नारनौल में CM फ्लाइंग स्क्वाड की बड़ी कार्रवाई, राजस्थान से दिल्ली तक अवैध रूप से चल रही चार बसें पकड़ी
नारनौल में सीएम फ्लाइंग स्क्वाड ने बड़ी कार्रवाई की। राजस्थान से दिल्ली-रेवाड़ी रूट पर अवैध रूप से चल रही चार प्राइवेट बसों को बिना परमिट के पकड़ा गया ...और पढ़ें

टीम ने राजस्थान से दिल्ली के बीच अवैध रूप से चल रहीं चार बसें पकड़ी। फाइल फोटो
जागरण संवाददाता, नारनौल। Jagran Impact दैनिक जागरण द्वारा 25 दिसंबर को राजस्थान से आने वाली 12 प्राइवेट बसों को निर्धारित रूट की बजाए मुनाफे वाले मार्ग से चलाने की खबर का बड़ा असर हुआ है। इस मामले की जांच सीएम फ्लाइंग ने शुरू कर दी है। रेवाड़ी सीएम फ्लाइंग स्क्वाडने छापेमारी कर राजस्थान की चार बसों को बगैर परमिट के अवैध रूप से सवारियां भरते पकड़ा है। इन चारों बसों पर 81 हजार रुपये जुर्माना भी ठोक दिया है।
मुख्यमंत्री उड़नदस्ते के निरीक्षक सुरेंद्र कुमार के नेतृत्व सीएम फ्लाइंग, गुप्तचर विभाग और आरटीए की संयुक्त टीम ने राजस्थान बसों की चैकिंग का अभियान चलाया। इंस्पेक्टर सुरेंद्र कुमार, आरटीए से ट्रैफिक इंस्पेक्टर बलबीर सिंह भी टीम में शामिल थे।
नारनौल बस स्टैंड पर की चेकिंग
टीम ने नारनौल बस स्टैंड पर चैकिंग अभियान चलाया। इस दौरान राजस्थान की चार बसें बगैर परमिट के सवारियां भरती पकड़ी गई। इन बसों के संचालकों के पास कोई परमिट नहीं मिला। इस पर चारों बसों को क्रमश: 22 हजार, 11 हजार, 21 हजार और 27 हजार रुपये जुर्माना किया है। सीएम फ्लाइंग इस मामले की जांच लगातार कर रही है और शेष बसों को भी जल्द ही पकड़ा जाएगा।
गौरतलब है कि दैनिक जागरण ने 25 दिसंबर के अंक में राजस्थान की बगैर परमिट के चल रही बसों से परिवहन विभाग को हो रहे लाखों रुपये के नुकसान की खबर प्रकाशित की थी। इस समाचार मं अवगत करवाया गया था कि राजस्थान से रेवाड़ी और दिल्ली तक चलने वाली एक दर्जन से अधिक बसों को सिंगल ट्रिप का परमिट मिला हुआ है और चलाई डबल ट्रिप चलाई जा रही हैं।
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इसके अलावा डग्गामार बसें भी सवारियों की जिंदगी के लिए खतरा बनी हुई हैं। इन बसों के जरिये बस अड्डा फीस के रूप में भी परिवहन विभाग को मोटी चपत लगाई जा रही है। अड्डे से बाहर सवारियों को बैठाने से हर ट्रिप पर 180 रुपए फीस के रूप में चोरी भी की जा रही है।
वैसे तो दक्षिण हरियाणा में प्राइवेट बसे काफी संख्या में दौड़ रही हैं पर अकेली राजस्थान की इन 12 बसों के जरिये विभाग को 45 लाख रुपये से अधिक की चपत हर साल लग रही है। यह खेल परिवहन विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत के बगैर संभव नहीं है। पूरे दक्षिण हरियाणा की बात करें तो सैकड़ों डग्गामार बसें विभाग को चपत लगा रही हैं।
जागरण की खबर पर मुहर
सीएम फ्लाइंग स्क्वाड ने अब इस मामले की जांच शुरू कर दैनिक जागरण की खबर पर न केवल मुहर लगा दी है,बल्कि चार बसें पकड़ कर इस घपले की पुष्टि भी कर दी है। सीएम फ्लाइंग इस मामले में लगातार जांच कर रही है। आने वाले दिनों में कुछ और बसें भी पकड़ में आ सकती हैं।
हालांकि यहां एक सवाल यह भी उठता है कि सीएम फ्लाइंग द्वारा पकड़ी गई चारों बसें अवैध रूप से बगैर परमिट के चलाई जा रही थी, लेकिन संयुक्त टीम ने केवल चालान काटकर इतिश्री कर दी। एेसे में आने वाले दिनों में इन बसों पर कोई नियंत्रण होगा, इसमें शंका जरूर बनी हुई है।

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