दैनिक जागरण ने चेताया तो टूट गई प्रशासन की नींद, अब ग्रामीणों को मिलेगी राहत; टापू बन गया था गांव
नूंह के जेवंत गांव की समस्या को दैनिक जागरण ने प्रमुख्ता से प्रकाशित किया तो प्रशासन नींद से जाग गया। अब जेवंत गांव में भरा पानी निकाला जाएगा। बताया गया कि गांव में पानी भरने से बच्चों का स्कूल तक जाना छूट गया है। इतना ही नहीं खाने के भी लाले पड़े हुए हैं। आगे विस्तार से पढ़िए पूरी खबर।

मोहम्मद मुस्तफा, नूंह। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से 80 किमी दूर सर्दी के मौसम में भी टापू बने नूंह के जेवंत गांव के दिन बहुरने की उम्मीद जाग गई है। मानसून के बाद ‘प्रशासनिक अनदेखी की बाढ़’ की विभीषिका झेल रहे इस गांव से शुक्रवार से चार पंप लगाकर पानी निकाला जाएगा।
तत्काल व्यवस्था करने के निर्देश दिए
दैनिक जागरण के नौ जनवरी के अंक में खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासन की नींद खुली और पुन्हाना के एसडीएम ने सिंचाई विभाग को पानी निकासी की तत्काल व्यवस्था करने के निर्देश दिए। अब गांव में भरे पानी को पास से गुजर रही ड्रेन में डाला जाएगा, ताकि वह सीधे यमुना नदी में जाकर गिरे। फिर भी पूरा पानी निकालने में एक सप्ताह का समय लग सकता है।
(यह है नूंह का जेवंत गांव, जहां सर्दी में भी बाढ़ जैसा नजारा दिख रहा है। जागरण फोटो)
पूरा गांव ही टापू में हो गया तब्दील
दरअसल, भौगोलिक दृष्टिकोण से जेवंत गांव निचले क्षेत्र में पड़ता है। इसलिए मानसून के दौरान वर्षा होने पर आसपास के गांवों का पानी भी यहीं आकर ठहर गया और पूरा गांव ही टापू में तब्दील हो गया।
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हवा भरी ‘ट्यूब की नाव’ का सहारा ले रहे लोग
बता दें कि ग्रामीण हवा भरी ‘ट्यूब की नाव’ के सहारे 500 मीटर दूर मुख्य मार्ग पर पहुंचते हैं, फिर वहां से कहीं आना-जाना होता है। अब एसडीएम के निर्देश के बाद उम्मीद जगी है कि पानी निकाले जाने के बाद जेवंत के लोग भी अन्य गांव के लोगों की तरह जीवनयापन कर सकेंगे।
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कई दिनों के लिए छोड़ना पड़ा गांव
हर साल जलभराव, लेकिन स्थायी निदान अब तक नहीं जेवंत के लोगों को लगभग हर साल ऐसे जलभराव से दो-चार होना पड़ता है, लेकिन प्रशासन अभी तक स्थायी समाधान नहीं निकाल सका है। ग्रामीण 87 वर्षीय आशू बताते हैं कि इस बार जैसी दुरूह स्थिति 1978 व 1996 में भी बनी थी और लोगों को कई दिनों के लिए गांव छोड़ना पड़ा था।
जमीन में समा गया था पानी
वर्ष 2022 में भी जलभराव हुआ था, लेकिन कुछ दिनों बाद पानी जमीन में समा गया था। रमजान, हासम, असरखां, जमशेद, हाकम ने बताया कि जलभराव से 20 से अधिक परिवार परेशान रहते हैं।
क्या बोले जिम्मेदार
जेवंत गांव से अविलंब पानी निकालने के लिए सिंचाई विभाग को निर्देश दिए गए हैं। अभी चार इंजन से पानी निकालने की व्यवस्था की जाएगी। पानी अधिक है। इसलिए उसे निकालने में कुछ समय लग सकता है। - संजय कुमार, एसडीएम
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