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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 22, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Kisan Andolan: जानिए राकेश टिकैत ने यूपी गेट पर लगी बैरिकेडिंग के लिए अब किसे ठहराया जिम्मेदार

By Vinay Kumar TiwariEdited By:
Published: Fri, 22 Oct 2021 03:57 PM (IST)Updated: Fri, 22 Oct 2021 06:13 PM (IST)

भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने अब यूपी गेट पर लगी बैरिकेडिंग के लिए फिर से बयान ...और पढ़ें

राकेश टिकैत हरे रंग से यहां लगे बैरिकेड पर लिखते हुए।
राकेश टिकैत हरे रंग से यहां लगे बैरिकेड पर लिखते हुए।

नई दिल्ली, विनय तिवारी। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने अब यूपी गेट पर लगी बैरिकेडिंग के लिए फिर से बयान बदला है। अब उन्होंने यहां लगी बैरिकेट के लिए सीधे केंद्र सरकार यानि मोदी सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। इसके लिए उन्होंने यूपी गेट पर लगी बैरिकेट्स पर बकायदा हरे रंग से इसे लिख भी दिया है। जिन जगहों से बृहस्पतिवार को टेंट हटाया गया वहां लगे बैरिकेड पर शुक्रवार की सुबह राकेश टिकैत हरा रंग लेकर ये लिखते भी देखे गए।

मालूम हो कि केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसान दिल्ली की सीमाओं पर बीते 11 माह से धरना देकर प्रदर्शन कर रहे हैं। केंद्रीय कृषि मंत्री से कई दौर की बातचीत के बाद भी उनकी मांगों का समाधान नहीं हो सका है। 26 जनवरी को किसानों ने अपनी मांगों के समर्थन में जो किया वो सभी ने देखा। किसानों के आंदोलन को लेकर पूरी दुनिया में इसकी आलोचना और समर्थन पर लोग अपनी-अपनी राय रख चुके है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कई शख्सियतों ने किसानों के आंदोलन का समर्थन किया।

यूपी गेट पर बृहस्पतिवार को अचानक से गहमागहमी शुरू हो गई। पता चला कि किसान अपना टेंट उखाड़ रहे है, इसको लेकर बहुत तेजी से खबरें वायरल हुई। कई वीडियो भी इंटरनेट मीडिया पर वायरल होने लगे। इसी बीच भारतीय किसान यूनियन के ट्विटर हैंडल से ये भी कहा गया कि ये अफवाहें फैलाई जा रही है। इस पर ध्यान न दिया जाए, किसानों का आंदोलन जारी है वो खत्म नहीं हुआ है। किसान यूपी गेट पर डटे हुए है। उधर शुक्रवार को यूपी गेट पर लगी बेरिकेडिंग पर राकेश टिकैत को ये लिखते हुए देखा गया कि बैरिकेडिंग की जिम्मेदार मोदी सरकार, मोदी सरकार रास्ता खोलो। फिलहाल यहां रास्ता बंद किए जाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी सुनवाई चल रही है। कोर्ट का स्पष्ट आदेश है कि प्रदर्शन करने का अधिकार हर नागरिक को है मगर रास्ता बंद करने का नहीं।

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