यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 08, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
वेटर के नाम पर बना था Raj Kapoor श्री 420 का गाना 'रमैया वस्तावैया', 70 साल बाद भी लोगों को नहीं पता इसका मतलब
राज कपूर ने हिंदी सिनेमा को सिर्फ यादगार फिल्में ही नहीं बल्कि कई यादगार गाने भी दिए हैं जिसमें से ...और पढ़ें

HighLights
- चाय-नाश्ता करते हुए शैलेन्द्र को आया था गाना बनाने का आइडिया
- लता मंगेशकर और मोहम्मद रफी की आवाज में आज भी है मशहूर
- राज कपूर-नरगिस दत्त पर श्री 420 में कैसे फिल्माया था ये गाना
एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। कई गाने ऐसे होते हैं, जो हमारे दिल में बस जाते हैं। भले ही हमें उस गाने के पीछे की कहानी, उन गानों का मतलब समझ आए या ना आए, लेकिन उनका म्यूजिक इतना सॉलिड होता है कि उन्हें अपनी मेमोरी से निकालना फैंस के लिए बेहद मुश्किल होता है।
ऐसा ही एक गाना हिंदी सिनेमा के शो मैन राज कपूर और नरगिस दत्त की साल सुपरहिट फिल्म 'श्री 420' में फिल्माया गया था। गाने का टाइटल था 'रमैया वस्तावैया'। फिल्म का ये गाना छह दशक से सिने प्रेमियों को लुभा रहा है। श्री 420 के मेरा जूता है जापानी और मुड़-मुड़ के न देख गाने के अलावा 'रमैया वस्तावैया' उस साल का चार्ट बस्टर सांग था। क्या आपको पता है 'रमैया वस्तावैया' का मतलब क्या है? कैसे एक वेटर के नाम पर कल्ट मूवी में ये पूरा गाना तैयार किया गया, चलिए जानते हैं इसके पीछे का दिलचस्प किस्सा।
चाय-नाश्ते के ऑर्डर के साथ बना दिया था 'रमैया वस्तावैया'
राज कपूर की सिर्फ फिल्मों की कहानियां ही मशहूर नहीं थीं, बल्कि उनकी मूवीज के गाने भी बेहद खास होते थे। आवारा की सफलता के बाद जब शोमैन ने इस फिल्म को बनाने की तैयारी की, तो उन्होंने सबसे पहले फिल्म के म्यूजिक पर ही काम किया। एक यूट्यूब चैनल पर 'रमैया वस्तावैया' गाने से जुड़े इस किस्से के बारे में बताया गया है।
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Photo Credit- Youtube
एक बार जब शंकर, जयकिशन, हसरत जयपुरी और शैलेंद्र की जोड़ी एक बार खंडाला गई थी, वहां पर उन्हें एक ढाबा मिला, जो उनका हमेशा से फेवरेट था। चारों उस ढाबे में गए और वहां पर ऑर्डर लेने वाले कोई वेटर आए इसका इंतजार करने लगे। उस ढाबे पर काम करने वाले एक लड़के का नाम 'रमैया' था, जो वहां पर सालों से काम करता था और तेलुगु था। शंकर जो खुद भी हैदराबाद में रह चुके थे उन्होंने वेटर को तेलुगु में आवाज लगाई रमैया वस्तावैया।
क्या है रमैया वस्तावैया का मतलब?
कहानी यहीं पर खत्म नहीं होती। जब तेलुगु में शंकर ने इन शब्दों का प्रयोग किया, तो लिरिसिस्ट शैलेंद्र को ये शब्द बेहद पसंद आए और उन्होंने इन्हें सुर में गाना शुरू कर दिया रमैया वस्तावैया। हालांकि, शैलेंद्र के इन दो बोल पर अचानक ही हसरत बोल पड़े 'मैंने दिल तुझको दिया' और ऐसे इस गाने की लाइन बनती गई। जब शंकर ने 'रमैया' को तेलुगु में 'वस्तावैया' कहा, तो उसका मतलब कि हमारे पास कब आओगे।
Credit- Youtube (HD Song Bollywood)
जयकिशन ने चाय की मेज पर हाथ से बीट देते हुए इसका म्यूजिक तैयार किया। जब ये लोग मुंबई आए तो सीधा राज कपूर से मिलने के लिए आरके स्टूडियो गए, जहां उन्हें ये गाना सुनाया। राज कपूर उनसे बेहद खुश हुए। अगर आप श्री420 के इस गाने के वीडियो को भी ध्यान से देखेंगे तो इसमें एक गांव में सेलिब्रेट करते हुए लोग डांस कर रहे हैं, लेकिन वहीं दूसरी तरफ नरगिस और राज कपूर एक-दूसरे को याद करते हुए (वस्तावैया-कब आओगे) लिरिक्स गुनगुनाते हैं। इस गाने को लता मंगेशकर, मोहम्मद रफी और मुकेश ने अपनी आवाज दी थी।
