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    Delhi Riots: दिल्ली दंगे में पुलिसकर्मी रतन लाल की हत्या में शामिल वसीम गिरफ्तार, अलीगढ़ में था छिपा

    उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगे के दौरान हवलदार रतन लाल की हत्या में शामिल फरार आरोपित मोहम्मद वसीम को क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया। इसे उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ से गिरफ्तार किया गया है। हत्या में शामिल कई आरोपितों को पुलिस पहले गिरफ्तार कर चुकी है।

    By Rakesh Kumar SinghEdited By: GeetarjunUpdated: Mon, 03 Oct 2022 05:55 PM (IST)
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    दिल्ली दंगे की तस्वीर और हेड कांस्टेबल रतन लाल (फाइल फोटो)।

    नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगे के दौरान हवलदार रतन लाल की हत्या में शामिल फरार आरोपित मोहम्मद वसीम को क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया। इसे उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ से गिरफ्तार किया गया है। हत्या में शामिल कई आरोपितों को पुलिस पहले गिरफ्तार कर चुकी है। दंगे में पथराव के दौरान 50 पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। गंभीर रूप से घायल हवलदार रतन लाल की मौत हो गई थी।

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    पुलिस के अनुसार, जनवरी 2020 में सीएए और एनआरसी के खिलाफ वजीराबाद रोड, चांद बाग में विरोध प्रदर्शन चल रहे थे। उसी साल जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 23 फरवरी को दिल्ली आए थे। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को कर्मचारियों के साथ तैनात किया गया था। दोपहर में आयोजकों के आह्वान पर लाठियां, हथियार, लोहे की छड़, तलवारें, पत्थर, पेट्रोल बम और रासायनिक हथियार लेकर प्रदर्शनकारी वजीराबाद रोड की ओर भागने लगे। विरोध प्रदर्शनों ने उस दौरान हिंसक रूप ले लिया।

    50 पुलिसकर्मी हो गए थे घायल

    वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने उन्हें सर्विस रोड पर लौटने का निर्देश दिया। लेकिन प्रदर्शनकारी हिंसक हो गए और पुलिस पर पथराव और पेट्रोल बम फेंकने लगे। प्रदर्शनकारियों को शांत करने की कोशिश में 50 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हो गए।

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    रतल लाल हो गए शहीद

    कानून-व्यवस्था की व्यवस्था के लिए तैनात हेड कांस्टेबल रतन लाल अपनी ड्यूटी करते हुए शहीद हो गए। जांच के दौरान, सीसीटीवी और सीडीआर स्थानों, गवाहों के बयानों के आधार पर, पुलिस ने 22 आरोपियों को गिरफ्तार किया, जबकि पांच फरार हो गए और उन्हें भगोड़ा घोषित कर दिया गया।

    अलीगढ़ की फैक्टरी में कर रहा था काम

    इसके बाद, दिल्ली में विभिन्न स्थानों पर छापे मारे गए, लेकिन आरोपियों के बारे में कोई सुराग नहीं मिला। पुलिस को इनपुट मिला कि वसीम अलीगढ़ जिले में बहुत ही गुप्त तरीके से रह रहा था। इसके बाद, अलीगढ़ से जानकारी पुख्ता की गई और यह पुष्टि हुई कि आरोपी दिलशाद नाम की एक की छोटी सी फैक्ट्री में काम करता था। दिल्ली पुलिस की टीम ने अलीगढ़ पहुंचकर उसे गिरफ्तार कर लिया।

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