नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। दिल्ली हाई कोर्ट ने होटल प्रबंधन और लक्जरी रिसार्ट ग्रैंड विवांता वेकेशन प्राइवेट लिमिटेड द्वारा पंजीकृत ट्रेडमार्क 'विवांता' के उल्लंघन से जुड़े मामले में ताज होटल्स के मालिक द इंडियन होटल्स कंपनी के पक्ष में एक स्थायी निषेधाज्ञा दी है। न्यायमूर्ति प्रतिबा एम सिंह की पीठ ने ग्रैंड विवांता वेकेशन प्राइवेट लिमिटेड के विरुद्ध द इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड की याचिका का उक्त आदेश के साथ निपटारा कर दिया।

हाई कोर्ट ने द इंडियन होटल्स कंपनी के पक्ष में सुनाया फैसला

पीठ ने कहा कि तथ्यों को ध्यान में रखते हुए यह स्पष्ट है कि विवांता चिह्न ने स्पष्ट रूप से एक प्रसिद्ध चिह्न की स्थिति प्राप्त कर ली है। ऐसे में प्रतिवादी कंपनी ग्रैंड विवांता वेकेशन को स्थायी रूप से विवांता, विवान या किसी अन्य चिह्न को भ्रामक रूप से उपयोग करने से रोका जाता है। अदालत ने कहा कि पारित स्थायी निषेधाज्ञा एक नवंबर से प्रभावी होगी।

प्रतिवादी कंपनी पर डोमेन नाम का उपयोग करने पर रोक

पीठ ने कहा कि इसके अलावा प्रतिवादी कंपनी को www.grandvivanta.com डोमेन नाम का उपयोग करने से रोका जाता है और एक सप्ताह के भीतर इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड के पक्ष में स्थानांतरित करने का निर्देश जाता है। अदालत ने कहा कि संबंधित डोमेन नाम रजिस्ट्रार प्रतिवादी के अनुरोध पर तुरंत आदेशों को प्रभावी करेगा।अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि प्रतिवादी के रिसार्ट में विवांता/विवान के निशान वाले सभी जब्त सामानों को वादी के प्रतिनिधि की उपस्थिति में नष्ट कर दिया जाए।

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ग्रैंड विवांता वेकेशन पर लगा जुर्माना

अदालत ने प्रतिवादी को 15 अक्टूबर तक छह लाख की लागत का भुगतान करने का निर्देश दिया। उक्त निर्देशों के साथ अदालत ने प्रतिवादी कंपनी को अपने रिसार्ट आनलाइन प्लेटफार्म के साथ-साथ अपने मोबाइल एप्लिकेशन के लिए ग्रैंड विहान नाम का उपयोग करने की अनुमति दी। टाटा समूह की कंपनियों का एक हिस्सा, इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड ने यह पता लगाने के बाद दिल्ली उच्च न्यायालय का रुख किया कि प्रतिवादी समान व्यावसायिक गतिविधियों के संबंध में एक समान चिह्न 'विवांता' का उपयोग कर रहा था।

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Edited By: Aditi Choudhary

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