गाजियाबाद, जागरण संवाददाता। गाजियाबाद के नर्मदेश्वर महादेव मंदिर में जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर स्वामी प्रबोधानंद गिरि की हत्या के इरादे से घुसा आस मोहम्मद लव जिहाद की साजिश में लंबे समय से जुड़ा था। वह न केवल स्वयं युवतियों को हिंदू युवक बन अपने जाल में फंसा रहा था बल्कि दूसरे मुस्लिम युवाओं को भी इसके लिए उकसा रहा था। आस पूर्व में 15 से अधिक युवतियों को लव जिहाद में फंसाकर उनके साथ शारीरिक संबंध बना चुका है।

शारीरिक संबंध बनाने से पहले वह युवतियों को नशीला पदार्थ देता था और उनके बेहोश होने के बाद उनके साथ दरिंदगी करता था। आरोपित युवतियों के अंगों को दांत से काटकर घाव बनाता था और उनका वीडियो व फोटो खींच लेता था।

हिंदू युवतियों को दूसरे धर्म में शादी करने की देता था धमकी

उसकी असलियत पता चलने के बाद वह युवतियों को धमकी देता था कि अगर वह किसी हिंदू युवक से शादी करेंगी तो वह वीडियो और फोटो प्रसारित कर देगा और उनकी शादी तुड़वा देगा। इससे युवतियां डरी-सहमी रहती थीं और उसके कहे अनुसार चलती थीं।

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कई जगहों पर युवतियों को बनाया शिकार

आरोपित ने गौतमबुद्ध नगर की युवती से भी उसने दरिंदगी की थी। इसके साथ ही जयपुर, मेरठ, मुजफ्फरनगर की युवतियों के साथ भी वह ऐसा कर चुका है। उसने युवतियों से शारीरिक संबंध बनाने के लिए गौतमबुद्धनगर के दादरी व मेरठ में अलग-अलग कमरे किराये पर लिए हुए थे।

अंदेशा है कि पूछताछ के बाद उसके नेटवर्क का पर्दाफाश हो सकता है और उसके पीछे जुड़े संगठन का पता चलने के साथ कई गिरफ्तारियों की भी संभावना है।

लव जिहाद के लिए फंडिंग का भी है अंदेशा

अपने जाल में फंसाने के लिए आस मोहम्मद हिंदू युवतियों पर पैसे भी खर्च करता था। वह समीर शर्मा बनकर युवतियों को विभिन्न प्रकार के लालच देकर उनका मन बदल रहा था। गौतमबुद्ध नगर की युवती को उसने आइएएस बनाने का सपना दिखाकर यूपीएससी की परीक्षा दिलवाई थी और खुद भी उसके साथ परीक्षा में बैठा था। माना जा रहा है कि इसके लिए कोई संगठन उसकी फंडिंग कर रहा था। सुरक्षा एजेंसियां उसके बैंक खातों की जांच कर रही हैं।

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लंबे समय से महामंडलेश्वर की रेकी कर रहा था आस

जांच में पता चला है कि आस मोहम्मद लंबे समय से स्वामी प्रबोधानंद गिरि की रेकी कर रहा था। अंदेशा है कि उसके पीछे काम करने वाले लोग उनकी लोकेशन भी ट्रेस कर रहे थे। 21 सितंबर को प्रबोधानंद गिरि बागपत में थे। अचानक उन्होंने इकला के नर्मदेश्वर महादेव मंदिर में आने का कार्यक्रम बनाया और खुद ही कार चलाकर अकेले यहां पहुंचे और प्रवचन के बारे में बात कर लौट गए।

मंदिर में आने की जानकारी उन्होंने किसी को नहीं दी थी। 21 सितंबर को ही आस मोहम्मद मंदिर परिसर में पहुंचा और समीर शर्मा बनकर मंदिर परिसर में एक रात रुका। बाद में वह पिस्टल, ब्लेड, चाकू लेकर दो अक्टूबर को मंदिर परिसर में समीर शर्मा बनकर महामंडलेश्वर की हत्या के इरादे से घुसा और सेवादारों ने उसे पकड़कर पुलिस को सौंप दिया।

गाजियाबाद के एसपी देहात डा. ईरज राजा ने बताया कि आस मोहम्मद से कई एजेंसियां लगातार पूछताछ कर रही हैं। उससे मिल रही जानकारियों को तस्दीक किया जा रहा है। जानकारी के आधार पर जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

Edited By: Geetarjun

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