'कहानियां मुझे चुनती हैं,' देशभक्ति फिल्मों पर बोलीं एक्ट्रेस Rashii Khanna, 'फर्जी 2' पर दिया अपडेट
साउथ सिनेमा के बाद अब हिंदी सिनेमा में भी राशि खन्ना ने अपनी शानदार अदाकारी की छाप छोड़ी है। हाल ही में दैनिक जागरण को दिए इंटरव्यू में राशि ने कई पहलुओं पर खुलकर चर्चा की है।
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साउथ की मशहूर एक्ट्रेस राशि खन्ना (फोटो क्रेडिट- एक्स)
एंटरटेनमेंट डेस्क, मुंबई। अभिनेता फरहान अख्तर की लेटेस्ट फिल्म 120 बहादुर से अभिनेत्री राशि खन्ना ने फैंस का दिल जीत लिया है। हाल ही में दैनिक जागरण से खास बातचीत में राशि न कई अहम पहलुओं पर खुलकर बात की है।
इस दौरान राशि खन्ना ने अपनी अपकमिंग वेब सीरीज फर्जी सीजन 2 को लेकर भी लेटेस्ट अपडेट दिया है।
आज आपका जन्मदिन है, इसे मनाने की क्या योजना है?
करीब 10-12 साल से इस दिन घर में सत्संग होता है। मैं यह सुनिश्चित करती हूं कि उस दिन घर पर ही रहूं। तो इसे परिवार के साथ ही मनाती हूं। यह क्रम चलता आ रहा है।

इस साल आपकी फिल्म ‘120 बहादुर’ के साथ साउथ सिनेमा की फिल्में भी प्रदर्शित हुईं। तो इस साल से क्या खास सीख रही?
बतौर कलाकार मैं ग्रो कर रही हूं। यह प्रक्रिया हर फिल्म के साथ चलती रहती है। मैं अलग-अलग भूमिकाएं निभाने की कोशिश करती हूं। आप हर किरदार से कुछ न कुछ सीखते हैं और खुद को बेहतर समझते जाते हैं।
शुरुआत में साउथ फिल्म इंडस्ट्री में आपको ‘रोल के लिए बहुत सुंदर’ माना जाता था और कलाकार के तौर पर गंभीरता से नहीं लिया जाता था। वह नजरिया बदलना मुश्किल रहा होगा?
पहले तो मैं यह कहना चाहती हूं कि मुझे कामर्शियल फिल्में करना बहुत पसंद है। मैं जहां तक पहुंची हूं, इन फिल्मों की वजह से ही हूं। पर उस वक्त मुझे अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका चाहिए था। मुझे लगता है इसमें मेरी तेलुगु फिल्म ‘थोली प्रेमा’ काफी मददगार रही। जब वेब सीरीज ‘फर्जी’ आई तो उसने मेरे लिए दोनों इंडस्ट्री में बहुत सारी चीजें बदलीं। मुझे लोगों ने गंभीरता से लेना आरंभ किया।

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साउथ में मेरा काम हिंदी सिनेमा से काफी अलग है। ‘120 बहादुर’ में मैंने राजस्थानी महिला की भूमिका निभाई, तो वहीं मैंने एक वेब शो किया है, जिसमें मेरा पात्र पूरे शो में पंजाबी बोल रहा है। साउथ में भी लोगों को महसूस होने लगा है कि नान ग्लैमरस रोल में भी अच्छा कर सकती हूं।
हिंदी सिनेमा में आपकी ‘योद्धा’, ‘साबरमती रिपोर्ट’, ‘120 बहादुर’ आ चुकी हैं। देश से जुड़ी कहानियां ज्यादा लुभाती हैं?
मुझे लगता है कि उन कहानियों ने मुझे चुना है। मेरे लिए यह गर्व की बात है। यह मेरा तरीका है देशभक्ति दर्शाने का। ‘120 बहादुर’ वास्तविक कहानी है। हमारी पाठ्य पुस्तकों में भी इस युद्ध के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है। मुझे लगा कि लोगों को इन कहानियों के बारे में जानना बहुत जरूरी है। ‘साबरमती रिपोर्ट’ के साथ भी वैसा ही रहा। मेरे अंदर की देशभक्ति यह फिल्में करके काफी संतुष्ट हुई।

कौन सा इमोशन स्क्रीन पर व्यक्त करना आपके लिए सबसे कठिन रहा है? मेरे लिए सबसे मुश्किल यह है कि मुझे गुस्सा जल्दी नहीं आता। तो अगर मुझे किसी पात्र के लिए गुस्सा दिखाना हो तो वो मेरे लिए मुश्किल होता है। रोना या इमोशनल होना मेरे लिए उतना मुश्किल नहीं है क्योंकि मैं निजी जिंदगी में इन इमोशन को खूब अहमियत देती हूं। इस शो में मेरा किरदार गुस्सैल है। उसे निभाना मुझे थोड़ा चैलेंजिंग लगा।
असल जिंदगी में कौन सा बहादुरी का काम किया है?
मुझे लगता है अगर आप बहादुरी की बात कर रहे हैं तो जिंदगी में मेरे लिए आत्मसम्मान सबसे पहले रहा है। अगर मुझे लगता है कि कहीं पर इज्जत कम मिल रही है तो मैं लड़ने के बजाय वहां से चली जाती हूं। ऐसी किसी भी परिस्थिति में लगता है कि मैं बहुत बहादुर हूं। काफी लोग उन हालात में रह जाएंगे, जहां उनके आत्मसम्मान के साथ समझौता होगा, लेकिन मेरे लिए हमेशा से आत्मसम्मान सबसे महत्वपूर्ण रहा है। मैंने जिंदगी में कई ऐसे फैसले लिए हैं, जहां साहस चाहिए होता है।
‘फर्जी 2’ की क्या तैयारी है?
मेरे पास अभी तक ‘फर्जी 2’ की स्क्रिप्ट भी नहीं आई है तो मुझे पता नहीं है कि मेरा किरदार किधर जाएगा। हां, इतना है कि अपने किरदार को समझने के लिए ‘फर्जी’ को दोबारा देखना होगा। जनवरी के आखिर में हम इसकी शूटिंग आरंभ करेंगे, तब देखते हैं कि आगे क्या होगा।
आपकी आगामी फिल्म ‘तलाकों में एक’ क्या कहना चाहती है?
इस फिल्म के लिए मैंने बहुत मेहनत की है। शीर्षक से अंदाजा हो गया होगा कि यह बहुत इंटेंस कहानी है। आजकल वैसे भी बहुत तलाक हो रहे हैं। जो लोग रिलेशनशिप में हैं वो भी इससे जुड़ाव महसूस करेंगे। इसमें मैं बंगाली लड़की की भूमिका में हूं। हालांकि मेरे ज्यादा संवाद बांग्ला में नहीं हैं। पहनावा और कुछ संवादों में उसकी झलक मिलेगी। इस फिल्म के निर्देशक बंगाली हैं, उन्होंने काफी मदद की थी। मैं भी इस फिल्म का बेसब्री से इंतजार कर रही हूं।

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