विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 05, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Chhattisgarh Elections 2023: छत्तीसगढ़ का वो गांव जहां चुने जाते हैं दो विधायक, वोट मांगने पहुंचे उम्मीदवार

By AgencyEdited By: Nidhi Avinash
Published: Sun, 05 Nov 2023 06:21 PM (IST)

आगामी छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनावों से पहले दुर्ग ग्रामीण और राजनांदगांव निर्वाचन क्षेत्रों के उम्मीदवार चुनाव से पहले प्रचार के लिए ...और पढ़ें

छत्तीसगढ़ का वो गांव जहां चुने जाते हैं दो विधायक (Image: Jagran Graphic)
छत्तीसगढ़ का वो गांव जहां चुने जाते हैं दो विधायक (Image: Jagran Graphic)

HighLights

  1. छत्तीसगढ़ का एक गांव जो दो विधायकों को 'चुनता' है
  2. दो निर्वाचन क्षेत्रों के उम्मीदवार वोट मांगने के लिए पहुंचे गांव
  3. प्रचार के लिए अंजोरा की कर रहे यात्रा

पीटीआइ, अंजोरा (छत्तीसगढ़)। छत्तीसगढ़ का एक गांव जो दो विधायकों को 'चुनता' है। आगामी छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनावों से पहले यह गांव आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। महज 5 हजार की आबादी वाले इस गांव में दो निर्वाचन क्षेत्रों के उम्मीदवार वोट मांगने के लिए इस जगह का दौरा कर रहे हैं।

दुर्ग और राजनांदगांव जिले के बीच की सीमा पर स्थित अंजोरा गांव केवल सड़कों द्वारा दो जिलों के क्षेत्रों में विभाजित है। दुर्ग शहर से लगभग 10 किमी दूर दुर्ग और राजनांदगांव शहरों के बीच मुंबई-हावड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग-53 पर स्थित यह गांव दो पंचायतों - अंजोरा ग्राम पंचायत (राजनांदगांव) और अंजोरा 'ख (बी)' ग्राम पंचायत (दुर्ग) द्वारा शासित होता है।

प्रचार के लिए अंजोरा की कर रहे यात्रा

विधानसभा चुनाव के इस दिलचस्प मुकाबले के कारण दुर्ग ग्रामीण और राजनांदगांव निर्वाचन क्षेत्रों के उम्मीदवार चुनाव से पहले प्रचार के लिए अंजोरा की यात्रा कर रहे हैं। अंजोरा पंचायत (राजंदगांव पक्ष) की सरपंच अंजू साहू ने चुटकी लेते हुए कहा, 'कभी-कभी लोग भ्रमित हो जाते हैं क्योंकि दोनों निर्वाचन क्षेत्रों के उम्मीदवार चुनाव प्रचार के लिए गांव आते हैं। पूरे गांव में उम्मीदवारों के पोस्टर और बैनर देखे जा सकते हैं, चाहे वे किसी भी निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे हों। ऐसा कहा जाता है कि गांव दो विधायकों को चुनता है।'

गांव सड़कों से विभाजित

कांग्रेस नेता साहू ने कहा, हालांकि गांव सड़कों से विभाजित है, यहां के लोग शांतिपूर्वक रहते हैं और त्योहारों और अन्य समारोहों को एक साथ मनाते हैं। साहू ने कहा कि उनका पैतृक घर अंजोरा बी क्षेत्र में है जो दुर्ग ग्रामीण सीट के लिए मतदान करता है, जबकि उनके ससुराल वाले राजनांदगांव निर्वाचन क्षेत्र के लिए मतदान करते हैं। 90 सदस्यीय छत्तीसगढ़ विधानसभा के लिए इस महीने दो चरणों में मतदान होगा। जबकि, राजनांदगांव उन 20 सीटों में से एक है, जहां 7 नवंबर को पहले चरण में मतदान होगा, दुर्ग ग्रामीण सहित शेष 70 निर्वाचन क्षेत्रों में 17 नवंबर को दूसरे चरण में मतदान होगा।

यह गांव दो पंचायतों में बंटा

अंजोरा बी पंचायत की सरपंच संगीता साहू के पति माखनलाल साहू ने कहा कि राजनांदगांव जिले का गठन 1973 में दुर्ग जिले (तत्कालीन मध्य प्रदेश) से अलग होकर किया गया था। तब से यह गांव दो पंचायतों में बंट गया है। उन्होंने कहा कि विधानसभा सीटों के लिए परिसीमन भी इस तरह से किया गया था कि गांव का आधा हिस्सा एक निर्वाचन क्षेत्र में और आधा हिस्सा दूसरे खंड में पड़ता है।उन्होंने कहा, गांव में ऐसे भी परिवार हैं जिनके आधे सदस्यों को राजनांदगांव विधानसभा क्षेत्र के लिए और आधे को दुर्ग ग्रामीण के लिए मतदान करना था।

हाई-प्रोफाइल उम्मीदवार मैदान में उतरे 

राजनांदगांव और दुर्ग ग्रामीण दोनों प्रमुख निर्वाचन क्षेत्र हैं, जहां पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह और राज्य के मौजूदा गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू जैसे हाई-प्रोफाइल उम्मीदवार मैदान में हैं। भाजपा ने रमन सिंह को उनकी निवर्तमान राजनांदगांव सीट से मैदान में उतारा है, जबकि छत्तीसगढ़ राज्य खनिज विकास निगम के वर्तमान अध्यक्ष गिरीश दीवानगन कांग्रेस के उम्मीदवार हैं। दुर्ग ग्रामीण सीट पर कांग्रेस ने राज्य में सत्तारूढ़ पार्टी के प्रमुख ओबीसी नेता मंत्री साहू को मैदान में उतारा है, जबकि भाजपा ने नए चेहरे ललित चंद्राकर को मैदान में उतारा है।

यह भी पढ़े: Chhattisgarh Election 2023: 'डरी हुई है BJP', रिश्वतखोरी के आरोपों के खिलाफ भूपेश बघेल को मिला नाना पटोले का साथ

यह भी पढ़े: CG Election 2023: CM भूपेश बघेल ने जारी किया कांग्रेस का घोषणापत्र, जातिगत सर्वे-कर्ज माफी समेत कई बड़े एलान