Delhi: आज से जंतर-मंतर पर आमरण अनशन करेंगे पेंशनर्स, क्रमिक अनशन से नहीं बनी बात; सुप्रिया सूले ने भी दिया समर्थन
ईपीएस-95 पेंशनरों द्वारा जंतर-मंतर पर 8 दिसंबर से किए जा रहे क्रमिक अनशन का सरकार की ओर से कोई बात नहीं बनी। ऐसे में आज बुधवार से उनके द्वारा आमरण अनशन करने का निर्णय लिया गया है। बीजेपी सांसद हेमा मालिनी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष कमांडर अशोक राऊत को इस विषय पर वार्ता के लिए अपने आवास पर भी बुलाया था।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। ईपीएस-95 पेंशनरों द्वारा जंतर-मंतर पर 8 दिसंबर से किए जा रहे क्रमिक अनशन का सरकार की ओर से कोई सार्थक परिणाम न आने के कारण वृद्ध पेंशनरों में रोष व्याप्त है। ऐसे में आज बुधवार से उनके द्वारा आमरण अनशन का निर्णय लिया गया है।
बता दें कि न्यूनतम पेंशन बढ़ाने की मांग को लेकर ईपीएस-95 राष्ट्रीय संघर्ष समिति द्वारा किए जा रहे आंदोलन के तहत मंगलवार को जंतर मंतर पर क्रमिक अनशन के पांचवें दिन उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के पेंशनर बड़ी संख्या में शामिल हुए।
मथुरा की सांसद हेमा मालिनी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष कमांडर अशोक राऊत को इस विषय पर वार्ता के लिए अपने आवास पर बुलाया था और कहा था कि आपकी पीड़ा वह प्रधानमंत्री तक अवश्य पहुंचाएगी। अतः आप लोग अनशन पर ना बैठे।
सुप्रिया सूले ने मामला लोकसभा में उठाया
इसके अतिरिक्त अनशन स्थल पर सांसद सुप्रिया सुले भी आई थीं, उन्होंने कहा कि ईपीएस-95 पेंशन का मुद्दा उन्होंने सोमवार को ही लोकसभा में उठाया था और आपका विषय इतना संवेदनशील है, पता नहीं फिर भी सरकार ध्यान क्यों नहीं दे रही। आपकी बेटी आपके लिए लड़ेगी इसलिए आप लोग आमरण अनशन न करें।
अनशन स्थल पर उत्तर प्रदेश की ओर से राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के एस तिवारी, प्रदेश अध्यक्ष ओम शंकर तिवारी, महामंत्री राजशेखर नागर,बीपी मिश्रा, चंद्रशेखर पाठक, दिनेश कुशवाहा, आरएन द्विवेदी, सुभाष चौबे ,रामबाबू गुप्ता एस के शर्मा, रामसेवक गुप्ता आदि तथा उत्तराखंड की ओर से अध्यक्ष सुरेश डंगवाल, संजीव भोपाल सूरजभान आदि के साथ उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और महाराष्ट्र के अनेक जिलों से पेंशनर बड़ी संख्या में धरने पर हैं।
मांगें पूरी कराकर ही लौटेंगेः अशोक राउत
राष्ट्रीय अध्यक्ष कमांडर अशोक राउत और राष्ट्रीय महामंत्री वीरेंद्र सिंह राजावत ने घोषणा की है कि वह अबकी पेंशनरों की मांगे पूरी करा कर ही वापस होंगे, इसलिए पिछले पांच दिनों से जारी श्रमिक अनशन के स्थान पर अब छठे दिन आमरण अनशन होगा और वह पीछे नहीं हटेंगे।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।