विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

दिल्ली में नानकसर से ट्रानिका सिटी तक 500 करोड़ में बनेगी छह किमी एलिवेटेड रोड, PWD करवा रही फिजिबिलिटी सर्वे

Published: Mon, 30 Mar 2026 07:32 PM (IST)

पीडब्ल्यूडी वजीराबाद रोड पर नानकसर गुरुद्वारा से ट्रानिका सिटी तक छह किलोमीटर लंबी एलिवेटेड रोड बनाने की योजना बना रहा ...और पढ़ें

पीडब्ल्यूडी ने नानकसर गुरुद्वारा से ट्रानिका सिटी तक करीब छह किलोमीटर लंबी एलिवेटेड रोड बनाने की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं।

पीडब्ल्यूडी ने नानकसर गुरुद्वारा से ट्रानिका सिटी तक करीब छह किलोमीटर लंबी एलिवेटेड रोड बनाने की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं।

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

सौरभ पांडेय, पूर्वी दिल्ली। वजीराबाद रोड व इसके आसपास लगने वाले भीषण ट्रैफिक जाम से राहत दिलाने के लिए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने नानकसर गुरुद्वारा से ट्रानिका सिटी तक करीब छह किलोमीटर लंबी एलिवेटेड रोड बनाने की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं। इस परियोजना के लिए फिजिबिलिटी सर्वे शुरू कर दिया गया है, जिसके आधार पर आगे विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जाएगी।

इंटरस्टेट ट्रैफिक की बढ़ती जा रही दिक्कत

यह एलिवेटेड कारिडोर नानकसर टी-प्वाइंट से शुरू होकर दिल्ली-उत्तर प्रदेश सीमा तक जाएगा और ट्रानिका सिटी को सीधे जोड़ेगा। अधिकारियों के अनुसार इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब पांच सौ करोड़ रुपये है। मौजूदा समय में इस मार्ग पर सड़क संकरी होने के कारण दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है। भारी वाहनों और इंटरस्टेट ट्रैफिक के कारण स्थिति और बिगड़ जाती है। पीडब्ल्यूडी का मानना है कि एलिवेटेड रोड बनने से लंबी दूरी का ट्रैफिक ऊपर शिफ्ट हो जाएगा, जबकि नीचे की सड़क स्थानीय आवागमन के लिए इस्तेमाल होगी, जिससे जाम में काफी कमी आएगी।

सामान्य चौड़ीकरण संभव नहीं 

सांसद मनोज तिवारी ने बताया कि फिजिबिलिटी सर्वे के दौरान ट्रैफिक फ्लो, पर्यावरणीय प्रभाव, सड़क किनारे पेड़ों की संख्या और भूमिगत पाइपलाइन जैसी बाधाओं का अध्ययन किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि इलाके में बड़ी संख्या में पेड़ होने के कारण सामान्य चौड़ीकरण संभव नहीं है, इसलिए एलिवेटेड रोड को बेहतर विकल्प माना गया है। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों का कहना है कि सर्वे रिपोर्ट आने के बाद आगे की प्रक्रिया तेज की जाएगी, जिसमें डिजाइन, मंजूरी और टेंडर शामिल होंगे।

क्यों जरूरी है एलिवेटेड रोड

वजीराबाद रोड और सोनिया विहार पुश्ता मार्ग लंबे समय से ट्रैफिक जाम का बड़ा केंद्र बना हुआ है। संकरी सड़क, बढ़ती आबादी और इंटरस्टेट वाहनों का दबाव स्थिति को और खराब करता है। सड़क चौड़ी करने की गुंजाइश कम होने के कारण एलिवेटेड रोड ही व्यवहारिक समाधान माना जा रहा है, जिससे ऊपर तेज रफ्तार ट्रैफिक और नीचे लोकल यातायात अलग-अलग हो सकेगा।

ये होंगे लाभ

एलिवेटेड रोड बनने से दिल्ली से यूपी बार्डर तक सिग्नल-फ्री सफर संभव होगा। इससे समय और ईंधन दोनों की बचत होगी। ट्रैफिक का दबाव कम होने से प्रदूषण में भी कमी आएगी। साथ ही ट्रानिका सिटी, लोनी और आसपास के क्षेत्रों से आने-जाने वाले लोगों को सीधा और तेज मार्ग मिलेगा, जिससे रोजाना लाखों यात्रियों को राहत मिलेगी।

यह भी पढ़ें- ISI से जुड़े लश्कर आतंकी शब्बीर लोन को दिल्ली कोर्ट ने भेजा 5 दिन हिरासत में, देशविरोधी गतिविधियों का है मास्टरमाइंड

यह भी पढ़ें- SSC CPO Result PDF: दिल्ली पुलिस CAPFs SI पेपर-1 रिजल्ट जारी, मेरिट लिस्ट एवं कटऑफ यहां करें डाउनलोड

यह भी पढ़ें- दिल्ली-NCR में बदला मौसम, फरीदाबाद में बूंदाबांदी तो नोएडा में चल रही तेज हवा; बादल छाने से पारा गिरा

यह भी पढ़ें- दिल्ली सरकारी स्कूलों की कंपार्टमेंट परीक्षाएं 10 अप्रैल से शुरू, डेटशीट जारी