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जेएनएन, चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने राज्य की नई कपड़ा नीति को मंजूरी प्रदान करते हुए इस क्षेत्र में पांच हजार करोड़ रुपये के निवेश की संभावना जताई है। कपड़ा नीति के जरिए राज्य में सरकार करीब 50 हजार नए रोजगार पैदा करेगी। साथ ही खादी को बढ़ावा दिया जाएगा तथा महिला उद्यमियों को विशेष रियायत प्रदान की जाएगी। कपड़़ा नी‍ति से नरमा फसल (कपास) की खेती करने वाले किसानों के अच्‍छे दिन आएंगे आैर उनको फायदा होगा।

राज्य की नई कपड़ा नीति को मिली मंजूरी, पांच हजार करोड़ का निवेश होगा

मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्‍यक्षता में मंगलवार रात हुई कैबिनेट की बैठक में वर्ष 2018-19 के लिए कपड़ा नीति को मंजूरी प्रदान की। उद्योग मंत्री विपुल गोयल ने बताया कि नई कपड़ा नीति में वित्तीय प्रोत्साहन दिए गए हैं। इसके तहत टैक्सटाइल पार्क की स्थापना होगी। यह नीति हरियाणा की कपास बेल्ट को ध्यान में रखकर तैयार की गई है।

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कपास उत्पादक सिरसा, फतेहाबाद, भिवानी, हिसार और जींद को होगा लाभ

उद्योग मंत्री के अनुसार, नई कपड़ा नीति में राज्य के कपास उत्पादक जिलों सिरसा, फतेहाबाद, भिवानी, हिसार और जींद को बेहद लाभ होगा। यह क्षेत्र लगभग 10 लाख लोगों को रोजगार देता है और प्रदेश से सालाना तीन अरब डॉलर के रेडीमेड कपड़ों का निर्यात किया जाता है। विपुल गोयल ने बताया कि ए और बी श्रेणी के खंडों मेंं टेक्सटाइल पार्कों में कपड़ा ईकाइयों के लिए 10 फीसद की पूंजी निवेश सब्सिडी का प्रस्ताव है, जो अधिकतर 20 लाख रुपये होगा।

महिला उद्यमियों को 15 और पिछड़े क्षेत्रों में 25 फीसद सब्सिडी

उद्योग मंत्री ने बताया कि महिला उद्यमियों को बढ़ावा देने के लिए 15 फीसद पूंजी सब्सिडी का प्रस्ताव है, जो अधिकतम 25 लाख रुपये होगी। इसका लक्ष्य नीति अवधि के दौरान 20 फीसद की कंपाउंड वार्षिक वृद्घि दर (सीएजीआर) द्वारा कपड़ा निर्यात को बढ़ावा देना है। पिछड़े क्षेत्रों के विकास को बढ़ावा देने के लिए सी और डी श्रेणी के खंडों में पूंजीगत निवेश पर 25 फीसद सब्सिडी का प्रस्ताव है, जो अधिकतम 50 करोड़ रुपये होगी।

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मेवात, फरीदाबाद, हिसार, पानीपत, गुरुग्राम व सिरसा में खुलेंगे कलस्टर

हरियाणा सरकार मेवात जिले में परिधान पार्कों की स्थापना की सुविधा प्रदान करेगी। हिसार जिले में एक एकीकृत टेक्सटाइल पार्क और फरीदाबाद जिले में डायर्स व प्रोसेसर्स के लिए विशेष रूप से टेक्सटाइल पार्क के लिए सहायता प्रदान की जाएगी। पानीपत में कारपेट कलस्टर, गुरुग्राम में गारमेंटिंग कलस्टर और सिरसा में हौजरी कलस्टर स्थापित किए जाएंगे।

अब खेतों में नहीं जलेंगे फसल अवशेष, बायोमास नीति को मंजूरी

हरियाणा कैबिनेट की मीटिंग में बायोमास आधारित परियोजनाओं को प्रोत्साहन देने के लिए हरियाणा बायोमास नीति 2018 को स्वीकृति प्रदान की गई। उद्योग मंत्री विपुल गोयल ने बताया कि इस नीति से खेतों में फसल अवशेष जलाने की समस्या का समाधान होगा।

इस नीति का लक्ष्य वर्ष 2022 तक बायोमास आधारित बिजली उत्पन्न करने के लिए 150 मेगावाट या इसके समान क्षमता की परियोजनाएं स्थापित करना है। बायोमास आधारित परियोजनाएं स्थापित करने के लिए कृषि भूमि के इस्तेमाल की अनुमति दी जाएगी।

 

Posted By: Sunil Kumar Jha

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