन गुर्जर की धर्मपत्नी शैली चौधरी कांग्रेस की विधायक चुनी गई। शैली चौधरी को कांग्रेस नेत्री कुमारी सैलजा खेमे की माना जाता है, जबकि गोकुल सेतिया पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा खेमे के हैं।
कांग्रेस विधायक शैली चौधरी सोमवार को मुख्यमंत्री के नारायणगढ़ में आयोजित परियोजनाओं के लोकार्पण और उद्घाटन समारोह में शामिल हुई, जिसकी भाजपा व कांग्रेस के राजनीतिक गलियारों में खूब चर्चा बनी हुई है।
मुख्यमंत्री के राजनीतिक सचिव तरुण भंडारी ने संकेत दिए हैं कि कांग्रेस के कई मौजूदा विधायक भाजपा के संपर्क में हैं। कांग्रेस की आपसी कलह से वे तंग आ चुके हैं और जल्दी ही कई विधानसभा क्षेत्रों के कांग्रेस विधायकों को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के मंच पर मौजूद देखा जा सकेगा।
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