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    Delhi Election: 'केजरीवाल सबसे बड़े बेईमान', BJP के 27 साल के सूखे पर क्या बोले वीरेंद्र सचदेवा?

    Updated: Tue, 04 Feb 2025 08:49 AM (IST)

    Delhi Vidhan Sabha Chunav 2025 दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 से पहले बीजेपी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने दैनिक जागरण से खास बातचीत की। उन्होंने कहा कि केजरीवाल भारतीय राजनीति में सबसे बड़े बेईमान हैं। उन्होंने कोई भी वादा पूरा नहीं किया। दिल्ली में विकास नाम की कोई चीज नहीं है। सिर्फ लूट है। इस बार दिल्ली में बीजेपी की पूर्ण बहुमत की सरकार बनने वाली है।

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    दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने दैनिक जागरण के साथ विस्तार से चर्चा की। जागरण फोटो

    संतोष कुमार सिंह, नई दिल्ली।  Delhi Vidhan Sabha Chunav 2025 दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार समाप्त हो गया है। सभी प्रमुख दलों ने अपने घोषणा पत्र में महिलाओं, वंचित वर्ग व अन्य को साधने के लिए लोकलुभावन वादे किए हैं। भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चार चुनावी रैली की हैं।

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    गृह मंत्री अमित शाह सहित अन्य केंद्रीय मंत्रियों और भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री ने दिल्ली के चुनावी रण में कई दिनों तक प्रचार किया है। आप संयोजक अरविंद केजरीवाल और कांग्रेस नेता राहुल गांधी व प्रियंका वाड्रा ने भी अपने प्रत्याशियों के पक्ष में हवा बनाने की पूरी कोशिश की।

    इस चुनाव के मुद्दे, भाजपा की रणनीति व संभावनाओं पर पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने दैनिक जागरण के संतोष कुमार सिंह के साथ विस्तार से चर्चा की। प्रस्तुत हैं बातचीत के प्रमुख अंश-

    क्या इस बार दिल्ली में भाजपा का 27 वर्ष से चला आ रहा सत्ता का वनवास दूर होगा?

    -दिल्ली में भाजपा सरकार बनाने जा रही है। हम सत्ता नहीं सेवा का अवसर कहते हैं। सतयुग में भगवान राम को 14 वर्षों का वनवास हुआ था। यह कलयुग है। 27 वर्ष बाद फिर से दिल्ली में सनातन वापस आ रहा है। यहां डबल इंजन की सरकार बनेगी। प्रधानमंत्री विकसित भारत के साथ विकसित दिल्ली बनाना चाहते हैं।

    लोकसभा चुनाव में बड़ी जीत के बाद भी भाजपा विधानसभा चुनाव क्यों हार जाती है?

    - इसके पीछे आप की बहुत बड़ी साजिश थी। फर्जी मतदाताओं के माध्यम से उन्होंने जनमत को अगवा कर लिया था। पिछले दो विधानसभा चुनाव के समय बड़ी संख्या में फर्जी मतदाता बनाए गए। 2014 लोकसभा चुनाव के बाद वर्ष 2015 में हुए विधानसभा चुनाव के बीच आठ माह में 14 लाख और वर्ष 2019 के लोकसभा और वर्ष 2020 के विधानसभा के बीच आठ लाख मतदाता बढ़ गए थे।

    इस बार भी 24 दिसंबर से छह जनवरी तक मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए 5.10 लाख आवेदन किए गए, जिसमें से 0.5 प्रतिशत भी 18 वर्ष वाले नहीं हैं। अधिकांश की उम्र 50 से 80 वर्ष तक है। पहले इनके वोट कहां थे, इसकी कोई जानकारी नहीं है। अरविंद केजरीवाल ने बंग्लादेशी व रोहिंग्या घुसपैठियों को दिल्ली में बसाकर लोकतांत्रिक प्रक्रिया व सुरक्षा से खिलवाड़ कर रहे हैं। उनके विधायकों के घरों में घुसपैठियों के आधार कार्ड बनाए जाते हैं।

    पिछले दो विधानसभा चुनाव की तुलना में इस बार क्या बदलाव हुआ है, जिसके आधार पर भाजपा जीत का दावा कर रही है?

    -केजरीवाल ने भ्रष्टाचार दूर करने और समस्याओं के समाधान का वादा किया था। दिल्लीवासियों ने उनके ऊपर विश्वास कर लिया। अब उनकी सच्चाई सामने आ गई है। उन्होंने कोई भी वादा पूरा नहीं किया। यहां विकास नाम की कोई चीज नहीं है। सिर्फ लूट है। भारतीय राजनीति में इनसे अधिक बेईमान कोई और नहीं है। दिल्लीवासियों की समस्याएं हल करने की जगह अपने लिए शीश महल बनवाया।

    आप सरकार के सभी विभागों में भ्रष्टाचार है। शराब घोटाला, जल बोर्ड घोटाला, पैनिक बटन घोटाला, क्लास रूम घोटाला सहित कई घोटालों की जांच चल रही है। इनके घोटालों पर पूरी किताब लिखी जा सकती है। भाजपा की सरकार बनने पर आप सरकार के घोटालों की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआइटी) गठित किया जाएगा।

    इस चुनाव में कांग्रेस की क्या स्थिति है?

    -कांग्रेस कहीं नहीं हैं। वह पर्दे के पीछे से आप को सहयोग कर रही है। लोकसभा चुनाव भी दोनों मिलकर लड़े थे और भाजपा ने जीत प्राप्त की थी। विधानसभा चुनाव में भी भाजपा की जीत होगी। यह लड़ाई असत्य व सत्य की, भ्रष्टाचार व विकास की, धोखे व विश्वास की। एक तरफ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 10 वर्षों का काम है, उनके ऊपर देश का विश्वास है। दूसरी तरफ झूठे वादे व भ्रष्टाचार करने वाले केजरीवाल हैं।

    भाजपा विकसित भारत की बात करती है, लेकिन चुनाव प्रचार में अधिक जोर आरोप-प्रत्यारोप पर रहा?

    -दिल्ली के विकास के लिए केंद्र की मोदी सरकार ने कई काम किए हैं। केंद्र सरकार ने ईस्टर्न व वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे, दिल्ली मेरठ एक्सप्रेसवे, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, द्वारका एक्सप्रेसवे, प्रगति मैदान सुरंग सड़क, भारत मंडपम, यशोभूमि, कर्तव्य पथ, वार मेमोरियल, प्रधानमंत्री संग्रहालय बनाया। मेट्रो का विस्तार किया गया, नमो ट्रेन चलाई गई। इसी तरह से कई अन्य काम हैं जिसे मतदाताओं को बताया गया। वहीं, केजरीवाल ने सिर्फ अपने लिए शीश महल बनाया और भ्रष्टाचार किया।

    आप व कांग्रेस के घोषणा पत्र से कैसे अलग है भाजपा का संकल्प पत्र?

    -आप व कांग्रेस चुनाव के बाद घोषणा पत्र को भूल जाते हैं। भाजपा का संकल्प पत्र काम करने का संकल्प है। आम आदमी पार्टी कोई भी चुनावी वादा पूरा नहीं करती है। न यमुना साफ की और न दिल्लीवासियों को साफ पानी दिया। प्रदूषण की समस्या गंभीर हो गई है। महिलाओं को सुरक्षा व सम्मान देने की जगह उनका अपमान करती है। मुख्यमंत्री आवास में महिला सांसद के साथ मारपीट की जाती है। वादा कर पंजाब व दिल्ली में महिलाओं को पैसे नहीं दिए। भाजपा अपने सभी चुनावी वादे पूरा करती है।

    पिछले दो लोकसभा चुनाव में किए गए वादे पूरे किए गए। भाजपा शासित राज्यों में चुनावी वादे पूर कर महिलाओं को सम्मान राशि दी जा रही है। दिल्ली में भी महिलाओं को प्रति माह 2500 रुपये दिए जाएंगे। भाजपा का संकल्प पत्र मोदी की गारंटी है।

    इस चुनाव में यमुना की सफाई कितना बड़ा मुद्दा है?

    -आप सरकार ने यमुना को नाले में बदल दिया। केजरीवाल ने 15 वर्ष पहले यमुना साफ करने व डुबकी लगाने का वादा किया था। पिछले चुनाव में कहा था कि यदि वह यमुना साफ नहीं करेंगे तो अगली बार लोगों से वोट नहीं मांगेंगे। अब कह रहे हैं कि यमुना साफ करने से वोट नहीं मिलता है। दिल्लीवालों को उनका पुराना वादा याद कर लेना चाहिए। पल्ला तक यमुना साफ है।

    दिल्ली की सीमा में वह दूषित हो गई है, क्योंकि 18 नालों का गंदा पानी सीधे यमुना में गिराया जा रहा है। एक भी नया एसटीपी नहीं बनाया। पुराने एसटीपी मानक के अनुसार काम नहीं कर रहे हैं। अपनी कमी छिपाने के लिए हरियाणा पर पानी में जहर मिलाने का घिनौना आरोप लगाते हैं। वह हरियाणा में जन्म लिए हैं। वहां के विधानसभा चुनाव में अपने आप को हरियाणा का लाल बताते थे अब इस तरह के झूठे आरोप लगा रहे हैं।

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    भाजपा को कितनी सीटें मिलने की उम्मीद है?

    -यह भविष्यवाणी करना हमारा काम नहीं है, लेकिन यह स्पष्ट है कि दिल्ली में भाजपा की पूर्ण बहुमत की सरकार बनने वाली है।

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