नई दिल्ली/गाजियाबाद, जागरण डिजिटल डेस्क। तीनों केंद्रीय कृषि कानूनों को पूरी तरह से वापस लेने की मांग को लेकर दिल्ली-यूपी के गाजीपुर बार्डर पर बृहस्पतिवार दोपहर गजब का ड्रामा हुआ। गाजीपुर बार्डर खाली करने के ड्रामे का अंत भाकियू नेता राकेश टिकैत के हैरान करने वाले बयान से हुआ कि किसान दीवाली त्योहार के चलते सफाई कर रहे थे, न कि बार्डर पर धरना प्रदर्शन खत्म कर रहे थे। इससे पहले बृहस्पतिवार को 1 बजे के आसपास भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत (Rakesh Tikait, national spokesperson of Bharatiya Kisan Union) ने ऐसा पैंतरा चला कि मीडियाकर्मी भी चकमा खा गए। हुआ यूं कि बृहस्पतिवार दोपहर में अचानक ही भाकियू नेता राकेश टिकैत गाजीपुर बार्डर पहुंचे और उनकी मौजूदगी में ही प्रदर्शनकारियों ने ट्रैक्टर से दिल्ली पुलिस के बैरिकेड के ऊपर लगे कंटीले तारों को गिरा दिया। इस बीच राकेश टिकैत कुछ प्रदर्शनकारियों के साथ फ्लाईओवर के नीचे दिल्ली पुलिस के बैरिकेड के पास बने तंबू (मीडिया सेंटर) में भी पहुंचे। यहां पर करीब 20 मिनट हाई वोल्टेज ड्रामा चला। उन्होंने प्रदर्शनकारियों के साथ तंबू हटाने का दिखावा किया। इस दौरान जमकर नारेबाजी हुई। कुछ प्रदर्शनकारी दिल्ली पुलिस के बैरिकेड तक पहुंच गए। उसके ऊपर लगे कंटीले तारों को नीचे गिरा दिया। ट्रैक्टर सवार प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की लेकिन सफल नहीं हुए।

कहा जा रहा है कि सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी की खबरें मीडिया में आने के बाद खुद राकेश टिकैत यूपी गेट पहुंचे और दिल्ली पुलिस की बैरिकेडिंग के साथ लगे एक तंबू की बल्लियां हटवाने लगे। तंबू का एक पर्दा भी हटवा दिया गया। राकेश टिकैत ने बैरिकेडिंग दिखाते हुए कहा कि दिल्ली पुलिस किसानों का रास्ता रोक रही है। किसानों के तंबू तो एक किनारे हैं। उन्होंने हाईवे को बंद नहीं किया है।

वहीं, राकेश टिकैत ने मीडिया की मौजूदी में यहां तक कह दिया कि किसान प्रदर्शनकारी गाजीपुर बार्डर खाली कर रहे हैं और संसद पर प्रदर्शन करेंगे। इसके कुछ देर बाद राकेश टिकैत ने यह कहकर आम लोगों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया कि वे बार्डर खाली नहीं कर रहे हैं। राकेश टिकैत ने तो यहां तक कह दिया कि दीवाली पर किसानों की ओर से सफाई का वीडियो दिखाकर अफवाह उड़ाई गई कि प्रदर्शनकारी गाजीपुर बार्डर खाली कर रहे हैं। ऐसा बिल्कुल नहीं है। किसानों का आंदोलन मांगे पूरी होने तक जारी रहेगा।'

नाममात्र के दिखे प्रदर्शनकारी

बृहस्पतिवार को यहां नाममात्र के दो-ढाई सौ प्रदर्शनकारी ही दिखे। मंच का संचालन हुआ। मंच पर आधा दर्जन वक्ता दिखे। उन्हें सुनने वालों की संख्या 15-20 रही। तंबू सूने पड़े रहे। दिल्ली जाने वाली सभी लेन बंद होने से वाहन चालक अन्य सीमाओं से गुजरे। जिससे उन्हें लंबा चक्कर काटना पड़ा। सीमाओं पर जाम से भी परेशान होना पड़ा।

कुछ देर बाद ही बयान से मुकरे

राकेश टिकैत ने कहा कि हम अपने टेंट हटा रहे हैं। दिल्ली पुलिस अपने बैरिकेड हटा लें तो गाड़ियां आराम से यहां से दिल्ली जा सकती हैं। उन्होंने कहा कि हम दिल्ली जाकर संसद पर धरना देंगे। हालांकि थोड़ी देर बाद ही वह अपने बयान से मुकर गए। एक भी तंबू वहां से नहीं हटा। उन्होंने कहा कि रणनीति बना रहे हैं। सभी साथियों से बात करके आगे की योजना के बारे में बताएंगे।

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बना रहा हाईवे पर कब्जा

उधर, हाईवे, संपर्क मार्ग और फ्लाईओवर के नीचे तंबू बृहस्पतिवार को भी लगे रहे। प्रदर्शनकारियों ने तंबुओं के किनारे पक्का निर्माण किया हुआ। पक्का निर्माण करके शौचालय, पानी की टंकी लगा रखी है। हाईवे पर ही लंगर भी जारी रहा।

आंकड़े एक नजर में

  • लंगर - 27
  • बड़े टेंट - 25
  • मझले टेंट - 80

हरदिन प्रभावित होने वाले वाहनों की संख्या

  • बाहरी वाहन - 1.10 लाख
  • स्थानीय वाहन - 90 हजार
  • ईधन की बर्बादी - तीन लाख लीटर

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Edited By: Jp Yadav