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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 17, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Rakesh Tikait के इन 2 बड़े बयानों ने बढ़ाई लोगों की टेंशन, गाजियाबाद जिला प्रशासन पहले से है सतर्क

By Jp YadavEdited By:
Published: Wed, 17 Mar 2021 09:28 AM (IST)Updated: Wed, 17 Mar 2021 01:04 PM (IST)

Kisan Andolan गौरव टिकैत के मुताबिक उनके दादा और किसान नेता चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत के गांव सिसौली मुजफ्फरनगर स्थित ...और पढ़ें

केंद्र सरकार के कृषि कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलन के एक बार फिर से उग्र होने की संभावना है।
केंद्र सरकार के कृषि कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलन के एक बार फिर से उग्र होने की संभावना है।

नई दिल्ली/गाजियाबाद/सोनीपत। पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ प्रचार कर लौटे भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत के 2 बड़े बयानों ने दिल्ली-एनसीआर के लोगों की चिंता बढ़ा दी है। इसके साथ ही गाजियाबाद जिला प्रशासन को भी एक बार फिर परेशानी में डाल दिया है। उत्तर प्रदेश के मथुरा में किसान नेता राकेश टिकैत ने पहले बयान में धरना स्थल पर पक्के निर्माण की बात कही है, तो वहीं दूसरे बयान में उन्होंने कहा है कि  जरूरत पड़ने पर दिल्ली-नोएडा स्थित चिल्ला बॉर्डर को दोबारा सील किया जाएगा। इन दोनों बयानों से लोग परेशान हैं, क्योंकि चिल्ला बॉर्डर बंद होने से दिल्ली के साथ नोएडा के भी हजारों लोगों का आवागमन पूर्व की तरह बाधित हो जाएगा।

राकेश टिकैत बोले, हम दिल्ली-नोएडा की सीमा को करेंगे सील

केंद्र सरकार के कृषि कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलन के एक बार फिर से उग्र होने की संभावना है। जरूरत पड़ने पर चिल्ला बॉर्डर को दोबारा सील किया जाएगा। यह बात मंगलवार को भारतीय किसान यूनियन राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कही। वह नोएडा सेक्टर-145 में एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि किसान जल्द दिल्ली-नोएडा बॉर्डर को सील करेंगे।

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उन्होंने बताया कि किसानों की समिति ने अभी तक इसके लिए तिथि पर फैसला नहीं लिया है लेकिन मैं यह बताना चाहता हूं कि किसान तीनों कानूनों के खिलाफ है। सरकार तक अपनी बात पहुंचाने के लिए 26 मार्च को भारत बंद का एलान कर चुके हैं। यदि ऐसा होता है तो एक बार फिर नोएडा से दिल्ली और दिल्ली से नोएडा आने वालों के लिए बड़ी मुसीबत खड़ी हो सकती है।

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भाकियू (भानू गुट) कर चुका है दिल्ली-नोएडा बॉर्डर सील

बता दें कि पहले भारतीय किसान यूनियन (भानु) ने नोएडा दिल्ली बॉर्डर को चिल्ला बॉर्डर को सील किया था। 26 जनवरी की घटना के बाद भानु गुट के राष्ट्रीय अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह ने आंदोलन समाप्त कर यहां से जाने को फैसला लिया था। इसके बाद भी कई सप्ताह तक भारी पुलिस बल नोएडा प्रवेश द्वार पर तैनात रहा। राकेश टिकैत के इस बयान पर पुलिस ने कोई भी प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन बयान ने पुलिस महकमे में हलचल पैदा कर दी है।

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राकेश टिकैत ने दोहराया, धरना स्थल पर होंगे पक्के निर्माण

संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा धरना स्थलों पर पक्का निर्माण नहीं करने की हिदायत को शायद भारतीय किसान यूनियन टिकैत गुट के प्रवक्ता राकेश टिकैत मानने को तैयार नहीं हैं। उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में अपने ताजा बयान में किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा है कि धरनास्थल के आसपास पक्के भवनों का निर्माण कराया जा रहा है, जिससे किसान सुरक्षित रह सकें। इसी के साथ ही उन्होंने तीनों केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे किसानों के धरना प्रदर्सन को भी उचित बताया है।

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लंबे समय तक चल सकता है धरना

मंगलवार को मथुरा से दिल्ली जाते समय कुछ देर टप्पल में भाकियू के वरिष्ठ नेता विजय तालान के घर रुके किसान नेता राकेश टिकैत ने किसानों का धरना लंबे समय तक चलने के संकेत दिए। राकेश टिकैत ने साफ-साफ कहा कि केंद्र सरकार को किसान विरोधी बताते हुए कहा कि एमएसपी से कम रेट पर किसान फसल नहीं बेचेंगे।

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