Aamir Khan की इस हीरोइन के लिए प्यार ढूंढना है मुश्किल, कहा- उसी व्यक्ति के साथ...
फातिमा सना शेख जल्द ही आदित्य रॉय कपूर, सारा अली खान और नीना गुप्ता के साथ मल्टीस्टारर फिल्म 'मेट्रो...इन दिनों' में नजर आने वाली हैं, जो जल्द ही थिएटर में रिलीज होगी। हाल ही में इस फिल्म का कौन सा सीन उनके लिए मुश्किल था, ये तो एक्ट्रेस ने बताया ही, लेकिन इसी के साथ फातिमा ने प्यार को लेकर भी बातचीत की।

दीपेश पांडे, मुंबई। अभिनेत्री फातिमा सना शेख अनुराग बासु निर्देशित फिल्म ‘मेट्रो... इन दिनों’ में नजर आने वाली हैं। फिल्म और एक अन्य वेब सीरीज भी कर रही फातिमा ने साझा किए अपने विचार...
फिल्म में पहली बार अपने पात्र और पटकथा के बारे में कब पता चला?
शूटिंग के लिए सेट पर पहुंचने के बाद। दादा (अनुराग बासु) के साथ यह मेरी दूसरी फिल्म है। मुझे पता है कि उनका काम करने का तरीका कैसा है। इस फिल्म में मेरा और अली (अभिनेता अली फजल) का बारिश के बीच एक गंभीर सीन है। सुबह वह सीन शूट होना था, मगर एक शाम पहले ही उन्होंने वह सीन हमें भेज दिया था। यह हमारे लिए थोड़ा चौंकाने वाला था। नहीं तो, उनके साथ हमें पता नहीं होता है कि आगे क्या होने वाला है (बिना तय स्क्रिप्ट के कारण..)।
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ट्रेलर में एक संवाद है कि किसी के साथ लंबी जिंदगी बिताने के लिए बार-बार प्यार में पड़ना पड़ता है, आप इसे कितना प्रासंगिक मानती हैं?
ये तो सच है। हर कोई इस विचार से स्वयं को जोड़ सकता है। पहली बात तो प्यार ढूंढना बहुत मुश्किल होता है। कहीं भी हर चीज एकदम सही नहीं मिलती है। ऐसे में अगर कोई रिश्ता बनाकर चलना है, तो नियमित होकर उस पर काम करना पड़ेगा। उसी व्यक्ति के साथ बार-बार प्यार में पड़ना पड़ेगा।
अभिनय भी तो आप बचपन से करती आ रही हैं, फिर इसके प्यार में कितनी बार पड़ीं?
बचपन में तो मुझे एक्टिंग से नफरत थी। इसलिए मैंने एक्टिंग छोड़ भी दी थी। मगर कालेज में महसूस हुआ कि यही एक चीज है, जिसे करने में मुझे सबसे ज्यादा मजा आता है। इसी में मैं सबसे सहज हूं और यही मुझे अच्छे से करना आता है। इसलिए यही मेरे सफर का हिस्सा बन गया। फिर जब मैंने तय किया कि अब तो यही करना है तब आडिशन देने शुरू किए। उसके बाद मुझे ‘दंगल’ मिली।
कहते हैं कि आज के दौर के रिश्तों में बहुत जटिलताएं हैं, आप इसे कैसे देखती हैं और आपके क्या अनुभव रहे हैं?
इंसान की जिंदगी में प्यार तो कभी सिंपल रहा ही नहीं है। पहले भी जटिलताएं होती थीं। हमने तो इतिहास में ऐसी कई कहानियां सुनी हैं। कोई किसी के साथ होता था, फिर भी किसी और से प्यार हो जाता था। कोई प्यार साल भर भी नहीं चला। हम सोचते हैं कि आज के ही रिश्ते जटिल हैं, लेकिन यह तो हर दौर की कहानी है।
आगे वेब सीरीज कर रही हैं, उसे शूट करने के क्या अनुभव रहे?
वेब सीरीज में अपने किरदार को ज्यादा गहराई से दिखाने का मौका मिलता है, जो फिल्मों में नहीं मिल पाता। इससे पहले भी मैंने एक वेब सीरीज की है। आगामी वेब सीरीज के बाहर आने का बेसब्री से इंतजार है।
इस फिल्म को किन पैमानों पर देखकर स्वीकार किया?
इस फिल्म को हां कहने का सबसे बड़े कारण दादा (निर्देशक अनुराग बासु) हैं। वह कलाकारों से बहुत ही बारीक परफार्मेंस निकलवाते हैं। अगर वह मुझे कभी किसी भी फिल्म का प्रस्ताव देते हैं, उसे मैं ना कभी नहीं कह सकती। इस फिल्म के बारे में उन्होंने फोन पर कुछ तो बताया था, लेकिन उस समय खराब नेटवर्क के कारण मुझे कुछ स्पष्ट सुनाई नहीं दिया, फिर भी मैंने उनसे कहा कि दादा जो भी है, मैं इसे कर रही हूं।
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