‘मैं मुश्किल में फंस सकता हूं…’ Kesari 2 के एक्टर आर माधवन ने NCERT के इतिहास कोर्स पर खड़े किए सवाल
केसरी चैप्टर 2 फिल्म में नजर आए अभिनेता आर माधवन (R Madhavan) ने नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (NCERT) के इतिहास कोर्स पर बात की। उन्होंने स्कूल के बच्चों को पढ़ाए जा रहे इतिहास पर सवाल खड़े करते हुए कई दावे किए हैं। एक्टर ने यह भी कहा कि ऐसा कहने की वजह से उन्हें मुश्किल का सामना भी करना पड़ सकता है।
एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। करण सिंह त्यागी की निर्देशित केसरी चैप्टर 2 में अक्षय कुमार के साथ आर माधवन भी लीड रोल की भूमिका में हैं। फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर सफलता मिल रही है। इस बीच आर माधवन ने नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (NCERT) के इतिहास के कोर्स पर बात की है। इस बारे में उन्होंने खुद संभावना जताई है कि इसके बाद वह मुश्किल में पड़ सकते हैं, क्योंकि एक्टर ने भारतीय स्कूल में पढ़ाए जा रहे इतिहास पर सवाल खड़े किए हैं। आइए जानते हैं कि केसरी चैप्टर 2 के एक्टर ने ऐसा क्या कहा है, जिसके ऊपर विवाद भी हो सकता है।
केसरी चैप्टर 2 में माधवन ने वकील के किरदार में अपने काम से लोगों को इंप्रेस किया है। अब उन्होंने स्कूली कोर्स में पढ़ाए जा रहे इतिहास पर चिंता जताते हुए अपनी राय पेश की है। एक्टर का कमेंट उस समय आया है, जब एनसीआर्टी ने कक्षा 7 की पुस्तक से मुगल साम्राज्य से जुड़े एक बड़े हिस्से को हटाया है।
माधवन ने की इतिहास के कोर्स की आलोचना
एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, आर माधवन ने एक इंटरव्यू में इस बारे में चर्चा करते हुए कहा, 'ऐसा कहने पर मैं परेशानी में भी पड़ सकता हूं, लेकिन फिर भी मैं यह बात जरूर कहूंगा। जब मैंने अपने स्कूल में इतिहास का विषय पढ़ा था, तो मुगलों पर आठ अध्याय, हड़प्पा सभ्यता और मोहनजोदड़ो सभ्यताओं पर केवल दो, ब्रिटिश शासन और स्वतंत्रता संग्राम पर चार और दक्षिणी राज्यों पर सिर्फ एक अध्याय पढ़ाया गया था।
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उन्होंने अपनी बात पूरी करते हुए दावा किया कि 'चोल साम्राज्य 2,400 साल पुराना था, जबकि मुगलों और अंग्रेजों ने मिलकर 800 साल तक ही शासन किया था। उन्होंने अपनी बात को हर काल की तुलना करते हुए समझाया है।
तमिल भाषा के इतिहास पर खड़ा किया सवाल
अभिनेता आर माधवन ने स्कूल में पढ़ाए जाने वाले इतिहास के कोर्स की आलोचना करते हुए दावा किया है कि तमिल का नाम दुनिया की सबसे पुरानी भाषाओं की लिस्ट में शामिल किया जाता है, लेकिन इसके बाद भी हम इस भाषा के बारे में ज्यादा नहीं जानते हैं। हमारे देश की संस्कृति में छिपे विज्ञान का लोग आज मजाक बना रहे हैं।
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