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तरुण खटीक हत्याकांड: VHP ने कहा- विवाद की शुरुआत करने वाली महिला से हो पूछताछ, दिल्ली में निकालेंगे मशाल जुलूस

Published: Mon, 09 Mar 2026 05:43 PM (IST)Updated: Mon, 09 Mar 2026 06:07 PM (IST)

उत्तम नगर में तरुण खटीक की मॉब लिंचिंग पर विश्व हिंदू परिषद ने कड़ी निंदा की है। विहिप ने होली ...और पढ़ें

HighLights

  1. विहिप ने तरुण खटीक की मॉब लिंचिंग की निंदा की।

  2. विवाद शुरू करने वाली महिला से पूछताछ की मांग की।

  3. दिल्ली में मशाल जुलूस, देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। उत्तम नगर में होली के दिन तरुण खटीक की बर्बर झुंड द्वारा की गई माॅब लिंचिंग की विश्व हिंदू परिषद ने कठोर शब्दों में निंदा की है। विहिप के केंद्रीय संयुक्त महामंत्री डाॅ. सुरेंद्र जैन ने पत्रकार वार्ता में कहा कि दिल्ली के उत्तम नगर में सात साल की मासूम बच्ची ने अपने ताऊजी पर पानी का गुब्बारा फेंका था, जिसके चंद छींटे वहां से गुजर रही एक मुस्लिम महिला के कपड़ों पर क्या गिरे, पहले तरुण के माता-पिता और ताऊ जी को निर्ममता से पीटा। फिर तरुण की तलवारों, पत्थरों व लाठियां से सरेआम नृशंस हत्या कर दी गई।

मुख्य षड्यंत्रकारी है महिला

डाॅ. सुरेंद्र ने कहा कि क्या उस महिला को नहीं पता था कि होली रंगों का त्यौहार है और उसके छींटे किसी पर भी गिर सकते हैं? उस महिला का होली पर बाहर निकलना और पानी के छींटे गिरते ही 25-30 जेहादियों की भीड़ का हथियारों के साथ तुरंत बाहर आकर हिंसा का नंगा नाच करना, महज संयोग नहीं हो सकता। अभी तक इस हत्याकांड की मुख्य षड्यंत्रकारी उस महिला को गिरफ्तार तक नहीं किया गया, उसे अविलंब गिरफ्तार कर कड़ाई से पूछताछ करनी चाहिए।

दंगाई महिलाओं और अवयस्क ही आगे क्यों?

उन्होंने कहा कि योगी माॅडल को पूरी तरह लागू करने की आवश्यकता है। अभी 30 आरोपितों में सात ही गिरफ्तार हुए हैं। पूरी दिल्ली में आक्रोश प्रकट किया जाएगा। मशाल जुलूस निकाला जाएगा। जरूरत पड़ी तो पूरे देश में आंदोलन किया जायेगा। उन्होंने कहा कि देश भर में यह देखा गया है कि जिहादी अक्सर दंगाई महिलाओं और अवयस्कों को ही आगे करते हैं, जिससे वे कानूनी कार्रवाई से बच सकें। अब उनकी इस रणनीति पर भी रोक लगाने का समय आ गया है।

हिंदुओं के हर पर्व में होता है हमला

डाॅ. सुरेंद्र ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि हिंदू त्योहारों व शोभा यात्राओं पर हमले तथा भीड़ हिंसा कर हिंदुओं की हत्या करने का यह एकमात्र उदाहरण नहीं है। इसी वर्ष पावन होली पर हिंदुओं के खून से होली खेलने के लिए 11 से अधिक हमले किए गए। पिछले 10 वर्षों में केवल होली पर हमलों की 42 से अधिक शिकायतें दर्ज की जा चुकी है। होली ही नहीं, हिंदुओं का कोई भी पर्व ऐसा नहीं है, जिस पर जिहादी हिंदुओं पर हमले न करते हों।

240 से अधिक बार प्राण घातक हमले

पिछले 10 वर्षों में हिंदुओं के त्योहारों पर 240 से अधिक बार प्राण घातक हमले किए गए, जिनमें कई हिंदुओं को घेर कर मारा गया। इनकी सूची इस विज्ञप्ति के साथ जारी की गई है, जो सिर्फ शिकायत की गई कतिपय घटनाओं पर आधारित है। वास्तविकता और भी भयावह है।

उन्होंने कहा कि जिहादियों में हिंदुओं के प्रति क्रूरता और घृणा बढ़ती जा रही है। उधर उत्तम नगर के हिंदू समाज की प्रतिक्रिया से भी इन्हें स्पष्ट हो गया होगा कि अब हिंदू समाज का आक्रोश भी बढ़ रहा है। वह सिर्फ कानूनी कार्रवाई की प्रतीक्षा में हाथ पर हाथ रखकर बैठने वाला नहीं है। रामास्वामी उदयार मामले में उच्च न्यायालय की यह टिप्पणी सबको स्मरण रखनी चाहिए कि अगर एक वर्ग हिंदुओं को अपने उत्सव व शोभा यात्राओं के आयोजन में बाधा डालता है, तो उस वर्ग को भी सोचना पड़ेगा कि वह वहां अपने धार्मिक आयोजन कैसे कर सकेगा जहां वह अल्पसंख्यक है।

 कवर फायर देने का काम कर रहे

विहिप मदनी, ओवैसी और वर्क जैसे कट्टरपंथियों और उनके साथ गठजोड़ करने वाले कथित सेक्युलर नेताओं को चेतावनी देती है कि वह हिंदू समाज को उस तरीके से जवाब देने के लिए मजबूर न करें, जिन तरीकों का उपयोग हिंदुओं के विरुद्ध हो रहा है। उन्होंने मदनी को आतंकवादियों का समर्थक बताते हुए कहा कि वह उसे कवर फायर देने का काम करते हैं।

सभी नेता तरुण की निर्मम हत्या पर आज तक चुप

उन्होंने आगे आरोप लगाते हुए कहा कि छोटी छोटी बातों पर आसमान सर पर उठाने वाले राहुल गांधी समेत सभी नेता तरुण की निर्मम हत्या पर आज तक चुप हैं। इससे स्पष्ट होता है कि ये लोग इन सब हत्याकांडों को मौन समर्थन दे रहे हैं। जिहादी हिंसा के शिकार तरुण जैसे कई युवक अनुसूचित समाज से आते हैं। इस समाज के अधिकारों के लिए संघर्ष का दिखावा करने वाले मीम-भीम वादी, सेक्युलर व भाईचारे की ढींग हांकने वाले नेताओं के होठ क्यों सिल जाते हैं, यह बहुत आश्चर्यजनक है।

रखीं तीन मांगें...

विश्व हिंदू परिषद ने तरुण की भीड़ हिंसा करने वाले कुछ हत्यारों पर की गई त्वरित कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा है कि मुख्य षड्यंत्रकारी महिला सहित कई अन्य अपराधी व षड्यंत्रकारियों पर सख्त कार्यवाही शेष है। विहिप की मांग है कि..

  • अपराधियों पर ऐसी सख्त कार्रवाई की जाए, जिससे शेष जेहादियों को ऐसी हरकत करने से पहले 10 बार सोचना पड़े।
  • जिहादियों को भड़काने वाले मुल्ले-मौलवियों पर भी सख्त कार्यवाही की आवश्यकता है। कट्टरपंथ और आतंकवाद के कारखाने बन चुके मदरसों पर पूर्ण और तत्काल प्रतिबंध की आवश्यकता है।
  • दिल्ली सहित सभी राज्य सरकारें ऐसे जांच आयोगों का गठन करें, जो इस बढ़ती जेहादी क्रूरता और हिंदुओं के प्रति फैलाई जा रही घृणा के साथ, जिहादियों को सजा न मिल पाने के कारणों की भी गहन जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कार्यवाही की अनुशंसा कर सकें।

डाॅ. सुरेंद्र जैन ने यह भी कहा कि हम हिंदू समाज की रक्षा के लिए कटिबद्ध हैं तथा उस के लिए हर प्रकार के संविधान सम्मत उपाय करने के लिए भी तत्पर हैं।

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