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    UCC के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का एलान, ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने दी ये चेतावनी

    Updated: Tue, 28 Jan 2025 09:33 PM (IST)

    ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीबी) ने उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू किए जाने और संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) द्वारा स्वीकृत वक्फ संशोधन विधेयक के विरुद्ध आर-पार की लड़ाई का एलान किया है। बोर्ड ने कहा है कि अगर जरूरत पड़ी तो हम इस मुद्दे पर सड़कों पर उतरेंगे और जेल भरेंगे। आगे विस्तार से पढ़िए पूरी खबर।

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    वक्फ संशोधन विधेयक के विरुद्ध आर-पार की लड़ाई की चेतावनी दी है। फाइल फोटो

    जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीबी) ने उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू किए जाने और संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) द्वारा स्वीकृत वक्फ संशोधन विधेयक के विरुद्ध आर-पार की लड़ाई की चेतावनी दी है। 

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    राष्ट्रव्यापी आंदोलन की घोषणा करते हुए कहा गया है कि अगर जरूरत पड़ी तो हम इस मुद्दे पर सड़कों पर उतरेंगे और जेल भरेंगे। साथ ही उत्तराखंड के मुसलमानों से अपने धार्मिक कानूनों से समझौता नहीं करने का आह्वान किया है।

    संवैधानिक अधिकारों का दमन किया

    एआईएमपीबी ने दोनों मामलों को देश के लिए बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और नुकसानदेह बताते हुए कहा कि आंदोलन में अन्य मुस्लिम संगठन भी शामिल होंगे। बोर्ड के अध्यक्ष मौलाना खालिद सैफुल्लाह रहमानी ने कहा कि जेपीसी ने सभी लोकतांत्रिक और नैतिक मूल्यों का उल्लंघन किया है और संवैधानिक अधिकारों का दमन किया है। 

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    मुसलमानों के अधिकारों का हनन

    कहा कि लाखों लोगों की राय और भावनाओं की अनदेखी करते हुए और विपक्षी सदस्यों के प्रस्तावों को खारिज करते हुए विधेयक को मंजूरी देने की सिफारिश अनुचित, अलोकतांत्रिक और मुसलमानों के अधिकारों का हनन है। 

    यूसीसी कानून को अदालत में दी जाएगी चुनौती 

    इसी तरह, उत्तराखंड में यूसीसी अलोकतांत्रिक, असंवैधानिक और नागरिकों के मौलिक अधिकारों पर हमला है। इसलिए यह बिल्कुल स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने बताया कि बेंगलुरु में आयोजित बैठक में तय किया गया था कि यूसीसी कानून को अदालत में चुनौती दी जाएगी।

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