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    कैसे शुरू हुआ था Boogie Woogie डांसिंग शो? Javed Jaaferi ने सुनाई दिलचस्प कहानी

    टीवी की दुनिया में हमने जाने ही कितने शोज देखे होंगे। कोई डांस शो तो कोई सिंगिंग शो। इन शोज के दर्शकों ने खूब पसंद किया था। इस बीच बॉलीवुड एक्टर जावेद जाफरी ने अपने मशहूर शो बूगी वूगी (Boogie Woogie) के दिन याद किए। एक्टर ने बताया कैसे शो ने कंटेस्टेंट्स की दुखभरी कहानियों को सामने लाने का काम किया था। अधिक जानकारी के लिए पढ़ें पूरी खबर।

    By Anu Singh Edited By: Anu Singh Updated: Tue, 17 Jun 2025 01:12 PM (IST)
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    जावेद जाफरी ने बताया कैसे 14 लाख में रचा डांसिंग इतिहास (Photo Credit- X)

    एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। जावेद जाफरी, नावेद जाफरी और रवि बहल ने अपने मशहूर डांस रियलिटी शो बूगी वूगी की शुरुआत की कहानी साझा की है। 14 लाख रुपये से शुरू हुआ यह शो 1996 से 2014 तक दर्शकों का पसंदीदा रहा। उन्होंने कंटेस्टेंट्स की दुखभरी कहानियों और शो को बेचने से इनकार करने जैसे कई किस्से बताए। आइए, पूरी कहानी आसान हिंदी में जानते हैं।

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    कैसे हुई थी बूगी वूगी की शुरुआत?

    जावेद जाफरी, उनके भाई नावेद जाफरी और दोस्त रवि बहल ने मिलकर बूगी वूगी की शुरुआत की थी। यह भारत का पहला डांस रियलिटी शो था, जो 1996 में सोनी टीवी पर शुरू हुआ और 2014 तक चला। जावेद ने बताया कि शो शुरू करने के लिए उन्हें 14 लाख रुपये मिले थे। उस समय यह रकम छोटी थी, लेकिन उनकी मेहनत और जुनून ने शो को सुपरहिट बना दिया। यह शो हर उम्र के लोगों को डांस का मौका देता था, जिससे यह घर-घर में मशहूर हो गया।

    हाल ही में फराह खान के यूट्यूब शो में जावेद, नावेद और रवि ने बूगी वूगी के पुराने दिन याद किए। फराह ने मजाक में पूछा कि क्या जावेद अपनी पड़ोसी कृति सेनन से मिलने दीवार तोड़कर जाते हैं, जिस पर सभी हंस पड़े। उन्होंने बताया कि बूगी वूगी में फराह भी जज थीं, और उनके साथ काम करने की यादें आज भी ताजा हैं। फराह ने शो की सादगी और डांस के जुनून की तारीफ की।

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    कंटेस्टेंट्स की दुखभरी कहानियां ने खींचा ध्यान

    जावेद और नावेद ने बताया कि बूगी वूगी में कई कंटेस्टेंट्स ऐसी जिंदगी से आए थे, जिनकी कहानियां सुनकर दिल पिघल जाता था। कुछ बच्चे गरीब परिवारों से थे, जिनके पास डांस सीखने के पैसे नहीं थे। कुछ ने अपनी जिंदगी की मुश्किलों को डांस के जरिए हल्का किया। जावेद ने कहा, “हमने कोशिश की कि हर कंटेस्टेंट को मंच मिले, चाहे उनकी कहानी कैसी भी हो।” इन कहानियों ने शो को और खास बनाया था।

    बूगी वूगी की कामयाबी के बाद कई बड़े ऑफर्स आए कि इसे बेच दिया जाए। लेकिन जावेद, नावेद और रवि ने हर बार मना कर दिया। जावेद ने कहा, “यह शो हमारा बच्चा था। हम इसे सिर्फ पैसों के लिए नहीं बेच सकते थे।” उनकी यह जिद थी कि शो की आत्मा और सादगी बरकरार रहे। इस फैसले ने बूगी वूगी को एक अलग पहचान दी।

    क्या थी शो की खासियत?

    बूगी वूगी की सबसे बड़ी खासियत थी कि यह हर किसी के लिए था। बच्चे, जवान, बूढ़े—सब डांस फ्लोर पर अपनी प्रतिभा दिखा सकते थे। शो में कोई भेदभाव नहीं था, और डांस के हर स्टाइल को जगह मिलती थी। जावेद ने बताया कि उस समय रियलिटी शो का कॉन्सेप्ट नया था, और बूगी वूगी ने इसे भारत में मशहूर किया। शो के जज—जावेद, नावेद और रवि—अपने मजेदार कमेंट्स और हौसला बढ़ाने के लिए भी फैंस के बीच पसंद किए जाते थे।

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