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    Nuh Violence: थाने की गिराई दीवार, थाने का लूटा रिकॉर्ड, गाड़ियों को लगाई आग... नूंह हिंसा का आरोपी गिरफ्तार

    Nuh Violence 31 जुलाई को हरियाणा के नूंह में हुई हिंसा के दौरान साइबर क्राइम थाने में तोड़फोड़ करने वाले तथा पुलिस के वाहनों को आग के हवाले करने वालों में एक और आरोपित वसीम को क्राइम ब्रांच नूंह की टीम ने बृहस्पतिवार को गिरफ्तार कर लिया। आरोपित को पुलिस ने अदालत में पेशकर दो दिन की पुलिस रिमांड पर लिया है।

    By Jagran NewsEdited By: Abhi MalviyaUpdated: Thu, 31 Aug 2023 11:32 PM (IST)
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    आरोपित को पुलिस ने अदालत में पेशकर दो दिन की पुलिस रिमांड पर लिया है।

    नूंह, जागरण संवाददाता। Nuh Violence: 31 जुलाई को हुई हिंसा के दौरान साइबर क्राइम थाने में तोड़फोड़ करने वाले तथा पुलिस के वाहनों को आग के हवाले करने वालों में एक और आरोपित वसीम को क्राइम ब्रांच नूंह की टीम ने बृहस्पतिवार को गिरफ्तार कर लिया।

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    वसीम ने ही अलवर से दिल्ली जा रही प्राइवेट बस को लूटा था और खुद चलाते हुए झंडा चौक, अकबर चौक, नल्हड़ मंदिर रोड पर कई वाहनों को पुलिस तथा धार्मिक यात्रा में शामिल लोगों के वाहनों में बस से टक्कर मारने के बाद उन्हें आग के हवाले करा दिया था।

    हिंसा फैलाने के बाद वसीम बस को साइबर क्राइम थाने ले गया पहले उसने बस की टक्कर से थाने के बोर्ड को तोड़ा फिर थाने की दीवार को बस से टक्कर मार गिरा दी थी। उसके बाद वसीम तथा पहले गिरफ्तार हो चुका ओसामा और अन्य मुस्लिम युवकों ने थाने के रिकॉर्ड को लूटा। इसके बाद पुलिस के दस वाहनों को आग के हवाले कर दिया।

    दो दिन की पुलिस रिमांड

    आरोपित को पुलिस ने अदालत में पेशकर दो दिन की रिमांड पर लिया है। आरोपित फिरोजपुर नमक गांव का रहने वाला है। पहले पकड़े गए अलीजान और ओसामा पहलवान भी इसी गांव में रहते थे।  रहने वाला है। दोनों से रिमांड पर हुई पूछताछ में ही वसीम का नाम आया था। नूंह शहर थाने में दर्ज एफआइआर में उसे आरोपित बनाया गया था।

    पुलिस ने पकड़ने के लिए कई बार छापेमारी की पर वह भरतपुर में एक रिश्तेदार के यहां रह रहा था।बृहस्पतिवार तड़के वह गांव आ रहा था तभी क्राइम ब्रांच नूंह के प्रभारी इंस्पेक्टर अमित की टीम ने उसे दबोच लिया।

    रिश्तेदार के पकड़े जाने से था खफा

    वसीम पहले लड़ाई झगड़ों के मामले में शामिल रहा है। अप्रैल माह में जब पुलिस ने साइबर ठगों के विरुद्ध पुलिस ने महाअभियान चला 47 ठगों को गिरफ्तार किया था। उसमें वसीम के दो रिश्तेदार भी शामिल थे। इसी वजह से वह साइबर थाने की टीम से खफा था।

    हिंसा के एक दिन पहले जब गांव के पास एकत्र होकर षडयंत्र रचा गया था ताे वसीम ने ओसामा तथा अलीजान के साथ मिलकर यह भी कहा था कि थाने को भी आग लगाना है। पुलिस रिमांड में होने वाली पूछताछ के बाद ही यह पता चलेगा कि साइबर क्राइम थाने को जलाने का प्लान वसीम ने बनाया था या फिर इसके पीछे मास्टर माइंड कोई और है।

    वसीम यात्रा को लेकर भड़काऊ वीडियो तथा मैसेज डालने वाले एक वाट्सएप ग्रुप का सक्रिय सदस्य भी था। हिंसा के बाद ग्रुप को डिलीट कर दिया गया था।

    अभी तक यह नहीं कहा जा सकता कि हिंसा का कोई एक ही मास्टर माइंड है। जैसे-जैसे हिंसा आरोपित पकड़े जा रहे हैं, घटना के बारे में आरोपितों की करतूत सामने आ रही है। वसीम से पूछताछ में कई बातें सामने आएंगी।

    -नरेंद्र बिजारणियां, एसपी नूंह