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    Biparjoy Update: गुजरात में सामान्य हो रहे हालात, समय से राहत कार्य शुरू हुआ तो बच गई कई जिंदगियां

    Biparjoy Update गुजरात में बिपरजॉय चक्रवाती तूफान से किसी तरह की जनहानि नहीं हुई है। हालांकि कुछ लोग मामूली रूप से केवल घायल हुए हैं। फिलहाल राज्य में स्थिति सामान्य होने लगी है। समय रहते बचाव कार्य होने से इतनी जिंदगियां बचाई गई हैं।

    By Jagran NewsEdited By: Shalini KumariUpdated: Sat, 17 Jun 2023 12:42 PM (IST)
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    चक्रवाती तूफान बिपरजॉय के बाद सामान्य हो रही गुजरात की स्थिति

    अहमदाबाद, ऑनलाइन डेस्क। भीषण चक्रवात तूफान बिपरजॉय ने गुजरात के कई इलाकों में तबाही मचा दी है। हालांकि, समय से लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचा देने से कोई जनहानि नहीं हुई। चक्रवात से जुड़ी घटनाओं में केवल 23 लोगों के घायल होने की जानकारी मिली है।

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    इससे पहले गुजरात में 1998 में एक बड़ा चक्रवात तूफान आया था, जिसमें लगभग चार हजार लोगों की मौत की जानकारी मिली थी। वहीं, इसके बाद साल 2021 में आए अत्यधिक गंभीर चक्रवात ताक्ते में लगभग 100 लोगों की जान गई थी।

    इस बार आए चक्रवाती तूफान को लेकर जिस तरह का अनुमान लगाया गया था, वो बिल्कुल सटीक रहा, जिस कारण राज्य सरकार ने समय रहते ही लोगों और पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया था। हालांकि, इस तूफान से काफी नुकसान हुआ है, लेकिन कोई जनहानि नहीं हुई है।

    समय से पहले किया गया बचाव कार्य

    गुजरात सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी कमल दयानी ने बताया कि शुरुआत से ही सरकार का फोकस इस बात पर था कि जिंदगियों को किस तरह बचाया जाए। इसके लिए चक्रवात आने से पहले आठ तटीय जिलों से एक लाख से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया था। मछली पकड़ने पर रोक लगा दी गई थी, स्कूलों व समुद्र तटों को बंद कर दिया गया था। आयल रिफाइनरियों और बड़े बंदरगाहों ने अपना संचालन रोक दिया था।

    नहीं हुई जनहानि

    राज्य के राहत आयुक्त आलोक कुमार पांडेय ने कहा कि चक्रवात के कारण कोई भी जनहानि नहीं होना, सबसे बड़ी उपलब्धि है। यह सामूहिक प्रयासों के कारण संभव हुआ है। उन्होंने राज्य के इतिहास में इसे सबसे बड़े बचाव अभियानों में से एक बताया है।

    बिजली के कई खंभे उखड़े

    इस तूफान से हजारों बिजली के खंभे उखड़ कर गिर गए, जिससे सैकड़ों गांवों में अंधेरा छा गया, कई पेड़ सड़कों पर गिर पड़े और कितने ही घरों को नुकसान हुआ है। चक्रवात से 5,100 बिजली के खंभे गिरे, 4,600 से ज्यादा गांवों की बिजली गुल हो गई, जिसमें से 3,580 गांवों की बिजली बहाल की गई।

    लोगों को सता रहा घर को लेकर डर

    कई क्षेत्रों में पक्के और कच्चे घर ढह गए और कई घरों को आंशिक क्षति पहुंची है। राहत शिविर में पहुंचाए गए लोगों को इस बात का डर है कि जब वे अपने घर लौटेंगे, तो उन्हें शायद ही उनका घर मिलेगा।

    घरों और सड़कों को पहुंचा नुकसान

    मौसम विभाग द्वारा पहले ही तेज वर्षा की चेतावनी दी गई थी। इससे घरों और सड़कों को काफी नुकसान पहुंचा है। कई राजमार्ग भी जाम हो गए हैं। कच्छ, देवभूमि द्वारका, जामनगर, भावनगर, बनासकांठा और मोरबी जिलों में बहुत भारी वर्षा हुई है, जबकि कच्छ जिले की गांधीधाम, भुज, अंजार व मुंदरा तालुकाओं में शुक्रवार सुबह से पहले 24 घंटों के दौरान 10 से 20 सेंटीमीटर वर्षा हुई।

    कमजोर पड़ा चक्रवात

    गंभीर चक्रवात बिपरजॉय शुक्रवार को कमजोर होकर सामान्य चक्रवात में तब्दील हो गया है और उम्मीद जताई जा रही है कि शाम तक स्थिति सामान्य हो जाएगी। उत्तर गुजरात के बनासकांठा और पाटन जिलों में अधिकारियों ने निचले इलाके के लोगों को आश्रय स्थलों में स्थानांतरित कर दिया गया है, क्योंकि भारतीय मौसम विभाग (आइएमडी) ने दोनों जिलों में अत्यधिक भारी वर्षा का अनुमान व्यक्त किया है।

    विभाग का कहना है कि कच्छ जिले में अत्यधिक भारी वर्षा होगी। बनासकांठा जिले में रविवार सुबह तक और पाटन में शनिवार सुबह तक अत्याधिक भारी वर्षा होगी।