लोकसभा के विंटर सेशन से पहले होगा हरियाणा विधानसभा सत्र, नायब सरकार ने राज्यपाल को भेजा पत्र
हरियाणा विधानसभा का शीतकालीन सत्र जल्द बुलाया जाएगा। सीएम सैनी ने कहा कि राज्यपाल को इसके लिए पत्र भेजा गया है। हाल ही में बुलाए गए एक दिवसीय सत्र में शपथ ग्रहण और अध्यक्ष-उपाध्यक्ष का चुनाव हो चुका है। अब नियमित सत्र बुलाया जाएगा। सीएम ने डीएपी की कमी को लेकर भी बातचीत की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में डीएपी की कमी नहीं है।
राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा विधानसभा का शीतकालीन सत्र बहुत जल्द आयोजित किया जाएगा। इसके लिए सरकार की तरफ से राज्यपाल को पत्र भेज दिया गया है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को पंचकूला में पुस्तक मेले के उद्घाटन अवसर पर मीडिया से बातचीत में कहा कि विधानसभा के एक दिवसीय सत्र में विधायकों का शपथ ग्रहण तथा विधानसभा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव हो चुका है।
लोकसभा सत्र से पहले विधानसभा सत्र बुलाने की तैयारी
अब विधिवत रूप से विधानसभा का नियमित सत्र बुलाया जाएगा, जिसमें सभी विधायकों को अपने-अपने हलकों की बात रखने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि हालांकि अभी कोई तिथि निर्धारित नहीं हुई है, लेकिन प्रयास किया जा रहा है कि लोकसभा के सत्र से पहले विधानसभा सत्र का आयोजन किया जाए।
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प्रदेश में पराली को लेकर चल रहे विवाद पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा में पिछले तीन वर्षों में पराली जलाने की घटनाओं में कमी आई है। पिछले वर्ष के मुकाबले इस साल प्रदेश में पराली जलाने के 38 प्रतिशत कम मामले सामने आए हैं।
'किसानों ने शुरू कर दी है वैकल्पिक खेती'
प्रदेश में किसानों ने धान की खेती को छोड़कर वैकल्पिक खेती को अपनाना शुरू कर दिया है। पराली प्रबंधन में भी सरकार के साथ आकर खड़े हुए हैं। किसानों को पराली प्रबंधन के लिए दी जाने वाली मशीनों पर सब्सिडी बढ़ाने को लेकर भी विचार किया जा रहा है।
आने वाले समय में हरियाणा पराली प्रबंधन के मामले में भी शीर्ष पर होगा। उन्होंने कहा कि हमने पराली प्रबंधन को लेकर अच्छा काम किया है और यही कारण है कि पिछले साल सुप्रीम कोर्ट ने भी हरियाणा के पराली प्रबंधन की सराहना भी की थी।
'हरियाणा में डीएपी खाद की नहीं है कोई कमी'
हरियाणा में डीएपी खाद की कमी के मुद्दे पर भी मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बातचीत की है। उन्होंने कहा कि कहा कि हरियाणा में डीएपी खाद की कोई कमी नहीं है। विपक्ष इस मामले में नकारात्मक माहौल बनाने का प्रयास कर रहा है। हकीकत यह है कि सभी किसानों को समय पर खाद मिलेगी।
पिछले साल रबी सीजन में डीएपी की कुल खपत एक लाख 19 हजार 470 टन थी, जबकि इस बार अक्टूबर में खपत एक लाख 14 हजार टन रही है। वर्तमान में प्रदेश में डीएपी की उपलब्धता 24 हजार टन है।
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