उत्तमनगर हत्याकांड: माता-पिता को बेहतर जिंदगी देने का देखता था सपना, आस्था और फिटनेस से भरा था तरुण का जीवन
उत्तम नगर में तरुण खटीक की हत्या से उसका परिवार गहरे सदमे में है। सबसे छोटा बेटा तरुण अपने माता-पिता ...और पढ़ें

उत्तम नगर में हुई तरुण खटीक की खौफनाक हत्या के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

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जागरण संवाददाता, पश्चिमी दिल्ली। उत्तम नगर में हुई तरुण खटीक की खौफनाक हत्या के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घर का सबसे छोटा और सबसे चहेता बेटा अब इस दुनिया में नहीं है। तरुण न सिर्फ अपने परिवार का सहारा बनने का सपना देख रहा था, बल्कि अपने माता-पिता को कठिन मेहनत भरी जिंदगी से राहत दिलाना चाहता था।
स्वजन के अनुसार तरुण परिवार में सबसे छोटा था। घर में पिता मेमराज, मां, बड़ा भाई अरुण और बड़ी बहन रेखा हैं। सबसे छोटा होने के कारण वह घर का लाडला था और परिवार के हर सदस्य का उससे विशेष लगाव था।
बेहतर बनाना चाहता था जिंदगी
तरुण के पिता मेमराज घरों में रंगाई-पुताई का काम करते हैं। सीमित आमदनी के बावजूद उन्होंने कड़ी मेहनत करके अपने तीनों बच्चों की पढ़ाई और परवरिश की। चाचा टेकचंद के अनुसार तरुण अक्सर कहा करता था कि कोर्स पूरा कर वह अच्छी नौकरी या अपना काम शुरू करेगा और माता-पिता को बेहतर जिंदगी देगा, ताकि वर्षों से की जा रही उनकी कठिन मेहनत को कुछ राहत मिल सके।
डिजिटल सेक्टर में बनाना चाह रहा था करियर
तरुण इन दिनों वेब डिजाइनिंग और डिजिटल मार्केटिंग से जुड़ा कोर्स कर रहा था और भविष्य में इसी क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहता था। परिजनों के मुताबिक उसका सपना अपना डिजिटल मार्केटिंग से जुड़ा काम शुरू करने का था। कोविड महामारी के दौरान परिस्थितियों के कारण उसे बहादुरगढ़ के एक कालेज में चल रहे बीसीए कोर्स को बीच में ही छोड़ना पड़ा था। इसके बाद उसने पार्ट-टाइम काम भी किया और साथ-साथ डिजिटल क्षेत्र में आगे बढ़ने की तैयारी जारी रखी।
जीता था अनुशासित जीवन
तरुण फिटनेस को लेकर भी बेहद सजग था। पिछले करीब आठ वर्षों में उसने नियमित जिम और व्यायाम से अपने शरीर को मजबूत बनाया था। इंटरनेट मीडिया पर उसकी जिम से जुड़ी कई तस्वीरें और वीडियो मौजूद हैं, जिनमें वह कसरत करते और अपनी फिटनेस यात्रा साझा करते नजर आता है। उसके मित्र बताते हैं कि वह युवाओं को फिट रहने और अनुशासित जीवन जीने के लिए भी प्रेरित करता था।
वाराणसी के प्रति था विशेष प्रेम
तरुण की भगवान में गहरी आस्था थी और अक्सर धार्मिक स्थलों के दर्शन के लिए जाता था। वह केदारनाथ, ऋषिकेश, अयोध्या और वाराणसी जैसे तीर्थ स्थलों की यात्रा कर चुका था और कई बार वाराणसी के अस्सी घाट पर भी समय बिताता था। इसके अलावा वह कनाॅट प्लेस के प्राचीन हनुमान मंदिर में हर मंगलवार वहां जाना उसकी आदत में शामिल था।
इंटरनेट मीडिया पोस्ट से यह साफ झलकता है कि वह सकारात्मक सोच रखने वाला युवक था। वह अपने संघर्ष, फिटनेस और जीवन के लक्ष्यों को लेकर प्रेरणादायक संदेश साझा करता रहता था। लेकिन एक हिंसक घटना ने उसके सारे सपनों को अधूरा छोड़ दिया।
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