गुरुग्राम, जागरण संवाददाता। फर्जी कागजात के आधार पर हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के कामर्शियल प्लाट अपनी कंपनी के नाम करवाने के आरोप में स्टेट विजिलेंस ब्यूरो की गुरुग्राम टीम ने प्रापर्टी कारोबारी वीके गोयल को गिरफ्तार कर लिया। उन्हें रविवार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने पेश कर पूछताछ के लिए एक दिन की रिमांड पर लिया गया है।

2018 का है मामला

मामले में प्राधिकरण में तैनात कई वरिष्ठ अधिकारियों और कर्मचारियों के ऊपर गाज गिर सकती है। सभी के ऊपर मिलीभगत करने का आरोप है। मामला 2018 का है। सेक्टर-23 और 23ए में एससीओ के आवंटन में फर्जीवाड़ा किए जाने का आरोप है। मामले में पूरी जानकारी हासिल करने के लिए स्टेट विजिलेंस ब्यूरो के कई अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन किसी ने फोन रिसीव नहीं किया। बताया जाता है कि वीके गोयल की सभी राजनीतिक दलों के प्रमुख नेताओं से नजीदीकी है।

तेजी से चल रही है जांच

बता दें कि पिछले कुछ महीनों से स्टेट विजिलेंस ब्यूरो की गुरुग्राम टीम टाप गियर में है। जितने भी लंबित मामले हैं, सभी की जांच तेज कर दी गई है। जैसे-जैसे जांच पूरी हो रही है वैसे-वैसे गिरफ्तारी की जा रही है। पिछले तीन महीनों के दौरान पांच अधिकारी विजिलेंस की गिरफ्त में आ चुके हैं।

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Edited By: Abhi Malviya

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