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किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट का पर्दाफाश, नामी महिला डॉक्टर समेत सात गिरफ्तार; दिल्ली से लेकर बांग्लादेश तक जुड़े तार

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। गिरोह के सात सदस्य गिरफ्तार किए गए हैं। आरोपितों में एक नामी महिला डॉक्टर भी शामिल हैं। जांच में पता चला कि यह गिरोह डोनर से 4-5 लाख रुपये में किडनी लेकर उसे 20 से 30 लाख रुपये बेच देते थे। जानिए आखिर इस गिरोह के तार कौन से देश जुड़े है।

By Jagran News Edited By: Kapil Kumar Tue, 09 Jul 2024 02:28 PM (IST)
दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने एक गिरोह के सात सदस्यों को गिरफ्तार किया है। (जागरण फोटो)

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की टीम ने किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए एक नामी डॉक्टर समेत सात आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की जांच में पता चला कि इस रैकेट के तार दिल्ली से लेकर बांग्लादेश तक जुड़े हुए हैं।

दिल्ली में रहकर रैकेट से जुड़ी महिला डॉक्टर

गिरफ्तार आरोपितों से टीम ने पूछताछ की। पूछताछ में पता चला कि आरोपित महिला डॉक्टर चेन्नई से ताल्लुक रखती हैं। वह दिल्ली में आकर रहने लगी थीं, इसी दौरान वह एक रैकेट से जुड़ गईं। इसके बाद इस 50 वर्षीय महिला नामी डॉक्टर ने रैकेट के साथ मिलकर काफी समय तक काम किया।

आरोपितों में तीन बांग्लादेशी भी शामिल

बताया गया कि गिफ्तार किए गए आरोपितों में एक ट्रांसलेटर और तीन बांग्लादेशी भी शामिल हैं। वहीं दिल्ली-एनसीआर के दो बड़े नामी अस्पताल भी शक के दायरे में आ गए हैं, जिनसे दिल्ली पुलिस की टीम पूछताछ कर रही है।

पुलिस के अनुसार, ये आरोपित 20 से 30 लाख रुपये में किडनी बेच देते थे। बांग्लादेश के ही डोनर और रिसीवर दोनों होते थे। जांच में पता चला कि 2019 से ऑर्गन रैकेट चला रहे थे। गिरफ्तार आरोपितों में दिल्ली के नामी हॉस्पिटल की किडनी सर्जन डॉक्टर विजया कुमारी शामिल हैं।

बताया गया कि महिला डॉक्टर अस्पताल में केस के लिए लगातार आती थीं। अब महिला डॉक्टर को सस्पेंड कर दिया गया है। 

बांग्लादेश हाई कमीशन के कई फर्जी दस्तावेज बरामद

आरोपितों के पास से बांग्लादेश हाई कमीशन के कई फर्जी दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं। एक किडनी डोनर से 4-5 लाख में लेते थे और रिसीवर को 20 से 25 लाख में बेचते थे।

डॉक्टर हर सर्जरी का लेती थीं दो लाख रुपये

यह महिला डॉक्टर हर सर्जरी का दो लाख रुपये लेती थीं। डॉक्टर ने अधिकतर सर्जरी नोएडा के एक नामी अस्पताल में की थी। वहीं, डोनर और रिसीवर को दिल्ली के जसोला के एक फ्लैट में रखा जाता था।

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गुरुग्राम और राजस्थान में तीन महीने पहले किडनी रैकेट पकड़ा गया था, यह वही गिरोह है। दिल्ली की डॉक्टर भी उसमें शामिल थीं।

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