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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 07, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

लोकसभा तक रुकेंगे या चले जाएंगे... पत्रकारों के सवाल पर ED के लिए बघेल कह गए ये बात, बोले- उनके भी बाल-बच्‍चे हैं

By Jagran NewsEdited By: Deepti Mishra
Published: Tue, 07 Nov 2023 01:47 PM (IST)

Chhattisgarh assembly election 2023 and Mahadev App छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। ...और पढ़ें

chhattisgarh assembly election 2023: सीएम भूपेश बघेल। फाइल फोटो
chhattisgarh assembly election 2023: सीएम भूपेश बघेल। फाइल फोटो

 एएनआई, रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के बीच महादेव ऐप को लेकर सियासत जारी है। भाजपा और कांग्रेस दोनों पार्टियां एक-दूसरे पर हमलावर हैं। इस बीच छत्तीसगढ़ के मुख्‍यमंत्री भूपेश बघेल ने मंगलवार को महादेव ऐप पर बात करते हुए ईडी और आईटी के अधिकारियों के लिए कहा कि उनके भी बाल बच्चे हैं।

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। इसी बीच पत्रकारों ने पूछा कि ईडी और आईटी टीम लोकसभा तक रुकेंगी या चली जाएंगी? इसका जवाब देते हुए कहा,''वे (ईडी, आईटी अधिकारी) अभी एक ब्रेक लेंगे। 16 नवंबर के बाद वे ब्रेक पर जाएंगे, उनके भी बाल-बच्चे हैं, परिवार है। छुट्टी लेने के बाद लोकसभा चुनाव से पहले फिर वापस आएंगे।''

बता दें कि केंद्र सरकार ने महादेव ऐप समेत 22 अवैध सट्टेबाजी प्‍लेटफॉर्म के खिलाफ एक्‍शन लेते हुए इन पर रोक लगा दी है। इन 22 ऐप पर रोक लगाए जाने के बाद बघेल ने सोमवार को केंद्र पर हमला बोला था। भूपेश बघेल ने कहा था कि आखिरकार केंद्र सरकार को होश आ गया है और उसने महादेव ऐप पर रोक लगाने का फैसला किया है।

पूछा- सरकार क्यों नहीं ले रही एक्‍शन ?

सीएम बघेल ने कहा, ''मैं पिछले कई महीनों से पूछ रहा हूं कि सट्टा खिलाने वाले इस ऐप पर केंद्र सरकार एक्शन क्यों नहीं ले रही है। मैंने तो यहां तक कहा था कि 28 प्रतिशत जीएसटी के लालत में प्रतिबंध नहीं लग रहा है या फिर भाजपा वालों का ऐप संचालकों से कोई लेन-देन हो गया है। हैरानी की बात यह है कि ईडी महीनों से इस मामले की जांच कर रही है और फिर भी ऐप का संचालन लगातार होता रहा।''

राज्‍य पुलिस ने जारी किया था लुकआउट नोटिस

उन्होंने आगे कहा कि केंद्र सरकार अब जागी है तो अच्छा है कि इस ऐप के संचालकों को भी दुबई से यथाशीघ्र गिरफ्तार कर भारत लाया जाए। छत्तीसगढ़ पुलिस ने सबसे पहले संचालकों के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया था। उन्हें छत्तीसगढ़ पुलिस भी रिमांड में लेकर पूछताछ करना चाहेगी क्योंकि यहां तो सबसे पहले उनके खिलाफ मामले दर्ज हुए हैं।

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