नैनीताल, जेएनएन : भाजपा ने नैनीताल की वीवीआइपी सीट पर प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट को चुनावी मैदान में उतारा है। लंबा राजनीतिक अनुभव रखते हैं। नेता प्रतिपक्ष समेत मंत्री भी रह चुके हैं। पहली बार सांसद का चुनाव लड़ रहे हैं। वैसे तो पार्टी में बड़ा कद रखते हैं, लेकिन व्यक्तिगत रूप से उनका लोगों से कम मिलना होता है। ऐसे में इलेक्शन मैनेजमेंट समेत तमाम मुद्दों पर जागरण संवाददाता गणेश जोशी ने उनसे सवाल-जवाब किया। पेश है बातचीत पर आधारित रिपोर्ट।

प्र. : आप पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हैं। टिकट मिलने के सवाल पर कहते थे कि किसी सीट पर कोई वैंकेंसी नहीं है। फिर भी आप टिकट ले आए। पार्टी ने आप पर ही भरोसा क्यों जताया?

उ. :  मैं अपनी बात पर आज भी कायम हूं। प्रदेश अध्यक्ष को टिकट देने का कोई आधार नहीं। कोश्यारी जी चुनाव न लडऩे की घोषणा पर ही मुझे चुनाव लडऩे के निर्देश मिले।

प्र. :  वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में मोदी लहर थी। इसके बावजूद आप अपनी ही परंपरागत सीट रानीखेत से हार गए थे। इसके पीछे क्या कारण रहा?

उ. : पार्टी ने मुझे नेता प्रतिपक्ष व प्रदेश अध्यक्ष की दोहरी जिम्मेदारी दी थी। दोनों महत्वपूर्ण पद होने से मुझे प्रत्येक सीट पर जाना था। विपक्ष ने केवल भ्रम फैलाया और हम इसका जवाब नहीं दे पाए। यही वजह रही कि उस सीट पर बहुत कम अंतर से हार गए।

प्र. : आपको प्रत्याशी बनाए जाने पर पूर्व सांसद बलराज पासी व शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय नाराज हैं। लोकसभा चुनाव में पार्टी के अंदर तरह की खेमेबंदी व नाराजगी पर आपका क्या कहेंगे?

उ.: अरविंद पांडेय को टायफायड हो गया था। मैंने ही न आने की सलाह दी थी। बलराज जी पीएम मोदी से लेकर गदरपुर की सभा में मेरे साथ रहे। नाराजगी का कोई प्रश्न ही नहीं है। सभी स्वयंसेवक हैं। प्रचार में जुटे हैं।

प्र. : पार्टी के अंदर ही आवाज उठती है कि इस क्षेत्र में आपका व्यक्तिगत संपर्क नहीं है। यह आपका चुनावी क्षेत्र भी नहीं रहा है। प्रचार के लिए समय बहुत कम है।  ऐसे में आप क्या कहना चाहेंगे?

उ. : प्रदेश का नेता रहा हूं। प्रदेश अध्यक्ष होने के नाते पूरे क्षेत्र में सक्रिय रहा हूं। मैं इस क्षेत्र में नया नहीं हूं। इस तरह की बात करना गलत है।

प्र. : आपके भाषणों में क्षेत्रीय मुद्दे गायब हैं। राज्य की शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार व पलायन की स्थिति में बहुत अधिक सुधार नहीं दिखा। जबकि, आपके प्रतिद्वंद्वी प्रत्याशी क्षेत्रीय मुद्दों को हाइलाइट कर रहे हैं। क्या आपको क्षेत्रीय मुद्दे महत्वपूर्ण नहीं लगते हैं।

उ. : अगर मेरे प्रतिद्वंद्वी क्षेत्रीय मुद्दों को हाइलाइट कर रहे हैं तो यह उनकी नाकामी ही है। जब वह सीएम रहे और केंद्र में भी मंत्री थे, तो उन्होंने क्यों नहीं उन मुद्दों का समाधान किया। मैं क्षेत्र के लिए सभी जरूरी मुद्दों को उठा रहा हूं, लेकिन इस चुनाव में लोग राष्ट्रीय मुद्दे ही पसंद कर रहे हैं।

प्र. : आप सामान्य परिवार से आते हैं। छात्र जीवन से ही आप राजनीति में आ चुके थे। ऐसे से कौन सी तीन उपलब्धियां हैं, जिनकी वजह से आप वोट बैंक बढ़ाने की बात कर रहे हैं।

उ. : मैंने गरीबी की पराकाष्ठा झेली है। बहुत संघर्ष किया है। संघर्षों ने तपाकर ही मुझे यहां भेजा गया है। मैं यही कामना करता हूं कि मेरे हाथ से कोई भी गलत काम न हो। सभी तरह की दुर्गुणों से मैं बचा रहूं और सत्कर्म करते रहूं। नेता प्रतिपक्ष रहते हुए मैंने एनएच 74 घोटाला उठाया। आज इस घोटाले में संलिप्त अधिकारी जेल में हैं। पत्थरचट्टा का सैनिक फार्म बनाया और छात्रवृत्ति घोटाले केा सदन में उठाया था। तब की सरकार ने इसे दबा दिया। अब हमारी सरकार ने इस पर कार्रवाई की है। और भी बहुत काम हैं।

प्र. :  आपको जनता क्यों अपना प्रतिनिधि चुने? इसके तीन आधार क्या-क्या हैं?

उ. : जनता को पता है कि किसे अपना नेता चुनना है। जनता मुझे संसद भेजती है तो मैं विश्वास दिलाता हूं कि समग्र विकास पर फोकस करूंगा। 

प्र. :  इस चुनाव में आप किन मुद्दों को लेकर चुनाव लड़ रहे हैं? उन मुद्दों को लेकर आपके पास क्या रोडमैप है?

उ. : यह चुनाव राष्ट्रीय मुद्दों पर हो रहा है। केंद्रीय योजनाओं को लागू करना प्राथमिकता में रहेगा। जमरानी बांध की स्वीकृति अंतिम चरण में है। इस पर काम होगा। एचएमटी फैक्ट्री को पुनर्जीवित किया जाएगा। निकायों को विकास के लिए केंद्र से बजट उपलब्ध कराया जाएगा।

प्र. : आप मोदी लहर को ही भुना रहे हैं। आपको क्या लगता है कि मोदी के नाम से ही जनता वोट दे देगी?

उ. : मोदी नाम की जबरदस्त लहर है। हर ओर मोदी के नाम से तालियां बज रही हैं। ऐसा इसलिए कि मोदी ने लोगों के मन में जगह बनाई है। उनके प्रति अटूट विश्वास है। सर्जिकल स्ट्राइक व एयर स्ट्राइक से भी विश्वास गहरा हुआ है। आतंकवादियों को जवाब देकर विश्व जनमत को अपने पक्ष में किया है।

प्र. : राज्य सरकार की दो साल की कौन-कौन प्रमुख उपलब्धियां हैं, जिन्हें आप वोट बैंक के लिए पब्लिक को बताना चाहेंगे।

उ. : राज्य सरकार की 150 से 200 उपलब्धियां हैं। स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार हुआ है। डॉक्टरों की संख्या बढ़ी है। आइसीयू बनाए गए हैं। अटल आयुष्मान योजना क्रांतिकारी कदम है। उधमसिंह नगर में फ्लोटिंग सोलर प्लांट लग रहा है। वाटर स्पोर्ट्स शुरू होंगे। पर्यटन के लिए नए डेस्टिनेशन विकसित किए जा रहे हैं। पिरूल से बिजली बनाने की योजना ग्रामीण महिलाओं के जीवन स्तर को ऊंचा करेगी। ऐसी तमाम योजनाएं हैं। सबसे बड़ी उपलब्धि दो साल में भ्रष्टाचार का कोई दाग नहीं लगा। हमारा वोट मांगने का यही बड़े आधार हैं।

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Posted By: Skand Shukla

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