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    Swami Avimukteshwaranand: 'मात्र नाम बदलने से समस्याएं समाप्त नहीं होगी', हिंदू राष्ट्र पर शंकराचार्य का बयान

    By Jagran NewsEdited By: Swati Singh
    Updated: Tue, 21 Feb 2023 07:04 PM (IST)

    Swami Avimukteshwaranand शंकराचार्य ने जाति व्यवस्था समाप्त करने को लेकर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की ओर से दिए गए बयान को लेकर भी सरकार को निशाने पर लिया। उन्होंने दो टूक कहा कि सरकार पहले जाति प्रमाण पत्र और जाति के नाम पर आरक्षण देना बंद करे।

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    'मात्र नाम बदलने भर से ही समस्याएं समाप्त नहीं हो जाएंगी', हिंदू राष्ट्र बनाने के दावे पर शंकराचार्य का बयान

    करनाल,संवाद सहयोगी। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने के दावे पर सवाल खड़े करते हुए अपना दृष्टिकोण व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि मात्र नाम बदलने भर से ही समस्याएं समाप्त नहीं हो जाएंगी।। जनमानस की मूल भावनाएं समझना भी आवश्यक है। राष्ट्रीय नदी होने के बावजूद पतित पावनी गंगा में आज भी गंदे नालों का पानी डाला जा रहा है। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ सहित हरियाणा के 22 जिलों में 24 अवतारों की महिमा दर्शाने वाले धार्मिक स्थल स्थापित किए जाएंगे।

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    मंगलवार को दोपहर बाद गांव कोहंड में गूगल ब्वाय कौटिल्य पंडित के संस्थान में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में आयोजकों की ओर से शंकराचार्य का स्वागत और अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर शंकराचार्य ने जाति व्यवस्था समाप्त करने को लेकर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की ओर से दिए गए बयान को लेकर भी सरकार को निशाने पर लिया। उन्होंने दो टूक कहा कि सरकार पहले जाति प्रमाण पत्र और जाति के नाम पर आरक्षण देना बंद करे। शंकराचार्य ने धार्मिक गद्दी से किए जा रहे चमत्कार के दावों को भी सिरे से खारिज किया।

    स्थापित किए जाएंगे धार्मिक स्थल

    उत्तरी भारत की शंकराचार्य पीठ के प्रमुख स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि हरियाणा के 22 जिलों और राजधानी चंडीगढ़ में 24 अवतारों के धार्मिक स्थल स्थापित किए जाएंगे। इसके लिए वे प्रदेश के सभी 22 जिलों में जाकर धर्म प्रचार कर रहे हैं। हरियाणा और पंजाब के धार्मिक डेरों के बारे में शंकराचार्य ने कहा कि धार्मिक व्यक्ति को धर्म का प्रचार करना चाहिए। राजनीतिक लोग धार्मिक उपदेश स्वीकार करें और यदि कोई डेरा राजनीतिक भागीदारी करता है तो उसे नकार दें।

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    चमत्कार के दावे खारिज

    इसी क्रम में शंकराचार्य ने धर्मगुरुओं द्वारा किए जा रहे चमत्कार के दावे को भी खारिज किया। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि यदि ऐसी शक्ति किसी के पास है तो वे लोगों की समस्याओं को खत्म करें। जादूगरी की कला अथवा सम्मोहन शक्ति का प्रचार करने से किसी को कोई लाभ नहीं है। शंकराचार्य ने जाति व्यवस्था खत्म करने को लेकर सरकार और आरएसएस पर सवाल उठाए। शंकराचार्यों के अधिकारों को लेकर भी उन्होंने सरकार को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि आज देश के सभी शंकराचार्य के अधिकार छीन लिए गए हैं। यह अनुचित है और इस पर पूरी गंभीरता के साथ विचार किया जाना चाहिए।