गुरुग्राम: 100 करोड़ का लोन दिलाने के नाम पर उद्योगपति से 2.45 करोड़ की ठगी, मास्टरमाइंड तेलंगाना से गिरफ्तार
आर्थिक अपराध शाखा-एक ने गुरुग्राम में करोड़ों रुपये के लोन धोखाधड़ी का पर्दाफाश किया है। एक संगठित गिरोह ने एक उद्योगपति को 100 करोड़ रुपये का लोन दिल ...और पढ़ें
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प्रतीकात्मक तस्वीर।
जागरण संवाददाता, गुरुग्राम। आर्थिक अपराध शाखा-एक ने प्राइवेट लोन दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करके एक आरोपित को तेलंगाना के कोम्पल्ली क्षेत्र से गिरफ्तार किया है।
चार दिन के रिमांड पर लिया गया
आरोपित ने स्वयं को बड़ा फाइनेंसर बताकर उद्योगपति का भरोसा जीता और अग्रिम ब्याज के नाम पर करोड़ों रुपये हड़प लिए। आरोपित की पहचान तेलंगाना के जिला मलकानगिरी के कोम्पल्ली निवासी वेनम राजू (30) के रूप में हुई, आरोपित ने एमबीए की पढ़ाई की है। पुलिस टीम ने आरोपित वेनम राजू को मलकानगिरी कोर्ट में पेश करके चार दिन के रिमांड पर लिया गया।
मई 2023 में बुना ठगी का जाल
सितंबर 2023 को आर्थिक अपराध शाखा-एक की जांच के बाद थाना सदर में मामला दर्ज किया गया था, जिसमें शिकायतकर्ता ने बताया कि वह ओरियंट क्राफ्ट स्वेटर्स लिमिटेड का मालिक है और गारमेंट्स का व्यवसाय करता है। आर्थिक संकट के चलते वह ब्याज पर लोन की तलाश कर रहा था। इसी दौरान 25 मई 2023 को तरुण मनचंदा नामक व्यक्ति ने उसे फोन कर स्वयं को हरियाणा के फाइनेंसर विक्रम और हैदराबाद के फाइनेंसर नितिन गर्ग से जुड़ा बताया।
2.50 करोड़ रुपये अग्रिम ब्याज के नाम पर मांगे
दो दिन बाद तरुण, नितिन गर्ग और विक्रम शिकायतकर्ता के कार्यालय पहुंचे और 6 प्रतिशत ब्याज दर पर 100 करोड़ रुपये तक का लोन दिलाने का आश्वासन दिया। आवश्यक दस्तावेज लेने के बाद आरोपितों ने उसे हैदराबाद बुलाया, जहां उसकी मुलाकात श्रीनिवास कंडोला से कराई गई। यहां उसे 2.50 करोड़ रुपये का अल्पकालिक और 40 करोड़ रुपये का दीर्घकालिक लोन देने का प्रस्ताव दिया गया। साथ ही 40 करोड़ के लोन के लिए 2.50 करोड़ रुपये अग्रिम ब्याज के रूप में जमा कराने की शर्त रखी गई।
15 मिनट में रकम आने की बात कह हो गए फरार
भरोसा जीतने के लिए 3, 5 और 6 जून 2023 को आरोपितों ने शिकायतकर्ता के खाते में 2.25 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए। इसके बाद 15 जून 2023 को हैदराबाद के एक होटल में हुई मीटिंग के दौरान शिकायतकर्ता ने 4.70 करोड़ रुपये आरटीजीएस के माध्यम से आरोपितों के खातों में ट्रांसफर कर दिए।
रकम मिलते ही आरोपी 15 मिनट में 40 करोड़ रुपये खाते में आने की बात कहकर चले गए, लेकिन कई माह बाद भी खाते में लोन के रुपये नहीं आए। आरोपितों ने शिकायतकर्ता के खाते में पहले ही 2.25 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर चुके थे इसलिए कुल 2.45 करोड़ रुपये की ठगी की गई।
स्वीकारा-50 लाख रुपये मिले बतौर कमीशन
पूछताछ में आरोपित वेनम राजू ने स्वीकार किया कि ठगी की रकम में से 50 लाख रुपये उसके हिस्से में आए थे। पुलिस अन्य फरार आरोपियों की तलाश, ठगी की राशि की बरामदगी और इस गिरोह से जुड़े अन्य मामलों की जांच में जुटी हुई है।

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