नई दिल्ली/गाजियाबाद, आनलाइन डेस्क। देश के जाने-माने कवि कुमार विश्वास अपनी मोहब्बत से लबरेज कविताओं के साथ-साथ राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक मसलों पर बेबाब प्रतिक्रिया के लिए भी जाने जाते हैं। वह पिछले कई सालों से इंटरनेट मीडिया पर खासकर सामाजिक और राजनीतिक विद्रूपताओं पर जमकर कटाक्ष करते हैं। कवि कुमार विश्वास के इशारों-इशारों में किए गए कटाक्ष आम लोगों के साथ-साथ उनके लाखों प्रशंसकों को खूब पसंद भी आते हैं। फिलहाल देश के सबसे लोकप्रिय कवियों में शुमार कुमार विश्वास का ताजा ट्वीट 'अरहर में डूब गया सूर्य, पेड़ों को ख़बर तक नहीं…! (कोई राजनैतिक अर्थ न निकालें, ये तो केवी कुटीर की आज की शाम भर है', खूब चर्चा मे हैं। ज्यादातर उनके चाहने वाले और प्रशंसक उनके इस ट्वीट को किसान आंदोलन की वापस से जोड़कर देख रहे हैं। 

कुमार विश्वास के इस ट्वीट पर उनके एक प्रशंसक ने लिखा है 'आपकी तो खामोशी का भी अर्थ निकाल लेती है दुनिया @DrKumarVishwas भैया, आप बात करो और ज़माना उसका अर्थ भी ना निकाले, ऐसा कैसे सम्भव है?'

इसके अलावा, एक प्रशंसक पुष्पा अजय सिंह ने ट्वीट किया है- 'ये नजरों का धोखा है।'

इसके अलावा, धनंजय सिंह कुशवाहा ने ट्वीट किया है- 'पेड़ अंजान है अज्ञान नहीं। अरहर उससे अधिक महान नहीं।'

एक चाहने वाले रोहित सिंह ने लिखा है- 'नकली किसान आंदोलन @DrKumarVishwas जी का बड़ा हमला।'

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पंकज ने ट्वीट किया है- 'पेड़ों को बेखबर रहने दो। हमारी संस्कृति ने हमें सिखाया है "डूबते हुए सूर्य को पूजना" कल फिर सवेरा होगा, फिर सूर्य निकलेगा अभी तक कम चमक रहा था, अब पहले से ज्यादा चमकेगा '

सचिन शर्मा ने तो कुमार विश्वास के ट्वीट का खुले आम समर्थन करते हुए लिखा है- 'साहब आप क्यों बोलने से डरते हो जिसको जो अर्थ निकालना है निकालने दो आप के पास सरस्वती माँ का दिया वरदान के आप अपनी बातों को आसानी से लोगो को समझा पाते हो।' 

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Kisan Andolan: राकेश टिकैत ने किया पीएम नरेंद्र मोदी की मंशा पर शक, कही हैरान करने वाली बात

केंद्र में सत्तासीन नरेंद्र मोदी सरकार ने किसान आंदोलनकारियों को बड़ी राहत देते हुए एक साल पहले लाए गए तीनों केंद्रीय कृषि कानूनों को पूरी तरह से वापस लेने का एलान किया है। गुरुनानक जयंती पर शुक्रवार सुबह खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कृषि कानूनों को वापस लेने का एलान किया। शुक्रवार को राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि एमएसपी को और अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए एक कमेटी का गठन किया जाएगा। इस कमेटी में केंद्र सरकार, राज्य सरकारों के प्रतिनिधि होंगे, किसान होंगे, कृषि वैज्ञानिक होंगे, कृषि अर्थशास्त्री होंगे।

पीएम मोदी ने इस मौके पर यह भी कहा कि उनकी सरकार तीन नए कृषि कानून के फायदों को किसानों के एक वर्ग को समझाने में नाकाम रही। उन्होंने घोषणा की कि इन तीनों कानूनों को निरस्त किया जाएगा और इसके लिए संसद के आगामी सत्र में विधेयक लाया जाएगा।

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Edited By: Jp Yadav