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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 17, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Palwal Bus Accident: पलवल में स्कूल की बस पलटी, बच्चों में मची चीख-पुकार; कई हुए घायल

Published: Tue, 17 Dec 2024 11:00 AM (IST)

हरियाणा के पलवल में मंगलवार सुबह एक स्कूल बस पलट गई। बस के पलटते ही बच्चों में चीख-पुकार मच गई। ...और पढ़ें

पलवल में एक स्कूल बस पलटने से कई बच्चे घायल हो गए। जागरण फोटो
पलवल में एक स्कूल बस पलटने से कई बच्चे घायल हो गए। जागरण फोटो

HighLights

  1. पलवल में पलट गई स्कूल के बच्चों की बस।
  2. हादसे के दौरान बच्चों में चीख-पुकार मच गई।
  3. इस हादसे में आधा दर्जन बच्चे घायल हो गए हैं।

जागरण संवाददाता, पलवल। पलवल के हथीन में पहाड़पुर गांव के पास मंगलवार सुबह बिना परमिट व फिटनेस के दौड़ रही स्कूल बस सड़क पर बने गड्ढे में अगला पहिया जाने के कारण अनियंत्रित होकर पलट गई। बस में 30 बच्चे सवार थे। छह चोटिल हो गए।

वहीं, घायल बच्चों को इलाज के लिए अलग-अलग निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद सभी को घर भेजा दिया गया। बस जिस मार्ग से जा रही थी, वह एक लेन का बना है। जगह-जगह गहरे गड्ढे भी हैं। सामने से आ रहे ट्रैक्टर से बचाने चक्कर में बस चालक हड़बड़ी में ब्रेक नहीं लगा सका। पहिया गड्ढे में जाने के बाद बस अनियंत्रित हो गई।

स्कूल प्रबंधक इकबाल से बातचीत की गई तो उन्होंने बोलने से इन्कार कर दिया। सुबह करीब 9 बजे रूपडाका स्थित रहमानिया मेमोरियल पब्लिक स्कूल की बस लखनाका व पहाड़पुर गांव से बच्चों को लेकर स्कूल जा रही थी। बस पलटने से बस में सवार 30 बच्चों में से आधा दर्जन बच्चे घायल हो गए।

बस को पलटा हुआ देख आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और बच्चों को बस से बाहर निकाला। घायलों में तौफीक, सहजान, सिफा, अयान सहित कई बच्चे घायल हो गए।

खटारा थी बस

बस खटारा थी, उसका पिछला शीशा भी टूटा हुआ था। नियमानुसार बस में विद्यार्थियों के साथ एक अटेंडेंट होता है। वह भी बस में मौजूद नहीं था। फस्ट एड बाक्स गायब था, ग्रिल टूटी हुई थीं। सीटों की हालत भी ठीक नहीं थी। स्कूल बस 13 साल 8 महीने पुरानी है। 15 अप्रैल, 2011 से रजिस्टर्ड बस की फिटनेस 15 मार्च, 2012 में एक्सपायर हो चुकी है। उसके बाद बस की फिटनेस जांच नहीं कराई गई। यानी कि यह बस बिना परमिट और फिटनेस के बच्चों की जान खतरे में डालकर सड़कों पर दौड़ रही थी।

सिर्फ चालान तक सीमित है कार्रवाई

अभी कुछ दिन पहले हथीन के एक स्कूल में आटो नंबर की बस चलते मिली थी। आरटीएं ने बस को जब्त करने की बजाय उसका चालान काटकर अपनी कार्रवाई पूरी कर दी। सवाल यह उठता है कि जब बसें पुरानी हैं और बिना फिटनेस सर्टिफिकेट के सड़क पर दौड़ रही हैं तो आरटीए या पुलिस विभाग सिर्फ चालान की कार्रवाई तक सीमित क्यों रहता है।

मौके पर नहीं पहुंचे आरटीए अधिकारी

हादसे के बाद आरटीओ अधिकारियों ने मौके पर आने की जहमत तक नहीं उठाई। दैनिक जागरण संवाददाता ने अधिकारियों से जब बात की तो उन्होंने हादसे की जानकारी नहीं मिलने की बात कहकर फोन काट दिया।

बस का टूटा पिछला शीशा

स्कूल बस हादसे की हमारे पास कोई सूचना पुलिस की तरफ से नहीं मिली है। बिना फिटनेस के अगर कोई बस दौड़ रही है तो यह बिल्कुल गलत है कार्रवाई की जाएगी। जिस बस का एक्सीडेंट हुआ है उसके कागजों की जांच की जाएगी। - प्रदीप शर्मा, आरटीओ

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इस मामले में कोई शिकायत नहीं मिली है। शिकायत आने पर स्कूल प्रबंधन के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। समय-समय पर वाहनों की जांच की जाती है। आगे भी अभियान चला कर स्कूल बसों को चेक किया जाएगा। - सुरेश भड़ाना, डीएसपी हथीन

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