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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 11, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

केंद्रीय मंत्री मेघवाल बोले- किसानाें के कर्ज माफ करने को केंद्र के पास पैसे नहीं

By Kamlesh BhattEdited By:
Published: Sun, 11 Jun 2017 08:02 PM (IST)Updated: Mon, 12 Jun 2017 11:21 AM (IST)

केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि केंद्र सरकार के पास इतने पैसे नहीं हैं कि वह किसानों ...और पढ़ें

केंद्रीय मंत्री मेघवाल बोले- किसानाें के कर्ज माफ करने को केंद्र के पास पैसे नहीं
केंद्रीय मंत्री मेघवाल बोले- किसानाें के कर्ज माफ करने को केंद्र के पास पैसे नहीं

जेएनएन, चंडीगढ़। केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि किसानों की कर्ज माफी के लिए केंद्र सरकार के पास पैसे नहीं हैं। राज्य सरकारें किसानों का कर्ज माफ करना चाहती हैं तो वह अपने बजट से इस तरह का फैसला ले सकती हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार कर्जे माफी के बजाय किसानों को आत्मनिर्भर बनाना चाहती है।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने साल 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए सरकार बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है। अर्जुन राम मेघवाल ने यह बात रविवार को सेक्टर 27 स्थित चंडीगढ़ प्रेस क्लब में पत्रकारों से बातचीत में एक सवाल के जवाब में कही।

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जीएसटी लागू होने से घटेगी महंगाई

केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री अर्जुन मेघवाल ने कहा कि जीएसटी लागू होने के बाद सभी तरह के अप्रत्यक्ष कर खत्म हो जाएंगे। एक देश, एक टैक्स लगेगा। उन्होंने कहा कि इस समय दुनिया के 165 देशों में जीएसटी लागू है। जीएसटी लागू होने के बाद राज्यों सरकारों को जो भी घाटा होगा, उसकी भरपाई भी अगामी पांच साल तक केंद्र सरकार करेगी।

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व्यापारियों को नहीं होगी कोई दिक्कत

केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री ने कहा कि व्यापारियों को किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं होगी। इसके लिए देश के 600 जिलों में केंद्र सरकार के मंत्री व राज्यों के वित्तमंत्री हर तरह के व्यापारी वर्ग से मिलेंगे और उनसे ज्ञापन लेंगे। आने वाली 14 जून तक यह सब अपनी रिपोर्ट के  जरिये जीएसटी कमेटी को देंगे। जो दिक्कतें राष्ट्रहित में होंगी, उनका निदान किया जाएगा। जीएसटी के बाबत व्यापारियों को कोई दिक्कत न हो इसके लिए टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर और अटल रिर्टन सेवा केंद्र खोले जाएंगे।

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