दिल्ली के इस फ्लाईओवर की मरम्मत को मिली मंजूरी, 17 करोड़ से बदले जाएंगे एक्सपेंशन ज्वाइंट्स
पिछले तीन साल से लंबित मांग के बाद, लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) सीलमपुर के पुराने फ्लाईओवर की मरम्मत करेगा। दिल्ली सरकार ने इसके लिए 17 करोड़ रुपय ...और पढ़ें

सीलमपुर पुराने फ्लाईओवर की होगी मरम्मत। फाइल फोटो
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। पिछले तीन साल से उठ रही मांग के बाद लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) अब सीलमपुर पुराने फ्लाईओवर की मरम्मत कराएगा। इसके तहत एक्सपेंशन ज्वाइंट बदले जाएंगे तथा विभिन्न जरूरी कामों को कराया जाएगा। सरकार ने इसके लिए 17 करोड़ रुपये की मंजूरी दे दी है।
इस फ्लाईओवर पर एक्सपेंशन ज्वाइंट खराब हो जाने से खासकर दो पहिया वाहनों को आवागमन में सुरक्षा को लेकर खतरा बना रहता है। इस फ्लाईओवर काे शास्त्रीपार्क की ओर से अप्सरा बार्डर की ओर जाने वाले यातायात को सिग्नल फ्री किए जाने के लिए करीब 19 साल पहले बनाया गया था।
2006 में बना था सिंगल फ्लाईओवर
सीलमपुर में टी-प्वाइंट लालबत्ती पर पहली बार 2006 में सिंगल फ्लाईओवर बनाया गया था। उसे समय यातायात का दबाव यहां पर इतना ज्यादा नहीं था। सरकार ने जीटी रोड पर शास्त्रीपार्क से अप्सरा बार्डर की ओर जाने के लिए तीन लेन का सिंगल फ्लाईओवर बनाया था। इसे बनाए हुए अब 19 साल हो गए हैं।
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पिछले तीन साल से इसकी मरम्मत कराए जाने की बात उठ रही है। पीडब्ल्यूडी ने भी करीब तीन साल पहले इस फ्लाईओवर की मरम्मत कराए जाने का प्रस्ताव उस समय की आप सरकार के पास भेजा था, जिसमें एक्सपेंशन ज्वाइंट बदले जाने की जरूरत पर बल दिया गया था।
समय पर फंड नहीं मिलने से अटका काम
दरअसल एक्सटेंशन ज्वाइन की उम्र 12 से 15 साल के करीब मानी जाती है जो अब अब पूरी तरह खराब हो चुके हैं। मगर पूर्व की सरकार के समय फंड न मिलने से यह काम नहीं शुरू हो सका था। अब इस पर काम शुरू होने जा रहा है। दिल्ली सरकार ने इस काम के लिए 17,85,59,133 करोड़ रुपये की मंजूरी दे दी है।
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इसके तहत सड़क की टूटी हुई सतह यानी हनीकाम्ब कंक्रीट की मरम्मत, एक्सपेंशन ज्वाइंट को फिर से स्थापित करने के साथ साथ इलास्टोमेरिक पैड और फ्लाईओवर के बेयरिंग काे बदला जाएगा। इन्हें फ्लाईओवर के ऊपर पड़ने वाले दबाव काे कम करने के लिए लगाया जाता है।
मैं तीसहजारी कोर्ट से अपने घर प्रतिदिन नवीन शाहदरा इस फ्लाईओवर से गुजरता हूं। इस फ्लाईओवर की दशा पिछले कई सालों से काफी खराब है। मैंने कई बार लोक निर्माण विभाग से इसकी शिकायत की है। इसके कुछ एक्सपेंशन ज्वाइन तो इतने खराब हैं कि उनके ऊपर से गुजरने पर तेज का झटका लगता है और तेज रफ्तार दुपहिया के दुर्घटना होने की आशंका भी बनी रहती है।
कमल कुमार सिंह, तीस हजारी कोर्ट

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