'दो अनजाने' से करीब आए थे अमिताभ-रेखा, ऐसे शुरू हुआ मोहब्बत का 'सिलसिला'
Amitabh Bachchan और रेखा के किस्से कभी भी पुराने नहीं होते, ज्यादातर लोगों को यही लगता है कि उनकी प्रेम ...और पढ़ें
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यह थी अमिताभ और रेखा की पहली फिल्म
HighLights
इस फिल्म में अमिताभ और रेखा ने पहली बार किया था साथ काम
इसके बाद पूरी तरह बदल गई थीं रेखा
अमिताभ बच्चन मना रहे अपना 83वां बर्थडे
एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। इस हफ्ते, भारतीय सिनेमा अपने दो दिग्गज सितारों, रेखा और अमिताभ बच्चन, का जन्मदिन मना रहा है। उनकी ऑन-स्क्रीनकेमिस्ट्री और ऑफ-स्क्रीनकहानियों ने दशकों से दर्शकों के दिलों में जगह बनाई हुई है। यह बॉलीवुड की वोलवस्टोरी है जो कभी पूरी नहीं हो सकी लेकिन आज भी लोग इनके बारे में जानने को काफी उत्सुक रहते हैं। हालांकि ऐसा माना जाता है कि ये कहानी सिलसिला से शुरू हुई थी, लेकिन ऐसा नहीं है इस कहानी की शुरुआत दो अनजाने फिल्म से शुरू हुई थी।
इस फिल्म में पहली बार साथ नजर आए थे अमिताभ रेखा
निर्देशक दुलाल गुहा की फिल्म दो अनजाने (1976) में अमिताभ बच्चन और रेखा को पहली बार कास्ट किया गया था। यह फ़िल्म रेखा के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुई। इस फिल्म के बाद रेखा में काफी बदलाव आए जिसका क्रेडिट वे अमिताभ बच्चन को देती हैं। उनके लिए, यह सब दो अनजाने से शुरू हुआ और सचमुच वो दो अजनबी ही थे।
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इस फिल्म के बाद बदल गई थीं रेखा
रेखा ने 1970 में सावन भादों से बॉलीवुड में कदम रखा। फिल्म ने अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन इंडस्ट्री और क्रिटीक्स ने उन्हें सराहना नहीं दी। उनके रूप, वजन, रंग-रूप और यहां तक कि उनकी हिंदी का भी मजाक उड़ाया गया। दो साल तक उन्होंने कई फिल्में साइन कीं, लेकिन स्वीकार किया कि उन्हें उनमें बिल्कुल भी रुचि नहीं थी। एक्टिंग में उन्हें बोरियत लगती थी।
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अपनी पहली कुछ फिल्मों की सफलता के बाद 18 साल की रेखा ने बॉम्बे के जुहू स्थित बीच अपार्टमेंट्स में अपना फ्लैट खरीदा। उसी अपार्टमेंटबिल्डिंग में एक्ट्रेसजयाभादुड़ी रहती थीं, जो उस वक्त तक एक सफल और गंभीर एक्ट्रेस बन चुकी थी।
दो अनजाने के बाद रेखा के करियर में पहली बार उन्हें एक अभिनेत्री के रूप में गंभीरता से लिया गया। एक फिल्म पत्रिका ने लिखा था, 'रेखा ने यह कर दिखाया है। सहजता से, सफलतापूर्वक। अब ज्यादातर बेतुके हाव-भाव, मुंह फुलाने, हिलने-डुलने और खिलखिलाने वाले अंदाज गायब हो गए हैं'।

यहां से जागा रेखा का अमिताभ के लिए प्यार
बस इसी एक फिल्म ने रेखा के लिए एक नया सम्मान जगा दिया था। और रेखा ने इसका पूरा क्रेडिट अमिताभ को दिया। अमिताभ उन सभी चीजों के प्रतीक बन गए जो रेखा एक पुरुष में चाहती थीं, और रेखा धीरे-धीरे उनसे प्यारकरने लगीं। उन्होंने रेंदेवूविदसिमीग्रेवाल में कहा था, 'इस बात से कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता कि वह शादीशुदा थे। गुलाब तो गुलाब ही होता है। इंसान दिलचस्प होता है, बस। मैं इस इंसान के साथ जुड़ने का सम्मान पाना चाहती हूं, तो मुझे कौन रोक रहा है? मैं यहां उनका घर तोड़ने नहीं आई हूं। मैं यहां उन कमजोर लोगों में से एक बनने आई हूं जो उनकी एक झलक पाकर खुश हो सकें'।
रेखा एक साधारण लड़की से ग्लैमरसदिवा में बदल गई थी। रेखा ने डाइट और एक्सरसाइज को अपने डेलीरूटीन में शामिल किया, इसके साथ ही उन्होंने योग को भी अपनाया। कई मायनों में, रेखा एक ट्रेंडसेटर थीं। मेकअपभी एक गंभीर कला बन गया। दो अनजाने के बाद अमिताभ और रेखा बॉलीवुड की सबसे हॉट जोड़ी बन चुके थे और उन्होने प्रकाश मेहरा की खून पसीना (1977), ऋषिकेश मुखर्जी की अलाप (1977), इम्मानधरम (1977) और गंगा की सौगंध (1978) सहितकई फिल्में साइन की थीं।
