क्यों नेशनल अवॉर्ड लेने से Shashi Kapoor ने किया था इनकार
बचपन से ही एक्टिंग के माहौल में पले-बड़े Shashi Kapoor का रुझान अभिनय की तरफ रहा है। वह अक्सर पृथ्वी थिएटर में होने वाले नाटकों में राज कपूर के बचपन का किरदार अदा करते थे। नमक हलाल और सत्यम शिवम सुंदरम जैसी यादगार फिल्में ऑडियंस को देने वाले शशि कपूर ने आखिर क्यों सरकार द्वारा दिए जाने वाले सम्मान नेशनल अवॉर्ड को लेने से इनकार कर दिया था।
एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। हिंदी सिनेमा को सत्यम शिवम सुंदरम-नमक हलाल और दीवार जैसी कई यादगार फिल्में देने वाले अभिनेता शशि कपूर ने अपने अभिनय के साथ-साथ अपने चार्म से भी फैंस का दिल जीता है। बचपन से ही घर में एक्टिंग का माहौल देखकर बड़े हुए शशि कपूर का रुझान भी अभिनय की तरफ ही रहा।
शशि कपूर ने बाल कलाकार के तौर पर आग-आवारा सहित कई फिल्मों में काम किया। उन्होंने पृथ्वी थिएटर्स में हुए कई नाटकों में राज कपूर के बचपन का किरदार अदा किया था।
एक से बढ़कर एक सुपरहिट फिल्में दर्शकों को परोसने वाले शशि कपूर ने एक समय पर भारतीय सरकार द्वारा दिए जाने वाले सम्मान नेशनल अवॉर्ड को लेने से इनकार कर दिया था। क्या थी इसकी वजह, चलिए जानते हैं।
'शकुन्तला' के बाद आया इस सुपरहिट फिल्म का ऑफर
शशि कपूर ने अपने करियर की शुरुआत साल 1944 में पृथ्वी थिएटर के नाटक 'शकुन्तला' से किया था। यही से उन्होंने एक्टिंग की दुनिया में कदम रखा था। राज कपूर से लेकर करिश्मा और करीना सहित कपूर खानदान के कई लोगों ने अपनी पढ़ाई को बीच में ही छोड़ा है।
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इनमें से एक दिग्गज अभिनेता शशि कपूर (Shashi Kapoor)भी थे, जिन्होंने 10वीं में फेल होने के बाद पढ़ाई से बिल्कुल ही किनारा कर दिया था और अपने पिता पृथ्वीराज कपूर को बतौर असिस्टेंट मैनेजर ज्वाइन किया। पिता के साथ काम करते हुए उन्हें 25 रुपए मेहनताना के रूप में मिलता था।
असिस्ट करने के साथ-साथ शशि कपूर पिता के थिएटर में ही नाटकों में अभिनय भी करते रहे और यही से उन्हें यश चोपड़ा ने अपनी फिल्म 'धर्मपुत्र' का ऑफर दिया। ये फिल्म 1961 में रिलीज हुई थी।
धर्मपुत्र के लिए नेशनल अवॉर्ड लेने से शशि कपूर ने किया था इनकार
शशि कपूर का चार्म उन दिनों फैंस के सिर चढ़कर बोलता था। उनके डायलॉग बोलने के अंदाज से लेकर उनके फेशियल एक्स्प्रेशन दर्शकों को खूब भाते। यशराज बैनर तले बनी फिल्म 'धर्मपुत्र' में शशि कपूर के अभिनय को दर्शकों ने काफी सराहा था।
इतना ही नहीं, इस फिल्म के लिए उन्हें सरकार नेशनल अवॉर्ड भी देना चाहती थी, लेकिन उन्होंने इस पुरस्कार को स्वीकार करने से साफ-साफ इनकार कर दिया था। बाद में 'धर्मपुत्र' के लिए निर्देशक-निर्माता यश चोपड़ा और बी आर चोपड़ा को अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था।
शशि कपूर ने क्यों किया था अवॉर्ड लेने से इनकार
नेशनल अवॉर्ड सरकार द्वारा दिया जाने वाला एक ऐसा पुरस्कार है, जो हर एक्टर अपने अभिनय के लिए पाना चाहता है।
हालांकि, उस दौर ने अपनी फिल्म 'धर्मपुत्र' के लिए शशि कपूर ने ये अवॉर्ड लेने से इसलिए इनकार कर दिया था, क्योंकि उन्हें नहीं लग रहा था कि उनकी परफॉर्मेंस फिल्म में इतनी अच्छी है कि उसके लिए उन्हें नेशनल अवॉर्ड दिया जाए। वह खुद को उस समय पर इस अवॉर्ड के काबिल नहीं मानते थे। हालांकि, बाद में उन्हें तीन बार नेशनल अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।
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