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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 11, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सीएम कैंप आफिस के बाहर जेबीटी शिक्षकों व पुलिस में झड़प

By Kamlesh BhattEdited By:
Published: Sun, 11 Jun 2017 08:17 PM (IST)Updated: Sun, 11 Jun 2017 08:18 PM (IST)

करनाल में सीएम कैंप आफिस के बाहर नवनियुक्त जेबीटी शिक्षकों ने जमकर रोष प्रदर्शन किया। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद भी उनका प्रदर्शन जारी रहा।

सीएम कैंप आफिस के बाहर जेबीटी शिक्षकों व पुलिस में झड़प
सीएम कैंप आफिस के बाहर जेबीटी शिक्षकों व पुलिस में झड़प

जेएनएन, करनाल। सीएम सिटी में पहुंचे प्रदेशभर के नवनियुक्त जेबीटी शिक्षकों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। शिक्षकों ने सीएम कैंप कार्यालय के बाहर ही धरना दे दिया। प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें वहां से हटने को कहा तो उन्होंने वहां से जाने के लिए साफ मना कर दिया। मामला ज्यादा तूल पकड़ गया तो पुलिस बल बुलाना पड़ा। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने उन्हें हटाने का प्रयास किया तो जेबीटी शिक्षकों की पुलिस के साथ झड़प भी हो गई।

पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को काफी समझाया, लेकिन वह कैंप कार्यालय के बाहर ही डटे रहे। जब पुलिस ने शिक्षकों को जबरन बसों में डालना शुरू किया तो शिक्षकों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। महिला जेबीटी शिक्षकों ने इस घटना की ङ्क्षनदा करते हुए रोष स्वरूप अपने दुपट्टे व चूडिय़ों को सड़क पर फेंककर मुख्यमंत्री के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। वहीं दूसरी और पुलिस ने डीएसपी शकुंतला और एसएचओ सीआइए वन राजेंद्र गुज्जर के निर्देश पर कड़ा रूख अपनाते हुए शिक्षकों को घसीटते हुए बसों में डालकर पुलिस लाइन भेज दिया।

बता दें कि शिक्षा विभाग द्वारा संयुक्त मेरिट सूची से बाहर हुए नवनियुक्त जेबीटी शिक्षकों को सोमवार से हटाने के मौखिक आदेश जारी किए हैं। इससे प्रदेश भर के जेबीटी शिक्षकों में रोष है। सरकार के इस निर्णय को वापस लेने की मांग को रविवार को करनाल में सीएम कैंप ऑफिस का घेराव करने के लिए सैकड़ों की संख्या में जेबीटी शिक्षक पहुंचे। शिक्षकों ने कहा कि सरकार के इस निर्णय से प्रदेश के 1259 टीचर्स के परिवारों की रोजी-रोटी बंद हो जाएगी। एक ओर तो सरकार बेटियों को बचाने और पढ़ाने के लिए अभियान चला रही है। वहीं दूसरी और बेटियों के साथ ऐसा रुख अपनाया जा रहा है।

शिक्षिका की बिगड़ी तबीयत

नौकरी बचाने को लेकर प्रदर्शन में पहुंची बल्लबगढ़ की महिला पुष्पा की तबीयत खराब हो गई। अन्य शिक्षकों ने पानी उसे पानी पिलाया, काफी देर के बाद उसे होश आया। इसके बाद उपचार के लिए अस्पताल भेजा।

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